श्रेयस पर भारी ब्रूक की पारी, इंग्लैंड ने भारत को 9 विकेटों से रौंदा
ENGvsIND गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन के बाद फिल साल्ट (नाबाद 59) और कप्तान हैरी ब्रूक (नाबाद 79) के बेहतरीन अर्धशतकों से इंग्लैंड ने भारत को चौथे टी 20 में गुरूवार को नौ विकेट से हराकर पांच मैचों की सीरीज में 3-0 की अपराजेय बढ़त बना ली।
भारत ने कप्तान श्रेयस अय्यर की नाबाद 80 रन की बेहतरीन अर्धशतकीय पारी की मदद से सात विकेट पर 158 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर बनाया लेकिन इंग्लैंड ने 13.5 ओवर में एक विकेट पर 159 रन बनाकर मुकाबला एकतरफा अंदाज में निपटा दिया।
150 से अधिक रनों के चेज़ में यह इंग्लैंड के द्वारा सबसे तेज़ रन चेज़ है। सीरीज़ भी भारतीय टीम हार चुकी है। कप्तान श्रेयस का अपनी पहली जीत का इंतज़ार जारी रहेगा। 2018-19 के बाद पहली बार ऐसा हुआ है, जब भारतीय टीम लगातार दो टी 20 सीरीज़ हारी है। इस मैच की बात करें तो भारतीय टीम जब बल्लेबाज़ी कर रही थी तो इंग्लैंड के गेंदबाज़ों ने शॉर्ट और बैक ऑफ़ लेंथ गेंदों से बल्लेबाज़ों को काफ़ी परेशान किया।
साथ ही स्पिनरों ने भी कमाल की गेंदबाज़ी की। ऐसा लगा कि पिच काफ़ी धीमी है। लेकिन भारतीय गेंदबाज़ पिच और परिस्थितियों के अनुरूप अच्छी गेंदबाज़ी करने में सफल नहीं हुए। साथ ही सॉल्ट और ब्रूक ने जिस तरह की बल्लेबाज़ी की, वह तारीफ़ योग्य है। साल्ट ने 42 गेंदों की पारी में नौ चौके और एक छक्का लगाया जबकि ब्रूक ने 35 गेंदों में आठ चौके और चार छक्के लगाए।
2025 से इस मैदान पर पहली पारी का औसत स्कोर 166 रहा है और यह कहना सही होगा कि भारत का स्कोर उम्मीद से कम रहा। मेज़बान टीम की ओर से एक और शानदार गेंदबाजी प्रदर्शन देखने को मिला। पावरप्ले में हार्ड लेंथ वाली गेंदों ने कमाल किया; जोफ्रा आर्चर ने एक बार फिर वैभव को आउट किया और ईशान किशन, जोश टंग का शिकार बने।
आदिल राशिद ने अपने पहले ही ओवर में अभिषेक को आउट कर दिया। भारत के टॉप तीन बल्लेबाज़ – जो सभी बाएं हाथ के थे – क्रॉस-द-लाइन शॉट खेलने की कोशिश में आउट हो गए। श्रेयस अय्यर और शिवम दुबे (22) ने पचास रनों की साझेदारी की, लेकिन उनके स्कोरिंग रेट से इंग्लैंड को ज़्यादा परेशानी नहीं हुई। तिलक वर्मा 11 रन बनाकर आउट हुए। वाशिंगटन सुन्दर पांच और अक्षर पटेल एक रन बनाकर पवेलियन लौटे।
कप्तान श्रेयस ने 18वें ओवर में आदिल राशिद की गेंदों पर 6, 4 और 6 रन जड़कर उन पर दबाव बनाया। लेकिन आखिरी दो ओवरों में इंग्लैंड का प्रदर्शन फिर से बेहतरीन रहा – कोई बाउंड्री नहीं, 8 रन और 2 विकेट – क्योंकि उन्होंने अपनी गेंदबाजी में बदलावों का बखूबी इस्तेमाल किया।
150 से अधिक रनों के चेज़ में यह इंग्लैंड के द्वारा सबसे तेज़ रन चेज़ है। सीरीज़ भी भारतीय टीम हार चुकी है। कप्तान श्रेयस का अपनी पहली जीत का इंतज़ार जारी रहेगा। 2018-19 के बाद पहली बार ऐसा हुआ है, जब भारतीय टीम लगातार दो टी 20 सीरीज़ हारी है। इस मैच की बात करें तो भारतीय टीम जब बल्लेबाज़ी कर रही थी तो इंग्लैंड के गेंदबाज़ों ने शॉर्ट और बैक ऑफ़ लेंथ गेंदों से बल्लेबाज़ों को काफ़ी परेशान किया।
साथ ही स्पिनरों ने भी कमाल की गेंदबाज़ी की। ऐसा लगा कि पिच काफ़ी धीमी है। लेकिन भारतीय गेंदबाज़ पिच और परिस्थितियों के अनुरूप अच्छी गेंदबाज़ी करने में सफल नहीं हुए। साथ ही सॉल्ट और ब्रूक ने जिस तरह की बल्लेबाज़ी की, वह तारीफ़ योग्य है। साल्ट ने 42 गेंदों की पारी में नौ चौके और एक छक्का लगाया जबकि ब्रूक ने 35 गेंदों में आठ चौके और चार छक्के लगाए।
इससे पूर्व टॉस जीतने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरे भारत की शुरुआत खराब रही और उसने 48 रन तक जाते-जाते अपने शीर्ष तीन बल्लेबाज गंवा दिए। वैभव सूर्यवंशी 15, ईशान किशन चार और अभिषेक शर्मा 16 रन बनाकर आउट हुए , लेकिन अय्यर ने इसके बाद कप्तानी की जिम्मेदारी से खेलते हुए 49 गेंदों में चार चौकों और पांच छक्कों की मदद से नाबाद 80 रन की शानदार पारी खेलकर भारत को लड़ने लायक स्कोर तक पहुंचा दिया। हालांकि भारत निश्चित रूप से अच्छे स्कोर से काफी पीछे रहा।A punishing performance with bat in hand has secured England the series against India in the fourth T20I
— ICC (@ICC) July 9, 2026
Full scorecard https://t.co/EQ7c6PesS2 pic.twitter.com/eRY5LzqoXI
आदिल राशिद ने अपने पहले ही ओवर में अभिषेक को आउट कर दिया। भारत के टॉप तीन बल्लेबाज़ – जो सभी बाएं हाथ के थे – क्रॉस-द-लाइन शॉट खेलने की कोशिश में आउट हो गए। श्रेयस अय्यर और शिवम दुबे (22) ने पचास रनों की साझेदारी की, लेकिन उनके स्कोरिंग रेट से इंग्लैंड को ज़्यादा परेशानी नहीं हुई। तिलक वर्मा 11 रन बनाकर आउट हुए। वाशिंगटन सुन्दर पांच और अक्षर पटेल एक रन बनाकर पवेलियन लौटे।
कप्तान श्रेयस ने 18वें ओवर में आदिल राशिद की गेंदों पर 6, 4 और 6 रन जड़कर उन पर दबाव बनाया। लेकिन आखिरी दो ओवरों में इंग्लैंड का प्रदर्शन फिर से बेहतरीन रहा – कोई बाउंड्री नहीं, 8 रन और 2 विकेट – क्योंकि उन्होंने अपनी गेंदबाजी में बदलावों का बखूबी इस्तेमाल किया।

