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हिन्दी कविता : अपना पर्यावरण बचाएं

Updated: शुक्रवार, 3 जून 2016 (17:02 IST)
-  डॉ. घमण्डीलाल अग्रवाल


 
पेड़ हम एक लगाएं
अपना पर्यावरण बचाएं।
 
प्राणवायु मिलती पेड़ों से,
पेड़ों से ही मिले लकड़ियां।
पेड़ घनी छाया देते हैं, 
पेड़ प्रदान करें औषधियां।
 
नहीं जानते उन्हें बताएं,
पेड़ हरा सोना कहलाए।
पेड़ स्वयंपोषी होते हैं,
अपना भोजन स्वयं बनाते।
 
अन्य जीवधारी पेड़ों से, 
जीने की सामग्री पाते,
हम अपना कर्तव्य निभाएं, 
पेड़ों की संख्या फैलाएं।
 
पेड़ नहीं तो हम होंगे क्या?
कभी बैठ फुर्सत से सोचो।
पेड़ों को मत काटो ऐसे,
अपने बालों को मत नोचो।
 
पेड़ों से ही सब सुख पाएं,
पेड़ हमें जीना सिखलाएं।
 
बहुत प्रदूषण अब समाज में,
पेड़ इसे कम कर देते हैं।
औरों की खातिर मिट जाते,
हर अभाव को पी लेते हैं।
साभार - देवपुत्र 
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