रणजी ट्रॉफी फाइनल मुकाबले में बढ़त के लिए सौराष्ट्र और बंगाल के बीच संघर्ष

Last Updated: गुरुवार, 12 मार्च 2020 (18:37 IST)
राजकोट। सौराष्ट्र और बंगाल के बीच रणजी ट्रॉफी फाइनल में पहली पारी की बढ़त के लिए जबरदस्त संघर्ष छिड़ गया है क्योंकि बढ़त के आधार पर ही इस बार खिताब का फैसला होगा।

बंगाल ने गुरुवार को चौथे दिन के खेल की समाप्ति तक 6 विकेट पर 354 रन बना लिए हैं और वह सौराष्ट्र के पहली पारी के 425 रन के स्कोर से 71 रन पीछे है। शुक्रवार को 5वें और अंतिम दिन सुबह के सत्र में इस बात का फैसला हो जाएगा कि बंगाल और सौराष्ट्र में से कौन रणजी चैंपियन बनता है।

बंगाल ने तीन विकेट पर 134 रन से आगे खेलना शुरु किया और सुदीप चटर्जी (81), विकेटकीपर रिद्धिमान साहा (64), अनुस्तुप मजूमदार (नाबाद 58), शाहबाज अहमद (16) और अर्णव नंदी (नाबाद 28) की संघर्षपूर्ण पारियों से दिन की समाप्ति तक अपना स्कोर 147 ओवर में 6 विकेट पर 354 रन पहुंचा दिया।

सुदीप ने 47 और साहा ने 4 रन से अपनी पारी को आगे बढ़ाया। दोनों ने चौथे विकेट के लिए 101 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की। सुदीप को धर्मेद्रसिंह जडेजा ने आउट किया। सुदीप ने 241 गेंदों पर 81 रन की मैराथन पारी में 7 चौके लगाए। सुदीप का विकेट 225 के स्कोर पर गिरा।
साहा को प्रेरक मांकड ने टीम के 241 के स्कोर पर बोल्ड किया। साहा ने 184 गेंदों पर 64 रन में 10 चौके और 1 छक्का लगाया। शाहबाज अहमद 39 गेंदों में 2 चौकों की मदद से 16 रन बनाने के बाद चेतन सकारिया की गेंद पर बोल्ड हो गए।

बंगाल का छठा विकेट 263 के स्कोर पर गिरा। इस समय सौराष्ट्र की टीम हावी नजर आने लगी थी लेकिन मजूमदार और नंदी ने 7वें विकेट की अविजित साझेदारी में 81 रन जोड़कर मैच को रोमांचक बना दिया। स्टंप्स के समय मजूमदार 134 गेंदों पर 8 चौकों की मदद से 64 रन और नंदी 82 गेंदों में 3 चौके और 1 छक्के के सहारे 28 रन बनाकर क्रीज पर डटे हुए थे।

सौराष्ट्र की तरफ से धर्मेंद्रसिंह जडेजा ने 106 रन पर जो विकेट, मांकड ने 45 रन पर 2 विकेट, सकारिया ने 52 रन पर एक विकेट और चिराग जानी ने 32 रन पर एक विकेट लिया।
फोटो साभार ट्विटर


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