ईरान में अमेरिकी हमले में 200 से ज्यादा की मौत, ट्रंप बोले हमला जारी रहेगा
US Iran War : अमेरिका और इजराइल ने रविवार को ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर बमबारी की। हमलों में बैलिस्टिक मिसाइल साइट्स और नौसेना के युद्धपोतों को निशाना बनाया गया। शुरुआती रिपोर्ट्स के अनुसार, इस हमले में 200 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। जवाब में ईरान ने इजराइल और खाड़ी देशों की ओर मिसाइलें दागीं, जिससे क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है। इस संघर्ष में 3 अमेरिकी सैनिक मारे गए और 5 गंभीर रूप से घायल हुए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि ईरान पर हमला जारी रहेगा।
ट्रंप ने कहा कि ईरान पर हमला जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई 5 हफ्ते तक चल सकती है। ये हमारे लिए कोई मुश्किल काम नहीं। ट्रंप ने युद्ध में जान गंवाने वाले अमेरिकी सैनिकों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि मौत का बदला लेंगे।
यूएस सेंट्रल कमांड ने पोस्ट किया कि ईरानी शासन का बैलिस्टिक मिसाइलों का लापरवाह इस्तेमाल और उनका प्रसार दशकों से खतरनाक रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति के निर्देश पर अमेरिकी बल इस खतरे को खत्म कर रहे हैं।
ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी भी अमेरिका के साथ
ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी ने कहा है कि वे अमेरिका के साथ मिलकर ईरान के जवाबी हमलों को रोकने के लिए तैयार हैं। उनका कहना है कि इन हमलों से क्षेत्र में मौजूद उनके सैनिकों और नागरिकों की जान खतरे में पड़ रही है।
अलीरेजा अराफी संभालेंगे ईरान की कमान
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनई की मौत के बाद अयातुल्लाह अलीरेजा अराफी को अंतरिम सुप्रीम लीडर बनाया गया है। खबरों के अनुसार, अराफी अस्थाई नेतृत्व परिषद के सदस्य के रूप में नए नेता के चयन तक जिम्मेदारी संभालेंगे। उन्हें अंतरिम नेतृत्व परिषद में एक धर्मविद (जुरिस्ट) सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया है। इस अंतरिम परिषद में राष्ट्रपति मसूद पजेशकियान, मुख्य न्यायाधीश घोलम-होसैन मोहसेनी-एजेई और गार्जियन काउंसिल का एक धर्मगुरु शामिल होता है। ये तीनों मिलकर इस बदलाव के समय में देश चलाएंगे। यह 88 सदस्यों का धार्मिक निकाय है।
edited by : Nrapendra Gupta