साध्वी प्रज्ञा ने नाथूराम गोडसे को बताया देशभक्त, अब माफी मांगी

Last Updated: गुरुवार, 16 मई 2019 (23:45 IST)
भोपाल। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को बृहस्पतिवार को देशभक्त बताने के कुछ ही घंटों बाद भोपाल लोकसभा सीट की भाजपा प्रत्याशी ने अपने इस विवादित को वापस लेते हुए इसे निजी बयान बताया और इसके लिए माफी मांगी। उन्होंने कहा कि वह इस मुद्दे पर पार्टी लाइन पर चलेंगी।
नाथूराम गोडसे को देशभक्त बताने का बयान देकर प्रज्ञा की देशभर में किरकरी हो गई थी। भाजपा ने उसके इस बयान से दूरी बना ली थी, जबकि विपक्षी दलों ने इसकी घोर निंदा करने के साथ-साथ इस बयान को देशद्रोही बयान तक बता दिया था।

मध्यप्रदेश भाजपा के उपाध्यक्ष विजेश लुनावत ने गुरुवार रात एक वीडियो जारी किया, जिसमें प्रज्ञा कह रही हैं, ‘यह मेरा निजी बयान था। मैं रोड शो कर रही थी। इस दौरान मुझे भगवा आतंकवाद के बारे में प्रश्न पूछा गया। यह मेरा त्वरित जवाब था क्योंकि मैं रास्ते में थी। मैं किसी की भावना को ठेस नहीं पहुंचाना चाहती थ। मेरे बयान से अगर किसी की भावना को ठेस पहुंची है तो मैं माफी मांगती हूं।’

वीडियो में उन्होंने कहा, ‘मैं गांधी जी का बहुत सम्मान करती हूं। गांधी जी ने जो देश के लिए किया है उसे भुलाया नहीं जा सकता है। मैंने टीवी नहीं देखा है लेकिन जो पार्टी लाइन है, भाजपा का निष्ठावान कार्यकर्ता होने के नाते मैं भी उस पर चलूंगी।' उन्होंने कहा, ‘मैं इस बयान के लिए माफी मांगती हूं।'

देवास लोकसभा सीट पर 19 मई को होने वाले चुनाव के लिए पार्टी प्रत्याशी महेन्द्र सोलंकी के समर्थन में आगर मालवा में रोड शो कर रहीं प्रज्ञा ने एक सवाल के जवाब में स्थानीय न्यूज चैनल से कहा था, ‘नाथूराम गोडसे देशभक्त थे, हैं और रहेंगे। गोडसे को आतंकी बोलने वाले खुद के गिरेबान में झांक कर देखें। अबकी बार चुनाव में ऐसा बोलने वालों को जवाब दे दिया जाएगा।’
इस चैनल के पत्रकार ने प्रज्ञा से सवाल किया था कुछ दिन पहले कमल हासन ने गोडसे को देश का पहला हिन्दू आतंकवादी कहा था, इस पर आपकी क्या प्रतिक्रिया है।

उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले मक्कल नीधि मैयम (एमएनएम) के संस्थापक एवं मशहूर अभिनेता कमल हासन ने महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे के संदर्भ में विवादित बयान देते हुए कहा था कि ‘आजाद भारत का पहला चरमपंथी एक हिंदू था।’ प्रज्ञा वर्ष 2008 में हुए मालेगांव विस्फोट मामले में आरोपी हैं और फिलहाल जमानत पर हैं।
भोपाल लोकसभा सीट पर प्रज्ञा का मुख्य मुकाबला कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह से है। इस सीट पर 12 मई को मतदान हो चुका है और अब वह पार्टी के अन्य प्रत्याशियों के लिए प्रदेश में प्रचार कर रही हैं।

भाजपा ने बयान से किया था किनारा : भाजपा ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को देशभक्त बताए जाने वाले साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के बयान पर उससे किनारा करते हुए सार्वजनिक रूप से माफी मांगने को कहा था।
भाजपा के प्रवक्ता जीवीएल नरसिम्हा राव ने साध्वी प्रज्ञा के बयान के बारे में पूछे जाने पर कहा था कि हमने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के बारे में साध्वी प्रज्ञा का बयान देखा है। हम इस बयान से पूरी तरह असहमत हैं और इसकी कठोर शब्दों में निंदा करते हैं।

साध्वी प्रज्ञा पहले भी विवादित बयान देती रही हैं। भोपाल से भाजपा उम्मीदवार बनने के तुरंत बाद उन्होंने वर्ष 2008 के मुंबई आतंकवादी हमलों में शहीद भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी हेमंत करकरे पर भी विवादित टिप्पणी की थी। अयोध्या मसले पर भी उनका बयान विवादों में रहा था।
सामने आया भाजपा का डीएनए : कांग्रेस प्रवक्ता साध्वी के बयान पर कहा था कि रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि 'अब साफ है, भाजपाई हैं गोडसे के वंशज! भाजपाई बताते हैं गोडसे को देशभक्त और शहीद हेमंत करकरे को देशद्रोही! हिंसा की संस्कृति और शहीदों का अपमान ही है भाजपाई डीएनए!'

अपने ट्‍वीट में सुरजेवाला ने लिखा कि 'मोदी-अमित शाहजी की चहेती भाजपा नेत्री, प्रज्ञा ठाकुर ने एक बार फिर गांधी जी के हत्यारे, नाथूराम गोडसे को ‘सच्चा देशभक्त’ बता पूरे देश का अपमान किया है। यह भारत के गांधीवादी मूल सिद्धांतों का तिरस्कार करने का घिनौना भाजपाई षड्यंत्र है।

 

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