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एक अरब साल पुराने शैवाल का जीवाश्म

Updated: बुधवार, 26 फ़रवरी 2020 (12:36 IST)
वैज्ञानिकों को उत्तरी चीन के चट्टानों में 1 अरब साल पुराना शैवाल मिला है। यह पृथ्वी पर मिली अब तक की सबसे पुरानी वनस्पति बताई जा रही है।
 
1 अरब वर्ष पहले समुद्र का तल इन शैवालों से ढंका हुआ था और यह पृथ्वी पर जीवन की उत्पत्ति के बिलकुल शुरुआती सालों का है। रिसर्चरों का कहना है कि इस पौधे का नाम प्रोटेरोक्लैडस एंटीकस है जिसका आकार चावल के दाने के बराबर है और इसमें कई शाखाएं हैं। यह छिछले पानी में था, जो समुद्र की सतह से जड़ जैसी एक संरचना के सहारे जुड़ा हुआ था।
 
यह भले ही छोटा दिख रहा है लेकिन प्रोटेरोक्लैडस एक तरह का हरा शैवाल है, जो अपने वक्त के बड़े जीवों में था। यह समुद्र में बैक्टीरिया और दूसरे सूक्ष्म जीवों के साथ रहता था। इसमें प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया होती थी यानी यह सूरज की रोशनी से ऊर्जा लेकर उसे रासायनिक ऊर्जा और ऑक्सीजन में बदलता था।
 
वर्जीनिया टेक में पोस्ट डॉक्टोरल रिसर्चर क्विंग टांग ने इस शैवाल के जीवाश्म को लियाओनिंग प्रांत के डालियान शहर के पास ढूंढा। 'नेचर इकोलॉजी एंड इवॉल्यूशन' में छपी रिसर्च रिपोर्ट के लेखक क्विंग टांग का कहना है कि प्रोटेरोक्लैडस एंटीकस आज जितने भी हरे पौधे धरती पर मौजूद हैं, उन सबका पूर्वज है।
 
पृथ्वी का जीवमंडल अपने भोजन और ऑक्सीजन की जरूरतों के लिए मुख्य रूप से पौधों पर निर्भर है। धरती पर पौधे करीब 45 करोड़ साल पहले पैदा हुए। माना जाता है कि ये समुद्री शैवालों के वंशज हैं। पृथ्वी पर 2 अरब साल पहले एक बड़ा परिवर्तन हुआ था।
 
सरल बैक्टीरिया जैसी कोशिकाओं से यूकैरयोट जैसे सदस्यों का जन्म हुआ जिनका विस्तार आगे चलकर कवक, पौधे और जीवों के जन्म में हुआ। शुरुआती पौधे एककोशीय जीव थे। प्रोटेरोक्लैडस जैसे बहुकोशीय पौधों तक पहुंचने का क्रम विकास की एक प्रमुख कड़ी है जिसने भारी संख्या में पौधों को जन्म दिया और इन्होंने पूरी धरती को अपना घर बना लिया।
 
पहले जिन शैवालों को सबसे पुराना माना जाता था, प्रोटेरोक्लैडस उनसे करीब 20 करोड़ साल पुराना है। इनका आधुनिक रिश्तेदार एक तरह का खाया जाने वाला शैवाल है जिन्हें सी लेटुस कहा जाता है। प्रोटेरोक्लैडस सबसे पुराने विशुद्ध हरे पौधे का जीवाश्म है।
 
संभावित एककोशीय हरे पौधों के जीवाश्म पर अब भी बहस चल रही है। दरअसल, पौधे शुरुआत में प्रकाश संश्लेषण की क्रिया नहीं करते थे। उनका एक पूर्वज था जिसने प्रकाश संश्लेषण के कोशिकीय उपकरण को हासिल कर लिया। यह उपकरण साइनोबैक्टीरिया नाम के एक बैक्टीरिया से हासिल हुआ था।
 
आज के सभी हरे पौधों का यह पूर्वज 2 प्रमुख दिशाओं में विकसित हुआ। इनमें एक शाखा जलीय पौधों की है जबकि दूसरी शाखा पृथ्वी पर पाए जाने वाले पौधों की। प्रोटेरोक्लैडस जिस शाखा में है, वह मुख्य रूप से जलीय पौधों की शाखा है। वर्जीनिया टेक के जीवाश्म जीव विज्ञानी और रिपोर्ट के सहलेखक शुहाई चियाओ का कहना है कि प्रोटेरोक्लैडस एंटीकस आज जीवित सभी पौधों की पूर्वज की बहन है। (फ़ाइल चित्र)
 
एनआर/एमजे (रॉयटर्स)
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