ओवल पर स्पिन होती है गेंद इसलिए अश्विन को लेकर डरे हुए हैं इंग्लैंड के बल्लेबाज, पर क्या चौथे टेस्ट में मिलेगा मौका?

पुनः संशोधित बुधवार, 1 सितम्बर 2021 (20:25 IST)
लंदन:तीन टेस्ट मैच हो चुके हैं और आर अश्विन अभी तक एक बार भी इंग्लैंड दौरे पर गेंदबाजी करने नहीं उतरे। हेडिंग्ले की पिच पर जड़ेजा को टर्न मिल रहा था अगर उनकी जगह अश्विन होते तो मैच की सूरत कुछ और हो सकती थी। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या कप्तान कोहली आर अश्विन को कल मौका देंगे।

ओवल पर स्पिनर्स को मिलती है मदद

आंकड़ो के लिहाज से देखें तो ओवल के मैदान पर स्पिन एक कारगार हथियार है। साल 2016 से खेले गए टेस्ट के बाद एक की कुल औसत यहां 29.52 रही है वहीं तेज गेदंबाजों के लिए औसत 32.38 की रही है। इसका सीधा सीधा मतलब है यहां पर गेंद टर्न लेती है।

महान स्पिनर्स ने चटकाए हैं ढेरो विकेट

ओवल के मैदान पर पूर्व ऑस्ट्रेलियाई लेग स्पिनर शेन वॉर्न ने 4 टेस्ट मैचों में 32 विकेट चटकाए हैं। इंग्लैंड के पूर्व स्पिनर ग्रीम स्वान ने 5 मैचों में 27 विकेट लिए हैं। श्रीलंकाई महान ऑफ स्पिनर मुथैया मुरलीधरन यहां पर सिर्फ 1 मैच खेले लेकिन उस में ही उन्होंने 16 विकेट चटका लिए थे।

अश्विन से डरे हुए हैं इंग्लैंड के बल्लेबाज, लेकिन उसके खेलने पर अंतिम फैसला कल : भरत अरूण

भारत के गेंदबाजी कोच भरत अरूण ने कहा कि इंग्लैंड के बल्लेबाज मददगार पिच पर की काबिलियत से डरे हुए हैं लेकिन इस सीनियर ऑफ स्पिनर के खेलने पर फैसला कल चौथे टेस्ट की सुबह ही लिया जायेगा।

दुनिया के सर्वश्रेष्ठ ऑफ स्पिनरों में शुमार अश्विन पहले तीन टेस्ट में बाहर रहे हैं जिनकी जगह रविंद्र जडेजा को बल्लेबाजी हरफनमौला के रूप में तरजीह दी गई ।

अरूण ने कहा ,‘‘अश्विन दुनिया के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजों में से है और यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि वह अभी तक खेल नहीं सका है। अगर मौका बनता है और टीम की रणनीति के अनुकूल होता है तो दोनों साथ में गेंदबाजी कर सकते हैं।’’

अरूण ने यह भी संकेत दिया कि अश्विन का सामना करने से डरे हुए इंग्लैंड के बल्लेबाजों की वजह से पिच की प्रकृति में बदलाव किया जा सकता है और इंग्लैंड का मौसम भी अनिश्चित है।

उन्होंने कहा ,‘‘ ओवल का मैदान स्पिनरों का मददगार रहा है लेकिन आप भी जानते हैं कि इंग्लैंड टीम अश्विन की काबिलियत से डरी हुई है कि यहां पिच से मदद मिलने पर वह क्या कर सकता है।’’
उन्होंने कहा ,‘‘ इस बारे में फैसला कल सुबह पिच को देखने के बाद ही लिया जायेगा क्योंकि आज से कल तक में बहुत कुछ हो सकता है। हम कल तय करेंगे कि वह खेलेगा या नहीं।’’

कोच ने कहा कि उनके गेंदबाजों का आकलन इंग्लैंड के 400 रन से अधिक के स्कोर के आधार पर नहीं किया जाना चाहिये क्योंकि इतने वर्ष में वे कम स्कोर पर भी मैच बचाते आये हैं।

उन्होंने कहा ,‘‘ कम स्कोर बचाना गेंदबाजों के लिये चुनौती होता है और वे अतीत में ऐसा करते आये हैं । एक पारी के प्रदर्शन के आधार पर उनका आकलन नहीं किया जाना चाहिये । आपको समझना होगा कि वे काफी प्रतिस्पर्धी अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला खेल रहे हैं ।’’

मैं जडेजा को हमेशा अपनी टीम में रखता: अश्विन के अभी तक नहीं खेलने पर बोले मोईन अली

आर अश्विन के पहले तीन टेस्ट में बाहर रहने से मोईन अली थोड़े हैरान हैं लेकिन इंग्लैंड के इस आफ स्पिनर ने कहा कि अगर भारत एक ही विशेषज्ञ स्पिनर को लेकर उतरने की रणनीति पर कायम रहता है तो उनकी भी पसंद रविंद्र जडेजा ही होते।

जडेजा को बल्लेबाजी की वजह से अश्विन पर तरजीह दी गई लेकिन ओवल पर गुरूवार से शुरू हो रहे चौथे टेस्ट में टीम में बदलाव हो सकता है।

मोईन ने चौथे टेस्ट से पहले कहा ,‘‘ अश्विन के अभी तक नहीं खेलने से थोड़ा हैरान हूं। लेकिन मेरा मानना है कि जडेजा अद्भुत क्रिकेटर है और दुनिया में मेरे सबसे पसंदीदा क्रिकेटरों में से एक है।’’
उन्होंने कहा ,‘‘ मैं जडेजा को हमेशा अपनी टीम में रखता। मुझे लगता है कि लाडर्स में जीतने के बाद भारत ने चार तेज गेंदबाजों को लेकर उतरने की रणनीति अपनाई और जडेजा ने शानदार प्रदर्शन किया। मुझे यकीन है कि अगले टेस्ट में अश्विन के नाम पर विचार किया जायेगा।’’

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 2017 में ओवल पर हैट्रिक लगाने वाले मोईन ने कहा ,‘‘ मैं दोबारा हैट्रिक की उम्मीद नहीं कर रहा लेकिन उम्मीद है कि पिच से स्पिन को मदद मिलेगी। यह बल्लेबाजी के लिये अच्छी विकेट है और आखिरी चरण में स्पिनरों की मददगार होगी।’’

लाडर्स टेस्ट के जरिये दो साल बाद टेस्ट टीम में लौटे मोईन को नहीं लगता कि उनकी जगह टीम में पक्की हुई है लेकिन उन्होंने कहा कि उपकप्तानी मिलना सम्मान की बात है।उन्होंने कहा ,‘‘ इंग्लैंड के लिये किसी भी प्रारूप में कप्तानी या उपकप्तानी करना बड़ा सम्मान है और मैं काफी रोमांचित हूं। ’’

निचले क्रम में भारत की बल्लेबाजी की समस्या का समाधान है अश्विन- माइकल वॉन

इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने तीसरे टेस्ट मैच में अपनी टीम की पारी से जीत के बाद कहा था कि लॉर्ड्स में मोहम्मद शमी के नाबाद अर्धशतक ने भारतीय टीम के लिये ‘निचले क्रम की बल्लेबाजी के बारे में सुरक्षा की गलत भावना’ पैदा कर दी थी, लेकिन वे बल्लेबाजी क्रम में ‘आठवें से 11वें नंबर तक’ चार ऐसे खिलाड़ियों को नहीं रख सकते जो बल्लेबाजी तकनीक के मामले में काफी कमजोर हो।

वॉन का मानना है कि अनुभवी ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन को अंतिम एकादश में शामिल करने से समस्या का समाधान हो सकता है।

वॉन ने फेसबुक पोस्ट में लिखा था, ‘‘ निश्चित तौर पर उन्हें अगले सप्ताह रवि अश्विन को चुनना चाहिए। आपके पास आठवें से 11वें स्थान तक चार बेहद कमजोर बल्लेबाज नहीं हो सकते। लॉर्ड्स में मोहम्मद शमी की शानदार पारी ने उनके लिए निचले क्रम की बल्लेबाजी में उम्मीद की गलत किरण जगायी। वास्तव में, मोहम्मद शमी आठवें क्रम पर बल्लेबाजी करने के लायक नहीं है।’’

वॉन ने ‘बीबीसी टेस्ट मैच स्पेशल पोडकास्ट’ में कहा था, ‘‘ अश्विन को अंतिम एकादश में आना होगा। भारतीय टीम लॉर्ड्स में बच गयी लेकिन आपके पास आठवें, नौवें, 10वें और 11वें स्थान पर चार ऐसे खिलाड़ी नहीं हो सकते जो बल्लेबाजी में काफी कमजोर हो। अश्विन को खिलाना चाहिए, उन्होंने टेस्ट में पांच शतक लगाये हैं। उन्होंने 400 से अधिक टेस्ट विकेट लिये हैं। उसे इस टेस्ट टीम में शामिल होना चाहिए।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ भारतीय ड्रेसिंग रूम में काफी अनुभव है। श्रृंखला के आखिरी दो मैच, दो बहुत अच्छे स्थल पर खेले जायेंगे जहां स्पिन ने ऐतिहासिक रूप से भूमिका निभाई है। अगर अश्विन गुरुवार की सुबह टीम शीट (अंतिम 11 खिलाड़ी) पर नहीं होते तो मेरे लिए यह चौंकाने वाला होगा।’’



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