1. लाइफ स्‍टाइल
  2. नन्ही दुनिया
  3. कविता
Last Updated : बुधवार, 1 अक्टूबर 2014 (18:10 IST)

बाल कविता : बाबू गधाराम‌...

गधा चेंपू-चें‍पू क्यों बोलता है?

Donkey
प्यार बच्चों,
क्या आप जानते हैं गधा चेंपू-चें‍पू क्यों बोलता है?
क्या कहा?
नहीं...!!!!
तो कोई बात नहीं, जानना चाहते हो तो सुनो...।


 
FILE

एक गधे को मिली नौकरी,
दफ्तर के बाबू की।

सबसे अधिक कमाऊं थी जो,
वह कुर्सी काबू की।

काम कराने के बदले वे,
जमकर रिश्वत लेते।

जितना खाते उसमें से,
आधा अफसर को देते।

अफसर भालूराम मजे से,
सभी काम कर देता।

बाबू गधाराम था उसका,
सबसे बड़ा चहेता।

रोज मजे से भालूजी,
अंग्रेजी दारू पीते।

और बुला कर गधेराम को,
देशी पकड़ा देते।

देशी पीकर गधेराम का,
गला हो गया भोंपू।

इस कारण अब करते रहते,
दिन भर चेंपू-चेंपू।

लेखक के बारे में
प्रभुदयाल श्रीवास्तव
12, शिवम सुंदरम नगर, छिंदवाड़ा, मध्यप्रदेश (Mo.-+919131442512).... और पढ़ें