अंबिका को मिला अच्छे काम का इनाम

नई दिल्ली (भाषा) | भाषा| पुनः संशोधित शनिवार, 23 मई 2009 (17:50 IST)
कांग्रेस के जीवंत चेहरों में से एक अंबिका सोनी ने कई मौकों पर अपनी उपयोगिता साबित की है और इस प्रक्रिया में उन्होंने अपनी एक अच्छी छवि भी बनाई है।

महात्मा गाँधी की वस्तुओं की नीलामी को लेकर हाल में हुए विवाद और पर्यटन मंत्री के तौर पर इस मुद्दे को हल करने में उनकी राजनीतिक बुद्धिमता का सभी ने लोहा माना।

अंबिका का जन्म 13 नवंबर 1943 में अविभाजित पंजाब प्रांत में हुआ था। उन्होंने 1975 में भारतीय युवक कांग्रेस का अध्यक्ष बनकर अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत की। वे मार्च 1976 में राज्यसभा सदस्य चुनी गईं और 1988 में वे अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की अध्यक्ष बनीं। दोनों ही पदों पर वे अपनी छाप छोड़ने में सफल रहीं।
पिछली सरकार में पर्यटन मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान वे फेस ऑफ इंडिया बन गईं। उन्होंने अतुल्य भारत अभियान को लोकप्रिय बनाया। आर्थिक मंदी के काले बादल जब पर्यटन विभाग पर मँडराना शुरू हुए तो उन्होंने भारत भ्रमण अभियान शुरू किया।

वे गाँधी परिवार की करीबी और विश्वस्त हैं। उन्होंने कई संसदीय समितियों का संचालन किया है। सोनी को एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में भी जाना जाता है। उन्होंने राजधानी के अंदर और बाहर ऐतिहासिक स्मारकों को संरक्षित करने के लिए कई प्रयास किए।-भाषा



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