लोकसभा चुनाव मतगणना : सभी तैयारियां पूरी, परिणामों में हो सकता है कुछ विलंब

Last Updated: बुधवार, 22 मई 2019 (21:26 IST)
नई दिल्ली। लोकसभा की 543 में से 542 सीटों पर हुए 7 चरणों के चुनाव के बाद गुरुवार को होने वाली मतगणना की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मतगणना केन्द्रों पर सुबह 8 बजे से वोटों की गिनती शुरू हो जाएगी। सुरक्षा के भी कड़े बंदोबस्त किए गए हैं।

लोकसभा चुनाव में पहली बार EVM के मतों का सत्यापन करने के लिए VVPAT की पर्चियों से मिलान किए जाने के कारण चुनाव परिणाम घोषित होने में थोड़ा विलंब होने की आशंका से चुनाव आयोग ने इनकार नहीं किया है। आयोग के अनुसार VVPAT सत्यापन प्रक्रिया में 4 से 5 घंटे का समय लग सकता है।

उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार प्रत्येक लोकसभा क्षेत्र में किसी एक विधानसभा क्षेत्र के किन्हीं 5 मतदान केन्द्रों की वीवीपीएटी मशीनों की पर्चियों का मिलान ईवीएम के मतों से किया जाएगा। इस बाध्यता का हवाला देते हुए आयोग के एक अधिकारी ने कहा कि इससे परिणाम आने में देरी हो सकती है।
मतगणना शुरू होने के समय वीवीपैट की पर्चियों का ईवीएम से मिलान करने की 22 विपक्षी दलों की मांग ठुकराने के बाद आयोग ने पहले की तरह ही मतों की गिनती कराने का फैसला किया है। इस बारे में सभी आवश्यक दिशा-निर्देश राज्य चुनाव अधिकारियों को दे दिए गए हैं।

7 चरण के मतदान के बाद 542 सीटों पर 8,000 से अधिक प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला 23 मई को मतगणना के बाद होगा। तमिलनाडु की वेल्लोर सीट पर गड़बड़ी की शिकायतों के बाद आयोग ने मतदान स्थगित कर दिया था।
मतदान के बाद आए एक्जिट पोल के अधिकतर नतीजों में भाजपा की अगुवाई वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के फिर से सत्ता में आने की संभावना जताई गई है। हालांकि विपक्षी दलों ने एक्जिट पोल के नतीजों को खारिज करते हुए कांग्रेस सहित अन्य दलों की मौजूदगी वाले गठबंधन की सरकार बनने का दावा किया है।

लोकसभा चुनाव के लिए 11 अप्रैल से 19 मई तक 7 चरणों में हुए मतदान में 90.99 करोड़ मतदाताओं में से करीब 67.11 प्रतिशत लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है। भारतीय संसदीय चुनाव में यह अब तक का सबसे अधिक मतदान है। चुनाव आयोग ने अभी तक गुरुवार को होने वाली मतगणना के केन्द्रों की संख्या उपलब्ध नहीं कराई है।

प्रक्रिया के मुताबिक सबसे पहले डाक मतपत्रों की गिनती की जाएगी। ड्यूटी पर तैनात मतदाताओं (सर्विस वोटर) की संख्या करीब 18 लाख है। इनमें सशस्त्र बल, केन्द्रीय पुलिस बल और राज्य पुलिस बल के जवान शामिल हैं, जो अपने संसदीय क्षेत्र से बाहर तैनात हैं।

विदेश में भारतीय दूतावासों में पदस्थ राजनयिक और कर्मचारी भी सेवा मतदाता हैं। इन 18 लाख पंजीकृत मतदाताओं में से 16.49 लाख ने 17 मई को अपने अपने रिटर्निंग अधिकारियों को डाक मतपत्र भेज दिए थे।

चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि हाथों से डाक मतपत्रों को गिनने के कारण लगने वाले अतिरिक्त समय को बचाने के लिए डाक मतपत्रों और ईवीएम के मतों की गणना एकसाथ की जाएगी।

चुनाव मैदान में किस्मत आजमा रहे प्रमुख नेताओं में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा विभिन्न केंद्रीय मंत्री, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव सहित विभिन्न दलों के प्रमुख नेता शामिल हैं।
गृह मंत्रालय का कहना है कि सभी राज्यों के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों को मतगणना के दिन कानून व्यवस्था बनाए रखने और पूरी तरह सतर्क रहने को कहा गया है। मंत्रालय ने राज्यों से मतगणना केंद्रों और उनमें बने 'स्ट्रांग रूम' की सुरक्षा के लिए भी सभी एहतियाती उपाय करने को कहा है।

मंत्रालय का कहना है कि कई रिपोर्टों में चुनाव परिणामों के बाद हिंसा और व्यवधान पैदा करने की बात सामने आ रही है और इसे देखते हुए उसने सभी राज्यों से एहतियाती कदम उठाने को कहा है।
मतों की गिनती के लिए चुनाव आयोग द्वारा पहले से निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं का पालन किया जाएगा और इसमें किसी तरह की खामियों तथा गड़बड़ियों को तत्काल दूर करने की भी व्यवस्था की गई है ताकि मतगणना सुचारू और निर्बाध रूप से चलती रहे।

भीषण गर्मी को देखते हुए मतगणना में भाग लेने वाले कर्मचारियों और राजनीतिक दलों के एजेंटों के लिए भी विशेष प्रबंध किए गए हैं ताकि उन्हें किसी तरह की कोई असुविधा न हो।
चुनाव परिणाम आयोग की वेबसाइट और ‘वोटर हेल्पलाइन ऐप’ पर उपलब्ध होंगे। आयोग ने इस बार के लोकसभा चुनाव के लिए 55 लाख EVM का उपयोग किया है।

 

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