biodatamaker
✕

चीन के लिए खतरा भारत का उपभोक्ता बाजार

Updated: शुक्रवार, 20 मई 2016 (11:31 IST)
बीजिंग। चीन के मीडिया ने गुरुवार को आगाह किया कि नए निवेश गंतव्य के रूप में भारत को मिल रही तरजीह ने चीन की ‘दुखती नस’ को छुआ है क्योंकि तेजी से बढ़ता भारतीय उपभोक्ता बाजार ‘चीन की चमक’ को छीन सकता है।
ग्लोबल टाइम्स में प्रकाशित एक आलेख के अनुसार प्रमुख प्रौद्योगिकी कंपनी एपल के मुख्य कार्यकारी टिम कुक इस समय भारत की यात्रा पर हैं ताकि वहां कंपनी के खुद के स्टोर खोलने के प्रस्ताव पर जोर दे सकें और भारत के तेजी से बढ़ते उपभोक्ता बाजार में उपस्थिति बढाई जा सके।
 
कुक की इस बहुप्रचारित भारत यात्रा से पहले एपल की आपूर्ति करने वाली फाक्सकॉन जैसी प्रमुख कंपनियों ने भारत में अपने कारोबार के विस्तार की योजनाओं की घोषणा की है।
 
आलेख का शीषर्क ‘कड़ी प्रतिस्पर्धा कर रहा है भारत लेकिन चीनी फर्मों के लिए भी बड़े बाजार की पेशकश’ है। इसमें कहा गया है, ‘इस कहानी ने एक बार फिर चीन में अनेक लोगों की दुखती रग को छुआ है। मोदी सरकार द्वारा 2014 में ‘मेक इन इंडिया’ पहल की शुरआत से ही विनिर्माण गतिविधियों के चीन से भारत जाने को लेकर खूब चर्चा हो रही है।’ 
 
इसके अनुसार, ‘अब यह लगता है कि भारत का तेजी से बढ़ता उपभोक्ता बाजार चीन की चमक भी छीन रहा है।’ इसमें कहा गया है कि भारत के सुधरते औद्योगिक बुनियादी ढांचे, तेजी से बढते उपभोक्ता बाजार, सस्ते श्रम व विनिर्माण क्षेत्र के लिए अन्य फायदों को ध्यान में रखते हुए वैश्विक कंपनियां भारत को लगातार आकर्षक बनते गंतव्य के रूप में देख सकती हैं। (भाषा)
Show comments

कॉलेजियम विवाद पर पूर्व CJI चंद्रचूड़ जवाब, जस्टिस कौल की किताब में क्या है दावा?

देश की 27 सर्वश्रेष्ठ प्रशासनिक पहलों में यूपी के 3 मॉडल, जानिए कैसे बदल रही ग्रामीण महिलाओं की जिंदगी

iPhone Duo : आईफोन डुओ की स्क्रीन कुछ घंटों में टूटने का दावा, रिपेयर खर्च सुनकर उड़ जाएंगे होश, क्या यूजर्स को चिंता करनी चाहिए?

Hyundai की नई SUV में क्या है खास? कीमत, फीचर्स और माइलेज की पूरी जानकारी

Post Office RD Scheme : हर महीने 100 रुपए की बचत बनाएगी आपको मालामाल, जानें ब्याज, मैच्योरिटी और नियम

सभी देखें

पीएम मोदी ने महिला से कहा- थैंक्यू तो योगी जी को बोलो...

अखिलेश जी! विरासत में गद्दी मिल सकती है, बुद्धि नहीं : CM योगी

मनोज जरांगे के 500 करोड़ के आरोप के बाद BJP-शिवसेना में सीधी जंग, क्या भाजपा सच में एकनाथ शिंदे को 'खत्म' करना चाहती है?

Railway Ticket Insurance : टिकट के साथ बीमा लिया तो नकद भुगतान नहीं चलेगा, जानें नया नियम

कॉलेजियम विवाद पर पूर्व CJI चंद्रचूड़ जवाब, जस्टिस कौल की किताब में क्या है दावा?

अगला लेख