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24 जनवरी : राष्ट्रीय बालिका दिवस पर कविता

शनिवार,जनवरी 23, 2021
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बेटी युग में खुशी-खुशी है, पर मेहनत के साथ बसी है। शुद्ध कर्म-निष्ठा का संगम, सबके मन में दिव्य हंसी है।
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बीस जनवरी, बुधवार की रात लगभग 10.15 बजे जब भारत के नागरिक सोने की तैयारी कर रहे थे, तब वॉशिंगटन में दिन के 11.45 बज रहे थे। यही वह क्षण था जिसकी अमेरिका के करोड़ों नागरिक रातभर से प्रतीक्षा कर रहे थे। उस कैपिटल हिल पर जहां सिर्फ़ 2 सप्ताह पहले (6 ...
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कहते हैं तस्‍वीरें कभी झूठ नहीं बोलती-- ‘अ फोटो इज इक्‍वल टू थाउजेंड वर्ड्स’, लेकिन यह मिथक अब पूरी तरह से बदल चुका है। सोशल मीडिया पर नजर आने वाली तस्‍वीरों की मदद से ही यह झूठ आदमी के जेहन तक पहुंचता है। यह झूठ अक्‍सर वीडि‍यो के तौर पर और कई ...
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बहुत से लोग सोचते रहते हैं कि अपना भी टाइम कभी आएगा, तब हम दुनिया को बता देंगे कि हम क्या है। अभी वक्त है बुरा और कभी तो होगा अपना वक्त अच्छा। कभी तो अच्छा समय आएगा। लेकिन ये अच्छा समय या अपना टाइम कब आता है? आओ जानते हैं इस संबंध में 5 गुरु मंत्र।
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कई लोग खुद को ज्ञानी समझते हैं लेकिन वे होते हैं जानकार। मतलब उनके भीतर जानकरी भरी पड़ी है ज्ञान नहीं। कई लोग ज्ञानी होते हैं परंतु वे होते हैं अयोग्य। अर्थात योग्यता तो कुछ काम करने से ही हासिल होती है। कई लोग बस खालिस ज्ञानी होते हैं जो सोचते ही ...
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इस सब्सिडी के खत्म होने से लोकसभा सचिवालय को हर साल लगभग 8 से 10 करोड़ रुपये की बचत होगी। निश्चित रूप से तमाम सुविधाभोगी और एक ही कार्यकाल में उम्र भर पेंशन की सुविधा के पात्र सांसदों को ऐसी सब्सीडी तब शोभा भी नहीं देती थी जब देश के निजी सेक्टर में ...
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अगर आप भी खुद को देशभक्त मानते हैं तो पहले अपने दिल पर हाथ रखकर इन बातों को पढ़ें क्या आप ऐसा करते हैं? अगर हां, तो आप सच्चे देशभक्त हैं....अगर नहीं तो वक्त है सुधर जाइए....
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जीवन गतिहीन निस्तेज जड़ता न होकर नित नए प्रवाह की तरह निरंतर गतिशील तेजस्विता का पर्याय है। किसी सरकार का आना-जाना बनना-बिगड़ना महज एक घटना है। प्राय: सरकारें लकीर की फकीर की तरह होती हैं पर जनआंदोलन हर बार सृजनात्मक परिवर्तन की नई-नई लकीरें खींचना ...
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दुनिया के जिन-जिन देशों में कोरोनावायरस का संक्रमण रोकने के लिए टीकाकरण (वैक्सीनेशन) की शुरुआत हुई है, वहां का अनुभव है कि इसकी सफलता के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है कि लोगों का वैक्सीन को लेकर भरोसा बने। उन्हें यह यकीन हो कि वैक्सीन उनको वायरस से ...
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राजदीप सरदेसाई की गिनती देश के बड़े पत्रकारों में होती है।वे मूलतः अंग्रेज़ी में लिखते हैं पर पढ़े हिंदी में ज़्यादा जाते हैं।अंग्रेज़ी के अधिकांश पत्रकारों की पाठकों के क्षेत्र में निर्भरता हिंदी पर ही है।राजदीप एक सम्पन्न ,विनम्र और ‘सामान्यतः’ ...
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गणतंत्र दिवस 2021- अपना वतन जान से प्‍यारा, झंडा ऊंचा रहे हमारा, गंगा यमुना सरस्वती जैसी
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गणतंत्र दिवस का मौका पूरे देश के लिए गर्व और गौरव का विषय है। इस अवसर पर पूरे देश में पूरी गरिमा के साथ आयोजन किए जाते हैं। आइए इस अवसर पर आपके लिए प्रस्तुत हैं खासतौर से गणतंत्र दिवस को ध्‍यान में रखकर लिखी गई खास कविता-
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लेखक, चित्रकार इरा टाक की नई ऑडियो बुक 'रंगरेज़ पिया' पिछले दिनों स्वीडिश ऑडियो कंपनी स्टोरीटेल पर रिलीज़ हुई। इससे पहले उनका ऑडियो नॉवेल गुस्ताख इश्क बेस्ट सेलर में बना हुआ है।
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फिल्मों के नाम हों याकि उसके दृश्य, धारावाहिक, कॉमेडी, वेबसीरीज या अन्य दृश्य सामग्री जिन्हें विवादित कहा गया हो तथा जिन पर समाज ने आपत्ति दर्ज करवाकर विरोध किया हो। उन सभी का गहराई से विश्लेषण करने पर सबके मूल में एक बात ही सामने आती है कि फिल्म ...
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यह किताब एक ओर अमेरिका और उसके राष्ट्रपति के सर्वशक्तिमान होने के मिथक को उघाड़ती है तो दूसरी ओर उन संकटों और दुविधाओं को भी उजागर करती है जिनसे ‘दुनिया का सबसे पुराना लोकतंत्र’ आज जूझ रहा है।
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खास बात यह है कि जो बि‍डेन ने 20 भारतीय-अमरीकियों को नामित किया है। इसमें 13 महिलाएं हैं। 20 भारतीय-अमरीकियों में से 17 को वाइट हाउस में अहम जिम्मेदारी दी गई है। इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है, जब शपथ ग्रहण समारोह से पहले किसी राष्ट्रपति की ...
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भारत की सुरक्षा से जुड़े कई कामयाब ऑपरेशन के पीछे डोवाल का दिमाग माना जाता है। उनका जीवन किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं रहा है, अगर यूं कहे कि अजीत डोवाल इस सरकार के या मोदी के ‘जेम्स बॉन्ड’ हैं तो शायद गलत नहीं होगा। देश के इस जेम्स बॉन्ड के बारे में ...
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जिंदगी कठिन है। यह कठिन इसलिए है कि हम अपनी क्षमताओं को पहचानते ही नहीं या हम अपनी योग्यता को बढ़ाते नहीं। जिंगगी संघर्षमय हैं क्योंकि हम इसे ऐसा ही समझते हैं तो फिर जिंदगी एक उत्सव कैसे बनेगी? कई लोग कहते हैं कि जीवन एक संघर्ष है। दरअसल जिन्होंने ...
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किताबें जहां हमारा दिमाग खराब करती हैं वहीं वे हमारे दिमाग को सही भी कर देती है। यदि आप अच्छी किताबें पढ़ते हैं तो अच्छा भविष्य होगा और बुरी किताबें पढ़ते हैं तो अच्छे भविष्य की कोई गारंटी नहीं। इसीलिए अच्छी किताबों को अपना साथी बनाएं जो आपके ...
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