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TMC को बड़ा झटका, सुष्मिता देव, सुखेंदु शेखर राय और प्रकाश चिक बराइक BJP में शामिल, राज्यसभा उपचुनाव के लिए बने उम्मीदवार
पश्चिम बंगाल की राजनीति में गुरुवार को बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पूर्व तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव, सुखेंदु शेखर राय और प्रकाश चिक बराइक को 24 जुलाई को होने वाले राज्यसभा उपचुनाव के लिए अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया। खास बात यह रही कि तीनों नेताओं के भाजपा में शामिल होने के कुछ ही घंटों बाद पार्टी ने उन्हें टिकट भी दे दिया।
तीनों नेताओं ने पिछले महीने राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने के साथ ही तृणमूल कांग्रेस छोड़ दी थी। गुरुवार को उन्हें पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष समीक भट्टाचार्य ने साल्ट लेक स्थित पार्टी मुख्यालय में औपचारिक रूप से भाजपा की सदस्यता दिलाई। पश्चिम बंगाल की तीन राज्यसभा सीटों पर उपचुनाव 24 जुलाई को कराया जाएगा।
BJP में शामिल होते ही ममता बनर्जी पर साधा निशाना
भाजपा में शामिल होने के बाद सुखेंदु शेखर राय ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि "ममता बनर्जी का राजनीतिक अध्याय अब समाप्त हो चुका है और TMC का भविष्य खत्म हो गया है।"
हालिया विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए उन्होंने मतदान प्रतिशत पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल की लगातार सरकारों ने विकास की बजाय विरोध-प्रदर्शन, बंद और केंद्र सरकार से टकराव की राजनीति को प्राथमिकता दी।
भारतीय जनता पार्टी की केन्द्रीय चुनाव समिति ने पश्चिम बंगाल में होने वाले राज्यसभा के उप-चुनाव 2026 हेतु निम्नलिखित नामों पर अपनी स्वीकृति प्रदान की है। pic.twitter.com/dTm6enYFjt
— BJP (@BJP4India) July 9, 2026
राय ने कहा कि इसी वजह से बंगाल के युवाओं को रोजगार और बेहतर अवसरों की तलाश में दूसरे राज्यों का रुख करना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि जहां देश के अन्य राज्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत' विजन के साथ आगे बढ़ रहे हैं, वहीं पश्चिम बंगाल भ्रष्टाचार और कथित घोटालों में उलझा हुआ है।
प्रकाश चिक बराइक ने भी लगाए आरोप
भाजपा में शामिल होने के बाद प्रकाश चिक बराइक ने भी राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वाम मोर्चा और तृणमूल कांग्रेस, दोनों सरकारों के दौरान राज्य और केंद्र के बीच समन्वय की कमी के कारण बंगाल के विकास को नुकसान पहुंचा। बराइक ने आरोप लगाया कि मनरेगा (100 दिन रोजगार योजना) सहित कई कल्याणकारी योजनाएं प्रभावित हुईं। उन्होंने केंद्र सरकार की उत्तर बंगाल में एम्स, नए मेडिकल कॉलेज, सिलीगुड़ी-दिल्ली बुलेट ट्रेन परियोजना और हासीमारा में प्रस्तावित एयरपोर्ट जैसी विकास योजनाओं का स्वागत करते हुए कहा कि राज्य के विकास के लिए केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है।
TMC में बढ़ते असंतोष के बीच BJP का बड़ा दांव
तीनों नेताओं का भाजपा में शामिल होना इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस के नेताओं को पार्टी में शामिल नहीं करने की नीति अपनाई थी। हालांकि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष समीक भट्टाचार्य ने इसे 'असाधारण फैसला' बताते हुए कहा कि यह पार्टी की नीति में बदलाव नहीं, बल्कि विशेष परिस्थितियों में लिया गया निर्णय है।
यह घटनाक्रम 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में TMC की हार के बाद पार्टी के भीतर बढ़ती बगावत के बीच सामने आया है। विपक्ष के नेता के चयन को लेकर शुरू हुआ असंतोष धीरे-धीरे संसद तक पहुंच गया, जिसके बाद कई नेताओं ने TMC छोड़कर भाजपा नेतृत्व वाले NDA का समर्थन कर दिया।
इन्हीं नेताओं में सुष्मिता देव, सुखेंदु शेखर राय और प्रकाश चिक बराइक भी शामिल हैं। पार्टी छोड़ने के बाद सुष्मिता देव ने ममता बनर्जी पर सीधे टिप्पणी करने से इनकार किया था, लेकिन उन्होंने इतना जरूर कहा था कि वे "एक साथ दो नावों पर सवार नहीं रहना चाहती थीं।
