Publish Date: Mon, 24 Oct 2016 (15:47 IST)
Updated Date: Mon, 24 Oct 2016 (15:50 IST)
भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने अपने चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करने को लेकर स्पष्ट किया है कि वह इस क्रम पर ज्यादा खुलकर खेल पाते हैं जबकि निचले क्रम में उनका खेल प्रभावित हो रहा था।
धोनी ने न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरा वनडे जीतने के बाद कहा कि चौथे नंबर पर उन्हें बल्लेबाजी करने में ज्यादा सहज महसूस होता है। उन्होंने कहा, 'मुझे रन बनाकर बहुत अच्छा महसूस होता है। मैं इस क्रम पर पिछले काफी समय से बल्लेबाजी करना चाहता था ताकि अपने खेल को दिखा सकूं। यह पांचवें या छठे नंबर पर खेलकर करना संभव नहीं था।'
सीमित ओवर कप्तान ने कहा, 'मेरे निचले क्रम पर बल्लेबाजी करने से खेल प्रभावित हो रहा था और इसलिए मैं ऊपरी क्रम पर खेलना चाहता था। मैं ऐसा अपने खेल में सुधार के लिए और खुलकर खेलने के इरादे से करना चाहता था।' धोनी पिछले कई वर्षों से निचले क्रम पर बल्लेबाजी कर रहे थे लेकिन वह मौजूदा सीरीज में मनीष पांडे से ऊपर चौथे नंबर पर खेल रहे हैं।
धोनी ने इस मैच में चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए 80 रन की अहम पारी खेली जिसमें छह चौके और तीन छक्के शामिल है। धोनी का यह 11 पारियों में पहला अर्धशतक भी है। धोनी ने अपने इस फैसले को सही ठहराते हुए कहा, 'टीम प्रबंधन में भी पिछले काफी समय से इस बात पर ही चर्चा हो रही थी। जब आप निचले क्रम पर खेलते हैं तो आपका काम मैच जिताने का होता है और आपको केवल लक्ष्य तक पहुंचने के लिए स्कोर करना होता है।'
कप्तान ने साथ ही कहा, 'मेरे चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करने से कई युवाओं को निचले क्रम पर बल्लेबाजी करने का मौका मिला है। ऊपरी क्रम में आप अधिक जिम्मेदारी से खेलें तो निचले क्रम के खिलाड़ियों पर दबाव भी कम हो जाता है। हमारे लिए पांचवें और छठे नंबर पर नए खिलाड़ी तैयार करना भी जरूरी है।'
पिछले लंबे समय से टीम में फिनिशर की भूमिका निभा रहे धोनी ने बल्ले से भी काफी समय के बाद प्रभावशाली प्रदर्शन किया। उन्होंने क्रम में खुद को ऊपर लाने पर खुशी जताते हुए माना कि यह निर्णय उनके निजी खेल के लिए भी जरूरी था। धोनी ने कहा, 'मैं अब टेस्ट क्रिकेट नहीं खेलता हूं। निचले क्रम में मैं केवल स्थिति की जरूरत के हिसाब से खेल सकता था। लेकिन अब आगे आकर खेलना टीम से अधिक मेरी जरूरत है।'
उन्होंने कहा, 'शीर्ष क्रम में हमारे पास विराट कोहली, रोहित शर्मा, शिखर धवन जैसे बेहतरीन खिलाड़ी हैं इसलिए मुझे वैसे भी पिछले डेढ़ वर्षों में ज्यादा ओवर खेलने का मौका ही नहीं मिला। इस सत्र में भी बहुत कम एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच होने हैं तो उस लिहाज से भी जरूरी था कि मुझे अपने खेल को दिखाने का मौका मिले।'
धोनी ने मैच में नाबाद 154 रन की शतकीय पारी खेलने वाले टेस्ट कप्तान विराट की भी जमकर प्रशंसा की और उन्हें दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में बताया। उन्होंने कहा, 'मैं इस बारे में कुछ नहीं कह सकता कि वह कितने अच्छे हैं क्योंकि वह बेहतरीन खिलाड़ियों में हैं। वह बिना जोखिम लिए भी बड़े स्कोर कर सकते हैं।'
वनडे कप्तान ने कहा कि वह विराट की किसी महान खिलाड़ी से तुलना नहीं कर सकते हैं लेकिन यह मानते हैं कि वह दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में हैं। उन्होंने कहा, 'विराट अहम खिलाड़ी हैं जो बड़ी साझेदारियां करने में मदद करते हैं। हमें किसी की तुलना नहीं करनी चाहिए क्योंकि हम सहवाग या गावस्कर की तुलना नहीं कर सकते।'
विराट के साथ धोनी ने 151 रन की साझेदारी कर 48वें ओवर में ही भारत को 286 रन के लक्ष्य तक पहुंचा दिया। इस जीत से भारत पांच मैचों की सीरीज में 2-1 से आगे है। (वार्ता)