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अंबेडकर जयंती पर कविता : शत-शत तुम्हें प्रणाम

शुक्रवार,अप्रैल 3, 2020
Dr. B.R.Ambedkar
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डॉ. भीमराव अंबेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 को महू में सूबेदार रामजी शकपाल एवं भीमाबाई की चौदहवीं संतान के रूप में हुआ था। उनके व्यक्तित्व में स्मरण शक्ति की प्रखरता,
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मैं नतमस्तक हो बाबा, श्रद्धा के फूल चढ़ाऊं, जय भीमा, जय भीमा, तेरे चरणों की धूल कहाऊं!! अर्थशास्त्री, कानून के ज्ञाता, भीमाबाई धर्मज्ञा माता,
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अंबेडकर भारतीय इतिहास के ऐसे महान व्यक्ति हैं जिन्होंने दलितों को सामाजिक अधिकार दिलाने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। आइए जानें बाबा साहेब अंबेडकर के 20 अनमोल विचार
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एक बार की बात है कि बनगिरी के घने जंगल में एक हाथी ने भारी उत्पात मचा रखा था। वह अपनी ताकत के नशे में चूर होने के कारण किसी को कुछ नहीं समझता था।
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'आदमी को मारा जा सकता है उसके विचार को नहीं। बड़े साम्राज्यों का पतन हो जाता है लेकिन विचार हमेशा जीवित रहते हैं और बहरे हो चुके लोगों को सुनाने के लिए ऊंची आवाज जरूरी है।' बम फेंकने के बाद भगतसिंह द्वारा फेंके गए पर्चों में यह लिखा था।
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कल रात सपने में आया कोरोना.... उसे देख जो मैं डरातो मुस्कुरा के बोला मुझसे डरो ना... उसने कहा- कितनी अच्छी है तुम्हारी संस्कृति। न चूमते,न गले लगाते
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प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की एक वीरांगना हैं रानी अवंतीबाई लोधी जिनके योगदान को हमेशा से इतिहासकारों ने कोई अहम स्थान न देकर नाइंसाफी की है
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विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कोरोना वायरस को महामारी घोषित कर दिया है। कोरोना वायरस बहुत सूक्ष्म लेकिन प्रभावी वायरस है।
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कवयित्री सावित्रीबाई फुले का जन्म महाराष्ट्र में 3 जनवरी 1831 को एक किसान परिवार में हुआ था।
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यह जो बच्चा अपने स्कूल से आते हुए पिता के साथ ठेले पर जा रहा है इसे देखकर कितनों का दिल पसीजा होगा। हम जो सुख सुविधा संपन्न होकर भी माता-पिता से अनेक शिकायत करते हैं। यह बच्चा तमाम अभावों के बीच रहते हुए अपने पिता के साथ ठेले पर बैठकर तल्लीन होकर ...
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नमस्कार, महिला दिवस की शुभकामनाएं। आज सबसे ज्यादा महिला सशक्तिकरण की बातें होंगी। लेकिन महिला सशक्तीकरण क्या है यह कोई नहीं जानता। महिला सशक्तीकरण एक विवेकपूर्ण प्रक्रिया है। हमने अति महत्वाकांक्षा को सशक्तिकरण मान लिया है।
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होली की मजेदार कविता- रम्मू जी ने पिचकारी में, रंग लबालब ठूंसा। दौड़े गम्मू के पीछे यूं, मार रहे हों घूंसा।
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हम भी पढ़े लिखे हैं भैया, हम भी पढ़े लिखे हैं। एक सुदूर गांव में रहते, करते रोज किसानी।
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अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस भी ऐसे ही खास मौकों में से एक हैं जिस दिन कई देशों में अवकाश होता है, जिससे कि इस दिन को स्पेशल तरीके से मनाया जा सकें।
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वैदिक काल की नारियों ने पुरुषों के समकक्ष स्थिति का आनंद लिया। वैदिक काल की महिलाएं शिक्षित होती थीं। उनका विवाह परिपक्वता की वय में ही होता था तथा उन्हें अपने वर को चुनने की आजादी होती थी।
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मोरारजी देसाई का जन्म भदेली में हुआ था। अपने कॉलेज जीवन से महात्मा गांधी, बाल गंगाधर तिलक और अन्य कांग्रेसी नेताओं का उनके जीवन पर काफी प्रभाव रहा।
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मोरारजी देसाई का जन्म 29 फरवरी 1896 को गुजरात के भदेली में हुआ था। इनके पिता का नाम रणछोड़जी देसाई व माता का नाम मणिबेन था।
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भारत रत्न प्राप्त महान वैज्ञानिक प्रोफेसर सी.वी. रमन (चंद्रशेखर वेंकटरमन) ने सन् 1928 में कोलकाता में 28 फरवरी के दिन एक उत्कृष्ट वैज्ञानिक खोज की थी, जो ‘रमन प्रभाव’ के रूप में प्रसिद्ध है। इसी खोज की याद में भारत में सन् 1986 से प्रतिवर्ष 28 फरवरी ...
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रमन की यह उत्कृष्ट वैज्ञानिक खोज 28 फरवरी 1930 को प्रकाश में आई थी। इस कारण 28 फरवरी राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस कार्य के लिए उनको 1930 में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
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