I miss mr. vajpayee-adwani | खल रही है वाजपेयी की कमी-आडवाणी
भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी को मौजूदा चुनाव प्रचार अभियान में अपने सहयोगी अटलबिहारी वाजपेयी की कमी खल रही है। उनका कहना है कि पूर्व प्रधानमंत्री जैसा कोई व्यक्ति ढूँढ़ पाना मुश्किल है।
लखनऊ लोकसभा सीट से वाजपेयी के स्थान पर चुनाव लड़ रहे भाजपा उम्मीदवार लालजी टंडन के लिए प्रचार करते हुए आडवाणी ने कहा अगर कोई मुझसे पूछे कि 14वीं और 15वीं लोकसभा के चुनाव में क्या अंतर है तो मैं कहूँगा कि मुझे वाजपेयीजी की कमी खल रही है। वे ऐसे व्यक्ति हैं, जिनसे मैंने मजबूती पाई और जिनका आशीर्वाद चाहा।
उन्होंने कहा वर्ष 1952 में हुए पहले आम चुनाव से लेकर अब तक मैं हमेशा चुनावी प्रक्रिया से या तो प्रचारक के तौर पर या फिर उम्मीदवार के रूप में जुड़ा रहा हूँ।
आडवाणी ने कहा वाजपेयी जैसा व्यक्ति ढूँढ़ना बेहद मुश्किल है। उनकी कोई निजी महत्वाकांक्षाएँ नहीं हैं। उनकी एकमात्र महत्वाकांक्षा थी भारत को विकसित राष्ट्र बनाना। मुझे यह तथ्य प्रोत्साहित करता है कि मुझे अटलजी के देखे सपने को साकार करना है।
लखनऊ लोकसभा सीट से वाजपेयी के स्थान पर चुनाव लड़ रहे भाजपा उम्मीदवार लालजी टंडन के लिए प्रचार करते हुए आडवाणी ने कहा अगर कोई मुझसे पूछे कि 14वीं और 15वीं लोकसभा के चुनाव में क्या अंतर है तो मैं कहूँगा कि मुझे वाजपेयीजी की कमी खल रही है। वे ऐसे व्यक्ति हैं, जिनसे मैंने मजबूती पाई और जिनका आशीर्वाद चाहा।
उन्होंने कहा वर्ष 1952 में हुए पहले आम चुनाव से लेकर अब तक मैं हमेशा चुनावी प्रक्रिया से या तो प्रचारक के तौर पर या फिर उम्मीदवार के रूप में जुड़ा रहा हूँ।
आडवाणी ने कहा वाजपेयी जैसा व्यक्ति ढूँढ़ना बेहद मुश्किल है। उनकी कोई निजी महत्वाकांक्षाएँ नहीं हैं। उनकी एकमात्र महत्वाकांक्षा थी भारत को विकसित राष्ट्र बनाना। मुझे यह तथ्य प्रोत्साहित करता है कि मुझे अटलजी के देखे सपने को साकार करना है।

