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चर्चा में है भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा का आक्रामक अंदाज

सोमवार,अक्टूबर 19, 2020
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गुजरात में बगैर गरबे की नवरात्रि न कभी देखी न सुनी..इस वर्ष माँ चाचर चौक में नही पधारी..शहर सूना.. गरबा ग्राउंड सूने..रातें सूनी..
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हम पिछले अनेक चुनावों में देखते आ रहे हैं कि चुनावों की घोषणा के पहले तक तो सभी दल विकास और जनता की आवाज़ बनने का दावा करते हैं। लेकिन घोषणा होने के बाद ज्यों-ज्यों प्रचार रफ़्तार पकड़ता है त्यों-त्यों असली मुद्दे ग़ायब होते जाते हैं। व्यक्तिगत ...
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शेखर को पीछे से वाहन आने की आवाज सुनाई दी, उसका अंदाजा भी सही निकला जो पुलिस का ही वाहन था। शेखर ने उन्हें रोका और सम्पूर्ण घटनाक्रम फिर से बतलाया उस वाहन में करीब एक दर्जन पुलिस के जवान थे।
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यह राजस्‍थान के एक सामुहिक दुष्‍कर्म मामले की घटना के सच का सिर्फ एक हिस्‍सा है। ऐसा भारत के कई शहरों और दूर-दराज के गांवों में अक्‍सर होता है जिसकी खबर मीडि‍या को कभी नहीं लगती है।
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने जब महाराष्ट्र से प्रकाशित होने वाली एक पत्रिका से अपने साक्षात्कार में कहा होगा कि पूरी दुनिया में भारत के मुस्लिम ही सबसे ज़्यादा संतुष्ट हैं, तब वे निश्चित ही कल्पना नहीं कर पाए होंगे कि एक राष्ट्रभक्त ...
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ओम पुरी अपनी फिल्म आक्रोश में खुद को इस तरह साबित करते है कि हिंदी सिनेमा को उनमें एक नया एंग्री यंगमेन नजर आने लगता है। एक ऐसा एंग्री यंग मेन जिसे गुस्से में सांस फुलाने और हाथ-पैर मारने की जरुरत नहीं थी, वो अपनी आंखों, आंखों की पुतलियों और ...
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बाल जीवन के आनंद और कल्पनाशीलता का कोई ओर-छोर नहीं है। भारत और एशिया के बच्चों के खेलकूद की सादगी और कल्पनाशीलता का कोई सानी नहीं है। 'अष्ट चंग पे' ये कोई चीनी साम्राज्य के पुराने राजा का नाम नहीं है। ये नाम है पुरानी पीढ़ी के भारत और एशिया के कई ...
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जब एक अनुभवी गृहिणी किसी कार्यक्षेत्र में आती है तो हर कार्य के लिए उसका एक अलग ही नज़रिया होता है। यही बात इंदौर जिले की उत्कृष्ट ग्राम पंचायत कोदरिया की सरपंच श्रीमती अनुराधा जोशी पर सटीक बैठती है।
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मां जैसी दुर्लभ देन मनुष्य जाति के लिए कोई दूसरी नहीं। एक ओर वह वात्सल्य की प्रतिमूर्ति है तो दूसरी ओर शक्ति का अजस्र स्रोत।भारतीय आस्था सृष्टि के उदय से ही इसी मां की आराधना करती रही है।हमारी परम्परा में सप्त मातृकाओं की पूजन और आराधना इतिहास के ...
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यह सिंदूरी आभा लेकर..अष्टभुजा सी उर्जा पाएं...जग जननी तू...मैं घर की मां...
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मध्यप्रदेश के सुप्रसिद्ध राजनीतिक विश्लेषक एवं प्रखर पत्रकार कृष्ण मोहन झा द्वारा प्रधानमंत्री मोदी के प्रथम कार्यकाल के दौरान लिखी गई थी। इस पुस्तक का शीर्षक था- यशस्वी मोदी।
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‘कोरोना वायरस’ और इसकी भयावह ‘त्रासदी’ के बीच ‘उम्‍मीद की इस नवजात’ तस्‍वीर को अपनी जिंदगी में हर कोई साकार कर लेना चाहता है।
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ये जो बारिश है मेरे आंगन में टपकती हुई, कानों में संगीत घोलती। मेरे हिस्से के आसमान से मेरे आंगन में रोशनी फैलाती धूप। चौगान सजाते महकाते रंगबिरंगे फूल। कुछ कविताएं, कहानियां, अदरक वाली चाय के साथ हर वक्त साथ होने की राहत देते दो जोड़ा पांव। फिल्म के ...
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इसका दुखद पहलू यह है कि पढ़े-लिखे और एज्‍युकेटेड लोग अपनी व्‍हाट्सएप्‍प यूनिवर्सिटी से नफरत की यह पाठशाला तैयार कर रहे हैं। बि‍ना सोचे-समझे व्‍हाट्एप्‍प से फेक न्‍यूज, फोटो और वीडि‍यो वायरल कर देने वाली यह मानसिकता एक होड़ में तब्‍दील हो चुकी है।
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मां आई हो जो इस दफा तो जाना नहीं, रुको देखो जरा गिरते हुए मानदंडों को, बिखरते मुक्त स्वप्नों को
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मां, मुझे आपकी क्षमता पर तो कोई सवाल है ही नहीं, पर आप क्यों मौन हैं मैं आपकी हुंकार सुनना चाहती हूं, धनुष की टंकार सुनना चाहती हूं।
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क्या चिंता केवल यहीं तक सीमित कर ली जाए कि कुछ टीवी चैनलों ने विज्ञापनों के ज़रिए धन कमाने के उद्देश्य से ही अपनी टीआरपी बढ़ाने के लिए उस बड़े फ़र्जीवाड़े को अंजाम दिया होगा जिसका कि हाल ही में मुंबई पुलिस ने भांडाफोड़ किया है?
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भारत सरकार ने वंदे भारत मिशन की घोषणा कर दी। इस मिशन के तहत घर वापस जाने के लिए अकेले दुबई सीजीआई ऑफिस में साढ़े 6 लाख लोगों ने आवेदन दे दिया। बड़ी संख्या में आवेदन अबुधाबी स्थित दूतावास में भी पहुंचे।
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बॉलीवुड भी तभी तमतमाया और एकजुट होकर सामने आया जब मीडि‍या ने उसके ऊपर कीचड़ उछाला। बॉलीवुड को इसलिए भी संदिग्‍ध नजरों से देखा जाना चाहिए, क्‍योंकि इसके पहले वो कभी किसी दूसरे मुद्दे पर मुखर नहीं हुआ और सामने नहीं आया।
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