ऐसा होगा देश का आर्थिक परिदृश्य (मुख्य बिंदु)

नई दिल्ली| भाषा| पुनः संशोधित शुक्रवार, 13 सितम्बर 2013 (16:31 IST)
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (पीएमईएसी) के अध्यक्ष डॉ. सी. रंगराजन द्वारा 2013-14 के पर शुक्रवार को जारी रिपोर्ट की मुख्य बातें इस प्रकार हैं-


* वित्त वर्ष 2013-14 की जीडीपी वृद्धि दर के अनुमान को 6.4 प्रतिशत से घटाकर 5.3 प्रतिशत किया।

* चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में वृद्धि दर में सुधार होगा।


* कृषि उत्पाद वृद्धि दर 4.8 प्रतिशत, उद्योग की 2.7 प्रतिशत रहने का अनुमान।

* सेवा क्षेत्र की वृद्धि दर घटकर 6.6 प्रतिशत रहने का अनुमान। 2012-13 में यह 7 प्रतिशत थी

* मार्च के अंत तक मुद्रास्फीति 5.5 प्रतिशत रहने का अनुमान।

* चालू खाते का घाटा (कैड) प्रमुख चिंता, इस वर्ष घटकर 70 अरब डॉलर या 3.8 प्रतिशत पर आ सकता है।

* व्यापार घाटा 185 अरब डॉलर रहने का अनुमान।
* सोने का वार्षिक आयात घटकर 38 अरब डॉलर रह सकता है।

* कुल विदेशी पूंजी आवक पिछले वित्त वर्ष के 89.4 अरब डॉलर से घटकर 61.4 अरब डॉलर रह सकती है।

* रुपए में बहुत सुधार हुआ है। कैड में सुधार के साथ इसमें और मजबूती आएगी।

* राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद के 4.8 प्रतिशत के स्तर पर नियंत्रित रखना चुनौती है।
* राजकोषीय घाटे को लक्ष्य तक सीमित रखने के लिए व्यय में कमी, सब्सिडी पुनर्गठन आवश्यक है।

* रुपए में स्थिरता आने तक मौजूदा कड़ी मौद्रिक नीति जारी रहनी चाहिए।

* वृद्धि प्रोत्साहित करने के लिए एफडीआई मानदंड को उदार बनाने, कर संबंधी मसलों के समाधान और कोयला, बिजली आदि क्षेत्रों पर ध्यान देने की जरूरत।
* घरेलू बचत दर बढ़कर 31 प्रतिशत रहेगी, जो 2012-13 में 30.2 प्रतिशत थी।

* निवेश दर घटकर सकल घरेलू उत्पाद के 34.7 प्रतिशत के बराबर रहेगी, जो पिछले साल 35 प्रतिशत थी। (भाषा)



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