Daily Horoscope
✕

194 साल का कछुआ जोनाथन बता सकता है लंबे जीवन का रहस्य

Written By DW
Updated: मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 (08:43 IST)
निखिल रंजन
अल्डाब्रा जायंट प्रजाति के कछुए आमतौर पर 100 साल से ज्यादा जीवित रहते हैं। हालांकि जोनाथन इस सीमा को पार कर बहुत आगे चला गया है। दक्षिणी अटलांटिक के सुदूर द्वीप सेंट हेलेना में पूरी तह विकसित हो जाने के बाद उसे 1882 में संभवतया ग्रैनिटिक सेशेल्स से लाया गया था। अब यह वन्यजीव यहां गवर्नर के आवास प्लांटेशन हाउस के एक बाड़े में रहता है। ALSO READ: प्लेग ने 5,500 साल पहले भी मनुष्यों को मारा था
 
बेंजामिन वाइसविल कालेर नाम के एक संगठन से जुड़े रिसर्चर हैं। जोनाथन के बारे में बीते हफ्ते साइंस एडवांसेज जर्नल में एक रिसर्च रिपोर्ट छपी थी। बेंजामिन वाइसविल उस रिपोर्ट के सहलेखक भी हैं। उनका कहना है, "दूसरे अल्डाब्रा कछुओं ने भी जोनाथन जितनी लंबी जिंदगी जी है लेकिन उम्र को साबित करने के दस्तावेज सबसे ज्यादा उसी के बारे में हैं।"
 

जोनाथन की लंबी आयु का रहस्य

वैज्ञानिकों का कहना है कि अपनी जेनेटिक खूबियों और कोशिका तंत्र को खास तरह से इस्तेमाल करने की काबिलियत इसकी इतनी लंबी आयु की वजह है।
 
वैज्ञानिकों ने जोनाथन की लंबी आयु के रहस्य का पता लगाने के लिए उसके जीनोम की सिक्वेंसिंग की है और एपिजीनोम का विश्लेषण किया है। ये वे केमिकल मार्कर हैं जो यह नियंत्रित करते हैं कि किस जीन का स्विच ऑन और ऑफ करना है। 
 
वैसविल का कहना है, "हमने देखा कि जोनाथन के दीर्घायु होने का रास्ता जीनोम में बदलाव से जुड़ा है, मसलन डीएनए की मरम्मत, माइटोकॉन्ड्रिया की गतिविधियां, इंसुलिन पर नियंत्रण और टेलोमेरे फंक्शन।"
 
माइटोकॉन्ड्रिया की संरचना को कोशिका का पावरहाउस कहा जाता है। इंसुलिन एक हार्मोन है जो खून में शुगर की मात्रा को नियंत्रित करता है। यह शरीर की कोशिकाओं में शुगर को ले जाता है जिससे उन्हें ऊर्जा मिलती है। टेलोमेरे क्रोमोसोम के सिरों पर मौजूद सुरक्षात्मक आवरण हैं। क्रोमोसम कोशिका के नाभिक के अंदर जेनेटिक इंफॉर्मेशन पहुंचाते हैं। ALSO READ: कैसे ब्रिटेन को जर्मनी और ईयू के करीब लाए ट्रंप
 

दूसरे अलडाब्रा कछुओं से जोनाथन की तुलना

रिसर्चरों ने जोनाथन के एपिजीनोम की तुलना चार दूसरे अल्डाब्रा कछुओं के एपिजीनोम से की। इनमें नाबालिग और वयस्क दोनों तरह के कछुए शामिल थे। जोनाथन को खिलाने का नाटक करते हुए वे अपने हाथ उसके मुंह के सामने ले गए। जब उसने मुंह खोला तो दस्ताने पहने हाथों से खास उपकरणों के जरिए उसकी जीभ खुरची गई। सेंट हेलेना के अधिकारियों ने संक्रमण के खतरे से बचने के लिए उसके खून के नमूने लेने पर पाबंदी लगा दी है।
 
जो कुछ पता चला है उसे समझाने के लिए वाइसविल ने जीनोम की  कुकबुक और एपिजीनोम को नोटबुक में हाशिये पर हाथ से लिखे नोट से तुलना की। उनका कहना है, "जैसे जैसे कुकबुक पुराना होता है उन नोट्स को साफ साफ पढ़ना ज्यादा मुश्किल हो जाता है। हम उसे मेथाइलेशन एनट्रॉपी की तरह समझ सकते हैं।" वाइसविल ने एक खास जैवरासायनिक प्रक्रिया में मापतौल से जुड़ी गड़बड़ी का जिक्र किया।
 
जोनाथन के "कुकबुक" में दर्ज ज्यादातर नोट्स काफी पुराने हैं। हालांकि कुछ हिस्सों में डीएनए का प्रसार ऐसा है जो जीनों के लिए ऑन और ऑफ स्विच की तरह काम करता है। जोनाथन की मेथाइलेशन एनट्रॉपी रिसर्च में शामिल 5 साल के एक नाबालिग कछुए को छोड़ दूसरे सभी कछुओं की तुलना में कम है। ये हिस्से जीन को नियंत्रित करते हैं और दीर्घायु होने पर असर डालते हैं।
 
रिसर्चरों ने ऐसे 287 जीनों के प्रकार की पहचान की है जो जोनाथन में अनोखे हैं। इनमें से कुछ का संबंध ट्यूमर को दबाने और डीएनए की मरम्मत से है। इस कछुए में एक खास जीन की अतिरिक्त कॉपियां भी मिली हैं जो उम्र और कैंसर वाली कोशिकाओं को बढ़ने से रोकने वाले प्रोटीन को इनकोड करता है।
 

सौम्य जोनाथन

जोनाथन जब युवा था तो कुर्सियों को पलटने और क्रॉकेट बॉल्स पर लेटने जैसी शरारतें करता था। लंबे समय से उसकी देखभाल करने वाले पशु चिकित्सक जो हॉलिंस साइंस एडवांसेज में छपी रिसर्च रिपोर्ट के सहलेखक हैं। उन्होंने बताया कि कैटरैक्ट ने जोनाथन को लगभग पूरी तरह से अंधा कर दिया है। वे उसे अब एक "सौम्य विशाल जीव" कहते हैं।
 
विशालकाय कछुए कितना लंबा जीवन जी सकेंगे यह तय करना काफी मुश्किल है क्योंकि भरोसा करने लायक ऐतिहासिक दस्तावेज काफी कम हैं और उनमें से कई कछुओं की उम्र उन पर रिसर्च करने वाले वैज्ञानिकों से ज्यादा है। 20वीं सदी से पहले रिकॉर्ड रखना भी मुश्किल था। एक युवा कछुए की उम्र उसके कवच पर बनने वाले गोल घेरों की मदद से बताई जा सकती है, लेकिन बुजुर्ग कछुओं के लिए यह संभव नहीं है।
 
नई रिसर्च में सिर्फ एक ही कछुआ था जो असाधारण रूप से बूढ़ा है। ऐसे में यह पता लगाना मुश्किल है कि जोनाथन में जिन अनोखी चीजों की पहचान हुई है वे लंबा जीने वाले दूसरे कछुओं में सामान्य बात है या नहीं। वाइसविल के मुताबिक, "हम निश्चित तौर पर नहीं कह सकते कि जो हमने खोजा है वही उसकी लंबी उम्र का कारण है।"
 
पर्यावरण से जुड़े कारकों का भी योगदान हो सकता है। जोनाथन एक उष्णकटिबंधीय द्वीप पर रहता है और विशेषज्ञों की निगरानी में तैयार संतुलित आहार लेता है।
 
रिसर्च में जो बातें पता चली हैं वे असाधारण रूप से लंबा जीवन जीने वाले लोगों में मिले पैटर्न से मेल खाती हैं। इससे यह नतीजा निकाला जा सकता है कि सभी प्रजातियों में दीर्घायु होने का तंत्र एक जैसा ही है। जोनाथन की तरह ही 117 साल की एक महिला में भी हाल ही में असाधारण रूप से कुशल माइटोकॉन्ड्रिया के बारे में जानकारी मिली थी।
 

जोनाथन की भूख

हॉलिंस बताते हैं कि इस उम्र में भी जोनाथन के अंदर प्रबल भूख है। जब वे या दूसरे लोग उसका नाम बुलाते हैं तो वह अपना सिर उठा कर लंबी गरदन बाहर निकालता है। हॉलिंस का कहना है, "मुझे पता है कि वह मुझे जानता है, मेरी आवाज पहचानता है और मैं यह भी जानता हूं कि यह उसका प्यार नहीं है बल्कि भोजन आने की खबर मिलना है। हालांकि मैं इस बात से परेशान नहीं। मेरे दिल में उसके लिए अपार स्नेह है।"
 
हॉलिंस ने यह भी कहा "वह एक शानदार प्रतीक है। आइकन शब्द का प्रयोग बहुत ज्यादा होता है लेकिन गिनिज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने उसे इस साल आइकन का दर्जा दिया है।" द्वीपवासियों का दुलारा जोनाथन विश्वयुद्धों के जमाने में भी था और उसने साम्राज्यों को भी उभरते और ढहते देखा है।
लेखक के बारे में
DW
डॉयचे वेले (Deutsche Welle), जिसे आमतौर पर DW के नाम से जाना जाता है, जर्मनी का अंतरराष्ट्रीय प्रसारक है। यह जर्मनी की संघीय सरकार के वित्तपोषण से स्वतंत्र रूप से काम करता है और हिन्दी सहित 32 भाषाओं में निष्पक्ष समाचार, विश्लेषण और मीडिया विकास का कार्य करता है। वेबदुनिया.... और पढ़ें

Show comments

सभी देखें

भारत में लड़कियों के लिए कब सुरक्षित होंगे शैक्षणिक परिसर?

तेल कंपनियों का मुनाफा फिर बंपर, देशों की हालत खस्ता

30 अरब डॉलर की टैरिफ कटौती पर सहमत हुए चीन और अमेरिका

चीन ने क्यों बढ़ाई टेक कंपनियों और टैलेंट की यात्रा पर सख्ती

क्या मुख्य चुनाव आयुक्त का फैसला अंतिम होता है?

सभी देखें

राहुल गांधी की याचिका पर आज नहीं होगी सुनवाई, सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने निकालीं 14 बड़ी खामियां

Top News 13 October : राहुल गांधी की याचिका में 14 कमियां, 6 राज्यों को मिले नए राज्यपाल

SIR पर रोक लगाने सुप्रीम कोर्ट पहुंचे राहुल गांधी, याचिका में मिलीं 14 खामियां

अगला लेख