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बाल कविता: चंदा मामा
चंदा मामा गोल मटोल, कुछ तो बोल, कुछ तो बोल। कल थे आधे, आज हो गोल खोल भी दो अब अपनी पोल। रात होते ही तुम आ जाते , संग साथ सितारे लाते। दिन में न जाने कहां छिप जाते, कुछ तो बोल, कुछ तो बोल।