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  4. How to Identify Real Silver: Purity Standards, Hallmarking & Buying Tips
Last Updated : बुधवार, 7 जनवरी 2026 (16:31 IST)

चांदी लेने वाले सावधान! हो सकते हैं ठगी का शिकार, इन बातों का रखें ध्यान

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Silver news in hindi : देश में इन दिनों चांदी के दाम आसमान पर है। लगातार दाम बढ़ने की वजह से निवेशकों के साथ ही आम लोगों की नजर भी इस पर बनी हुई है। मांग और दाम बढ़ने तथा सप्लाय कम होने की वजह से बड़ी संख्या में लोग इसमें धोखाधड़ी के भी शिकार हो रहे हैं। हाल ही में रेलवे के रिटायर्ड कर्मचारियों को सम्मान में मिले गोल्ड प्लेटेड चांदी के सिक्के नकली निकले थे। सिक्कों में 20 ग्राम चांदी बताई गई थी जबकी लैब में टेस्टिंग में पता चला कि इनमें केवल 0.23 ग्राम ही चांदी है।
 
चांदी में क्यों होती है मिलावट : चांदी में मिलावट दो वजहों से की जाती है। पहली, चांदी को मजबूती देने के लिए और दूसरी, चांदी की लागत कम करके ग्राहक को धोखा देने के लिए। शुद्ध चांदी (99.9%) बहुत नरम होती है, इससे गहने नहीं बन सकते। इसलिए  स्टर्लिंग सिल्वर और तांबा मिलाकर गहने बनाए जाते हैं।
 
चांदी में कौन सी धातुओं की मिलावट : कई ज्वैलर्स चांदी की मात्रा 80% से घटाकर 60-70% कर देते हैं और बाकी हिस्सा तांबे से भर देते हैं, लेकिन दाम शुद्ध चांदी का ही लेते हैं। इसी तरह जस्ता और निकल का उपयोग अक्सर चांदी की चमक बढ़ाने और उसे सख्त बनाने के लिए किया जाता है। निकल चांदी जैसा ही सफेद दिखता है, इसलिए पहचानना मुश्किल होता है। सस्ते गहनों और ग्रामीण इलाकों में बिकने वाले पायल/बिछिया में जस्ते की भारी मिलावट ज्यादा होती है।
 
गहनों पर टांके लगाने के लिए जर्मन सिल्वर के नाम में भले ही 'सिल्वर' हो लेकिन वास्तव में चांदी बिल्कुल नहीं होती। यह तांबा, जस्ता और निकल का मिश्रण होता है। यह केवल चांदी जैसा दिखता है। सजावटी सामानों में इसका खूब उपयोग होता है, लेकिन इसे चांदी समझकर निवेश न करें।
 
चांदी खरीदते समय क्या सावधानी रखें : लोगों को चांदी खरीदते समय विशेष सावधानी रखना चाहिए। जानिए चांदी खरीदते समय क्या सावधानी रखना चाहिए...
हॉलमार्किंग की जांच करें : सोने की तरह ही चांदी की भी हॉलमार्किंग होती है। हालांकि यह स्वैच्छिक है।
शुद्धता का ग्रेड समझें : चांदी की शुद्धता अलग-अलग रूपों में आती है, अपने उद्देश्य के हिसाब से सही ग्रेड चुनें। 999 ग्रेड (Fine Silver), यह 99.9% शुद्ध होती है। यह बहुत नरम होती है, इसलिए इसके सिक्के, बिस्किट (Bars) या बर्तन ही बेहतर होते हैं। 925 ग्रेड (Sterling Silver) इसमें 92.5% चांदी और 7.5% तांबा/जस्ता होता है। गहनों के लिए यही सबसे अच्छी मानी जाती है क्योंकि यह टिकाऊ होती है। 800/900 ग्रेड की चांदी आमतौर पर पुराने सिक्कों या कुछ खास तरह के बर्तनों में मिलती है।
 
कीमत और मेकिंग चार्ज : चांदी की कीमतें हर दिन बदलती हैं। खरीदने से पहले उस दिन का आधिकारिक बाजार भाव जरूर चेक करें। गहनों पर मेकिंग चार्ज चांदी की कीमत का 15% से 25% तक हो सकता है। वहीं सिक्कों पर मेकिंग चार्ज कम होता है।
 
शुद्धता जांचने के आसान तरीके :  अगर आप हॉलमार्क के अलावा खुद भी जांचना चाहते हैं, तो ये तरीके अपना सकते हैं...
चुंबक टेस्ट : असली चांदी चुंबकीय नहीं होती। अगर गहना चुंबक की तरफ खिंच रहा है, तो उसमें लोहे या अन्य धातु की मिलावट है।
बर्फ टेस्ट : चांदी ऊष्मा की सुचालक है। चांदी के सिक्के पर बर्फ का टुकड़ा रखने पर वह सामान्य सतह की तुलना में बहुत तेजी से पिघलेगा।
रिंग टेस्ट: चांदी के सिक्के को फर्श पर गिराने पर एक तीखी 'रिंगिंग' आवाज आती है, जबकि मिलावटी धातु से भारी और दबी हुई आवाज आती है।
स्मैल टेस्ट : असली चांदी में कोई गंध नहीं होती। अगर गहने से तांबे जैसी या किसी धातु की महक आ रही है, तो उसमें मिलावट है।  मिलावटी चांदी बहुत जल्दी काली या हरी पड़ने लगती है।
 
हॉलमार्किंग कब अनिवार्य होगी : चांदी पर करीबी नजर रखने वाले वीरेंद्र व्यास ने बताया कि फिलहाल चांदी में हॉलमार्किंग स्वैच्छिक है। बड़े ज्वेलर्स से चांदी खरीदने पर वे हॉलमार्क कराकर ही चांदी देते हैं। उन्होंने कहा कि 40 प्रतिशत, 50 प्रतिशत और 60 प्रतिशत वाली चांदी में बाजार में मिल रही है। 80 प्रतिशत से ऊपर की चांदी को ही हॉलमार्क क्वालिटी का माना जाता है। 
 
व्यास ने बताया कि सोने की तरह चांदी में हॉलमार्किंग को इंफ्रास्ट्रक्चर के अभाव में वैकल्पिक रखा गया है। सोने के मुकाबले चांदी सस्ती है। ऐसे में इसमें बल्क मैन्यूफैक्चरिंग होती है। इतनी मात्रा में चांदी की हॉलमार्किंग करना संभव नहीं है।
edited by : Nrapendra Gupta