BJP will be the largest party - Advani | भाजपा सबसे बड़ा दल होगा-आडवाणी
बीजद के राजग छोड़ने को गलत आकलन का नतीजा बताते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता और राजग के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार लालकृष्ण आडवाणी ने शुक्रवार को दावा किया कि आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा इकलौती सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरकर सामने आएगी।
बिहार के बक्सर, सासाराम और नवादा में चुनावी जनसभा को संबोधित करने के लिए रवाना होने से पूर्व पटना हवाई अड्डा पर उन्होंने कहा कि बीजू जनता दल ने उड़ीसा में अपनी ताकत का गलत आकलन कर राजग से नाता तोड़ा है एवं उसे अपनी गलती का अहसास भविष्य में होगा।
उन्होंने कहा कि एक बात जिसके प्रति वह पूरी तरह आश्वस्त हैं कि भाजपा लोकसभा चुनाव के बाद सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरकर सामने आएगी।
आडवाणी ने विभिन्न दलों द्वारा एकजुट होकर बनाए तीसरे मोर्चे के भविष्य के बारे में पूछे जाने पर उसे लोगों के बीच भ्रम पैदा करने वाला मोर्चा बताया।
राजद, लोजपा और सपा द्वारा बनाए गए चौथे मोर्चे के बारे में आडवाणी ने कहा कि तीसरे मोर्चे की तरह ही यह मोर्चा भी एक छलावा मात्र है।
आडवाणी ने कहा कि भाजपा का सबसे बड़ा योगदान यह है कि उसने भारतीय राजनीति में कांग्रेस के आधिपत्य को समाप्त कर दिया है और इसे दो ध्रुवीय कर दिया है। इसलिए अब देश में कोई भी सरकार इन दोनों पार्टियों के समर्थन के बनना संभव नहीं हैं।
राजग का भविष्य उज्जवल होने का दावा करते हुए आडवाणी ने कहा कि पिछले एक महीने में जिस प्रकार संप्रग का बिखराव हुआ उसका लाभ राजग को मिलेगा। उन्होंने कहा कि उड़ीसा में बीजू जनता दल के राजग से अलग हो जाने उन्हें नुकसान हुआ है, लेकिन उससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ा क्योंकि उन्होंने अपनी ताकत का गलत आकलन कर भाजपा की मदद के बिना आगे बढ़ने की गलतफहमी पाल रखी थी, जिसका उन्हें भविष्य में अहसास होगा।
आडवाणी ने कहा कि उन्हें इस बात का संतोष है कि उनके दल ने ही देश में चुनावी एजेंडा तय किया और कश्मीर के मामले में राष्ट्रीय सुरक्षा का एजेंडा बनाया।
उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान भी लोकतंत्र की स्थापना को उन्होंने एजेंडा बनाया था और छद्म लोकतंत्र का मुद्दा उठाकर इसे लागू कराया था।
आडवाणी ने सुशासन, विकास और राष्ट्रीय सुरक्षा को विपक्षी दलों के गठबंधन को चुनावी एजेंडा बताते हुए कहा कि बिहार, मध्यप्रदेश, राजस्थान और उत्तराखंड ने अपने ऊपर लगे बीमारू राज्य के दाग को मिटा दिया है और अब विकास के पथ पर तेजी से अग्रसर हैं।
उन्होंने कहा कि बिहार में 15 साल की राजद सरकार के दौरान फैली अव्यवस्था को नीतीश कुमार की अगुवाई वाली राजग सरकार ने सुधार दिया है।
बिहार के बक्सर, सासाराम और नवादा में चुनावी जनसभा को संबोधित करने के लिए रवाना होने से पूर्व पटना हवाई अड्डा पर उन्होंने कहा कि बीजू जनता दल ने उड़ीसा में अपनी ताकत का गलत आकलन कर राजग से नाता तोड़ा है एवं उसे अपनी गलती का अहसास भविष्य में होगा।
उन्होंने कहा कि एक बात जिसके प्रति वह पूरी तरह आश्वस्त हैं कि भाजपा लोकसभा चुनाव के बाद सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरकर सामने आएगी।
आडवाणी ने विभिन्न दलों द्वारा एकजुट होकर बनाए तीसरे मोर्चे के भविष्य के बारे में पूछे जाने पर उसे लोगों के बीच भ्रम पैदा करने वाला मोर्चा बताया।
राजद, लोजपा और सपा द्वारा बनाए गए चौथे मोर्चे के बारे में आडवाणी ने कहा कि तीसरे मोर्चे की तरह ही यह मोर्चा भी एक छलावा मात्र है।
आडवाणी ने कहा कि भाजपा का सबसे बड़ा योगदान यह है कि उसने भारतीय राजनीति में कांग्रेस के आधिपत्य को समाप्त कर दिया है और इसे दो ध्रुवीय कर दिया है। इसलिए अब देश में कोई भी सरकार इन दोनों पार्टियों के समर्थन के बनना संभव नहीं हैं।
राजग का भविष्य उज्जवल होने का दावा करते हुए आडवाणी ने कहा कि पिछले एक महीने में जिस प्रकार संप्रग का बिखराव हुआ उसका लाभ राजग को मिलेगा। उन्होंने कहा कि उड़ीसा में बीजू जनता दल के राजग से अलग हो जाने उन्हें नुकसान हुआ है, लेकिन उससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ा क्योंकि उन्होंने अपनी ताकत का गलत आकलन कर भाजपा की मदद के बिना आगे बढ़ने की गलतफहमी पाल रखी थी, जिसका उन्हें भविष्य में अहसास होगा।
आडवाणी ने कहा कि उन्हें इस बात का संतोष है कि उनके दल ने ही देश में चुनावी एजेंडा तय किया और कश्मीर के मामले में राष्ट्रीय सुरक्षा का एजेंडा बनाया।
उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान भी लोकतंत्र की स्थापना को उन्होंने एजेंडा बनाया था और छद्म लोकतंत्र का मुद्दा उठाकर इसे लागू कराया था।
आडवाणी ने सुशासन, विकास और राष्ट्रीय सुरक्षा को विपक्षी दलों के गठबंधन को चुनावी एजेंडा बताते हुए कहा कि बिहार, मध्यप्रदेश, राजस्थान और उत्तराखंड ने अपने ऊपर लगे बीमारू राज्य के दाग को मिटा दिया है और अब विकास के पथ पर तेजी से अग्रसर हैं।
उन्होंने कहा कि बिहार में 15 साल की राजद सरकार के दौरान फैली अव्यवस्था को नीतीश कुमार की अगुवाई वाली राजग सरकार ने सुधार दिया है।

