टीम इंडिया ने इंदौर टेस्ट पारी और 130 रन से जीता

Team India
Last Updated: शनिवार, 16 नवंबर 2019 (17:05 IST)
इंदौर। तेज़ गेंदबाज मोहम्मद शमी (31 रन पर 4 विकेट) और ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन (42 रन पर 3 विकेट) की जबरदस्त गेंदबाजी की बदौलत भारत ने बांग्‍लादेश को पहले क्रिकेट टेस्ट के तीसरे ही दिन पारी और 130 रन से पीटकर 2 मैचों की सीरीज़ में 1-0 की बढ़त बना ली।
भारत ने अपनी पहली पारी तीसरे दिन के खेल की शुरुआत से पहले कल के 6 विकेट पर 493 रन पर घोषित कर दी। बांग्‍लादेश ने पहली पारी के मुकाबले दूसरी पारी में कुछ बेहतर प्रदर्शन किया लेकिन पूरी टीम दिन के अंतिम सत्र में 69.2 ओवर में 213 रन पर सिमट गई। भारत ने इस तरह यह मुकाबला पारी और 130 रन से जीत लिया।

भारत की जीत में उसके गेंदबाज़ों का प्रमुख योगदान रहा। शमी ने 31 रन पर 4 विकेट लेकर मैच में 7 विकेट पूरे किए। अश्विन ने 42 रन पर 3 विकेट लेकर मैच में 5 विकेट पूरे किए। उमेश यादव ने 51 रन पर 2 विकेट लेकर मैच में 4 विकेट पूरे किए जबकि ईशांत शर्मा को 31 रन पर एक विकेट मिला।

बांग्‍लादेश की दूसरी पारी में मुशफिकुर रहीम ने एकतरफा संघर्ष करते हुए 150 गेंदों पर 7 चौकों की मदद से 64 रन बनाए जबकि लिट्टन दास ने 35 और मेहदी हसन मिराज ने 38 रन का योगदान दिया। मेहमान टीम अपने पहले 5 विकेट 72 रन पर बनाने के बाद घुटने टेक बैठी और तीसरे ही दिन उसका बोरिया-बिस्तर बंध गया। भारत को इस मैच को जीतने से 60 अंक मिले और अब उसके आईसीसी टेस्ट चैंपियनशिप में 300 अंक पूरे हो गए हैं। विश्व की नंबर एक टीम भारत पहली टीम है जिसने टेस्ट चैंपियनशिप में 300 अंक पूरे किए हैं।

यह लगातार तीसरा टेस्ट है जब भारत ने पारी से जीत हासिल की। भारत ने इससे पहले दक्षिण अफ्रीका को रांची में पारी और 202 रन से और इसी टीम को पुणे में पारी और 137 रन से हराया था। इससे पहले भारत ने 1993-94 के सत्र में श्रीलंका के खिलाफ लगातार 3 मैच पारी के अंतर से जीते थे। इससे पूर्व भारत ने 1992-93 में इंग्लैंड को 2 बार पारी से और जिम्बाब्वे को पारी से हराकर लगातार 3 मैच पारी के अंतर से जीते थे।

विराट कोहली ने इस जीत के साथ महेंद्र सिंह धोनी का सर्वाधिक 9 मैच पारी के अंतर से जीतने का रिकॉर्ड तोड़ दिया। विराट अपनी कप्तानी में अब 10 मैच पारी के अंतर से जीत चुके हैं। धोनी ने 9 मैच, मोहम्मद अज़हरूद्दीन ने 8 मैच और सौरभ गांगुली ने 7 मैच पारी के अंतर से जीते थे।

भारत की यह लगातार छठी जीत है। इससे पहले भारत ने 2013 में धोनी की कप्तानी में लगातार छह टेस्ट जीते थे जिसमें से 4 ऑस्ट्रेलिया और 2 वेस्टइंडीज़ के खिलाफ थे। दूसरी ओर बांग्‍लादेश का विदेशी जमीन पर खराब प्रदर्शन जारी है और विदेशी जमीन पर पिछले 6 टेस्टों में यह उसकी पारी से पांचवीं हार है।

टीम इंडिया के आक्रमण के सामने बांग्‍लादेशी टीम यहां होलकर स्टेडियम में दूसरी पारी में भी संभल नहीं पाई और लंच तक उसने मात्र 60 रन पर अपने चार शुरुआती विकेट गंवा दिए। बांग्‍लादेश ने चायकाल तक 6 विकेट गंवाए और अंतिम सत्र में उसने शेष 4 विकेट गंवा दिए।

भारत ने ओपनर मयंक अग्रवाल के 243 रन के दोहरे शतक की बदौलत पहली पारी में 114 ओवर में 6 विकेट पर 493 रन बनाए थे और तीसरे दिन का खेल शुरू होने से पहले ही अपनी पारी घोषित कर दी, जिससे भारत की पहली पारी के आधार पर कुल बढ़त 343 रन पहुंच गई। मैदान पर दूसरी पारी के लिए उतरी बांग्‍लादेशी टीम की एक बार फिर शुरूआत काफी खराब रही और उसके शीर्ष क्रम के बल्लेबाज़ सस्ते में पैवेलियन लौट गए।

तेज़ गेंदबाज़ उमेश यादव ने इमरूल काएस (6) को बोल्ड कर भारत को छठे ओवर की पहली गेंद पर ही पहला विकेट दिला दिया। ईशांत शर्मा ने फिर अन्य ओपनिंग बल्लेबाज़ शादमान इस्लाम को बोल्ड किया जो 6 रन पर ही आउट हुए। कप्तान मोमिनुल हक ने 20 गेंदों में एक चौका लगाकर 7 रन बनाए थे कि मोहम्मद शमी ने उन्हें पगबाधा कर 37 रन पर बांग्‍लादेश के 3 विकेट निकाल दिए।

लंच से पहले फिर शमी ने एक और सफलता मोहम्मद मिथुन के रूप में दिलाई जिन्होंने 26 गेंदों में 4 चौके लगाकर 18 रन बनाए। शमी ने मयंक के हाथों मिथुन को कैच कराया। बांग्‍लादेशी टीम के निचले क्रम के बल्लेबाज़ों ने हालांकि टिकने का जज्बा दिखाया और मुशफिकुर रहीम ने 150 गेंदों में 7 चौकों की मदद से 64 रन की पारी खेली।

मुशफिकुर ने लिट्टन के साथ छठे विकेट के लिए 63 रन और मेहदी हसन मिराज के साथ सातवें विकेट के लिए 59 रन की अर्धशतकीय साझेदारियों से अपनी टीम को संभालने की कोशिश की। अश्विन ने मुशफिकुर को आउट कर भारत को नौवां विकेट दिलाया।

उनसे पहले महमदुल्लाह ने 35 गेंदों में 2 चौके लगाकर केवल 15 रन जोड़े और लंच के बाद शमी ने उन्हें अपना तीसरा शिकार बनाया। लिट्टन दास हालांकि कुछ देर टिककर खेलते रहे और 39 गेंदों में 6 चौके लगाकर उन्होंने 35 रन बनाए कि ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने अपनी गेंद पर लपकते हुए छठे बल्लेबाज़ के रूप में पैवेलियन भेज दिया।

चायकाल तक बांग्‍लादेश ने 191 रन पर अपने 6 विकेट गंवा दिए। मेहदी हसन मिराज चाय के तुरंत बाद उमेश की गेंद पर बोल्ड हुए। उन्होंने 55 गेंदों की पारी में 5 चौके और एक छक्का लगाकर 38 रन बनाए। अश्विन ने आखिरी 2 विकेट निकालकर बांग्‍लादेश को 213 रन पर समेट दिया।

भारत की पहली पारी में 243 रन बनाने वाले मयंक को 'मैन ऑफ द मैच' चुना गया। मयंक छठे ऐसे बल्लेबाज़ बन गए जिनका व्यक्तिगत स्कोर ही दोनों पारियों में विपक्षी टीम पर भारी पड़ा। बांग्‍लादेश ने पहली पारी में 150 और दूसरी पारी में 213 रन बनाए। इस विशिष्ट श्रेणी में वीनू मांकड, राहुल द्रविड़, सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली और रोहित शर्मा शामिल हैं।

भारत की ओर से तेज़ गेंदबाज़ों का एक बार फिर दबदबा रहा और होलकर की उछालभरी पिच का उन्होंने भरपूर फायदा उठाया। शमी ने घरेलू टेस्ट में अपना तीसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। इससे पहले उन्होंने कोलकाता में वेस्टइंडीज़ के खिलाफ अपने पदार्पण टेस्ट में 2013-14 में 47 रन पर 5 विकेट और 2019 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ विजाग में 35 रन पर 5 विकेट लिए।
(Photo courtesy: Twitter)


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