शीत लहर में आंगन वाले, बड़ के पत्ते हुए तर बतर। चारों तरफ धुंध फैली है, नहीं कामवाली है आई। और दूध वाले भैया ने, नहीं डोर की बैल बजाई। झाड़ू पौंछा कर मम्मी ने, साफ कर लिया है खुद ही घर। दादा दादी...