Chennai Super Kings का साथ छोड़ना चाहते हैं MS Dhoni, सामने आई बड़ी वजह

वेबदुनिया न्यूज डेस्क| Last Updated: बुधवार, 27 नवंबर 2019 (18:30 IST)
नई दिल्ली। महेंद्रसिंह धोनी (Mahendra Singh Dhoni) कमाल के क्रिकेटर हैं। वे जो भी काम करते हैं, वो बेमिसाल होता है। मैदान के भीतर हो या मैदान के बाहर, धोनी की हर गतिविधि सुर्खियां बन जाती हैं। हाल ही में उन्होंने एक ऐसी पेशकश कर डाली है, जिसने 3 बार की चैम्पियन चेन्नई सुपर किंग्स (Chennai Super Kings) फ्रेंचाइजी के मालिकों को गहरे संकट में डाल दिया है।
धोनी की यह पेशकश भले ही चेन्नई सुपर किंग्स टीम की भलाई के लिए हो लेकिन सब जानते हैं कि वे टीम के 'बैकबोन' हैं। उनके नहीं रहने से इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) टीम का भगवान ही मालिक है।

धोनी न केवल 2020 का आईपीएल खेलेंगे बल्कि वे 2021 का आईपीएल खेलने के लिए भी राजी हो गए हैं। यानी वे 40 साल की उम्र में भी मैदान पर नजर आएंगे। साफ जाहिर है कि वे टी-20 से अभी संन्यास नहीं लेंगे।
धोनी चाहते हैं कि चेन्नई सुपर किंग्स से रिलीज हो जाएं ताकि फ्रेंचाइजी को उनके बदले बहुत मोटी रकम मिल जाए। उनकी नीलामी से टीम को मिलने वाले पैसों का इस्तेमाल नए खिलाड़ियों को टीम से जोड़ने के लिए करे।
इससे युवा प्रतिभाओं को खेलने का सुनहरा अवसर भी मिल सकेंगा, वो भी ऐसी टीम के साथ जो 3 बार की आईपीएल चैम्पियन का खिताब अपने सिर पर बांध चुकी है।

'टाइम्स ऑफ इंडिया' ने धोनी के रिलीज होने की मंशा वाली खबर ब्रेक की है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि धोनी ने चेन्नई सुपर किंग्स फ्रेंचाइजी को यह भी सुझाव दिया है कि इसके बाद वह 'राइट टू मैच कार्ड' का इस्तेमाल करके कम पैसों में उन्हें वापस अपने साथ जोड़ लें। दूसरी ओर चेन्नई सुपर किंग्स से जुड़े सूत्रों ने धोनी की नई पेशकश वाली खबर पर मुहर भी लगाई है।
चेन्नई सुपर किंग्स का कहना है कि कप्तान धोनी टीम के लिए बहुत अहम हैं और फ्रेंचाइजी का उन्हें नीलामी में डालने का कोई इरादा नहीं है। वह आईपीएल 2021 की नीलामी में इसलिए जाना चाहते हैं ताकि चेन्नई को उन्हें कम दाम में खरीदने का मौका मिल सके. मगर हम उन्हें ऐसा नहीं करने दे सकते।

इंडियन प्रीमियर लीग के लिहाज से साल 2021 बेहद अहम रहने जा रहा है क्योंकि इसके लिए खिलाड़ियों की नए सिरे से भव्य नीलामी होगी, ठीक उसी तर्ज पर जैसी की साल 2018 में हुई थी।

सनद रहे कि IPL के अब तक खेले 12 संस्करणों में चेन्नई सुपर किंग्स की टीम सबसे ज्यादा फाइनल खेलने वाली टीम है। कप्तान धोनी के नेतृत्व में चेन्नई ने 12 में से 10 बार फाइनल खेले हैं और 3 बार खिताब जीता है।
2009 और 2014 के ऐसे साल रहे, जब चेन्नई सुपर किंग्स की टीम फाइनल की पायदान नहीं चढ़ सकी। इसके अलावा 2 साल के बैन के चलते 2016 और 2017 में उसने आईपीएल में हिस्सा नहीं लिया।
आईपीएल की शुरुआत 2008 से हुई और तभी से चेन्नई सुपर किंग्स दर्शकों की पहली पसंद बनी हुई है। 2008 की आईपीएल नीलामी में इंडिया सीमेंट्स ने चेन्नई फ्रैंचाइजी खरीदी, जिसके वाइस-चेयरमैन पूर्व आईसीसी और बीसीसीआई अध्यक्ष एन. श्रीनिवासन हैं।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद 2015 में चेन्नई सुपर किंग्स क्रिकेट लिमिटेड नामक एक अलग इकाई का गठन किया गया था, जिसमें IPL और CLT-20 में अलग-अलग व्यावसायिक हितों की अनुमति दी गई थी।

चेन्नई सुपर किंग्स में बतौर कप्तान धोनी की मौजूदगी ही मायने रखती है। टीम इंडिया के चीफ कोच रवि शास्त्री भी कह चुके हैं कि आईपीएल ही धोनी का भविष्य तय करेंगे।

धोनी का टी-20 से अभी संन्यास लेने का कोई इरादा नहीं है। यह भी कयास लगने शुरू हो गए हैं कि यदि धोनी 2020 में एक बार फिर धमाका कर देते हैं तो संभव है कि वे टी20 का विश्व कप भी खेलें, जो 2020 में ही ऑस्ट्रेलिया में होने वाला है।
धोनी की टीम इंडिया के बेमिसाल खिलाड़ी रहे हैं। उनकी अगुआई में भारत ने टी-20 विश्व कप 2007 और वनडे विश्व कप 2011 में खिताब जीते थे। उन्होंने 90 टेस्ट, 350 वनडे और 98 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं, जिनमें 17 हजार से अधिक रन उनके नाम के आगे चस्पा हैं।
तस्वीर सौजन्य : ट्‍विटर




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