मंगलवार, 23 जून 2026
Choose your language
हिन्दी
English
தமிழ்
मराठी
తెలుగు
മലയാളം
ಕನ್ನಡ
ગુજરાતી
Follow us
समाचार
योगी आदित्यनाथ
उत्तर प्रदेश
मुख्य ख़बरें
राष्ट्रीय
अंतरराष्ट्रीय
इंदौर
प्रादेशिक
मध्यप्रदेश
छत्तीसगढ़
गुजरात
महाराष्ट्र
राजस्थान
काम की बात
ऑटो मोबाइल
क्राइम
फैक्ट चेक
व्यापार
मोबाइल मेनिया
बॉलीवुड
बॉलीवुड न्यूज़
हॉट शॉट
वेब स्टोरी
मूवी रिव्यू
आलेख
पर्यटन
खुल जा सिम सिम
आने वाली फिल्म
बॉलीवुड फोकस
सलमान खान
सनी लियोन
टीवी
मुलाकात
क्रिकेट
अन्य खेल
धर्म-संसार
एकादशी
भविष्यवाणी
सनातन धर्म
श्री कृष्णा
रामायण
महाभारत
व्रत-त्योहार
धर्म-दर्शन
श्रीरामचरितमानस
फीफा विश्वकप
ज्योतिष
दैनिक राशिफल
आज का जन्मदिन
आज का मुहूर्त
राशियां
लाल किताब
वास्तु-फेंगशुई
टैरो भविष्यवाणी
रामशलाका
चौघड़िया
आलेख
नवग्रह
रत्न विज्ञान
श्रीरामचरितमानस
श्रीमद्भगवद्गीता
समाचार
योगी आदित्यनाथ
उत्तर प्रदेश
मुख्य ख़बरें
राष्ट्रीय
अंतरराष्ट्रीय
इंदौर
प्रादेशिक
मध्यप्रदेश
छत्तीसगढ़
गुजरात
महाराष्ट्र
राजस्थान
काम की बात
ऑटो मोबाइल
क्राइम
फैक्ट चेक
व्यापार
मोबाइल मेनिया
बॉलीवुड
बॉलीवुड न्यूज़
हॉट शॉट
वेब स्टोरी
मूवी रिव्यू
आलेख
पर्यटन
खुल जा सिम सिम
आने वाली फिल्म
बॉलीवुड फोकस
सलमान खान
सनी लियोन
टीवी
मुलाकात
क्रिकेट
अन्य खेल
धर्म-संसार
एकादशी
भविष्यवाणी
सनातन धर्म
श्री कृष्णा
रामायण
महाभारत
व्रत-त्योहार
धर्म-दर्शन
श्रीरामचरितमानस
फीफा विश्वकप
ज्योतिष
दैनिक राशिफल
आज का जन्मदिन
आज का मुहूर्त
राशियां
लाल किताब
वास्तु-फेंगशुई
टैरो भविष्यवाणी
रामशलाका
चौघड़िया
आलेख
नवग्रह
रत्न विज्ञान
श्रीरामचरितमानस
श्रीमद्भगवद्गीता
×
Close
लाइफ स्टाइल
नन्ही दुनिया
कविता
Poem in Hindi
Written By
प्रभुदयाल श्रीवास्तव
Last Updated :
सोमवार, 13 मई 2024 (15:32 IST)
सम्बंधित जानकारी
बाल गीत : कूक बड़ी प्यारी, कोयल की
बाल गीत: क्यों न शामिल कर लें
gantantra diwas : गणतंत्र दिवस पर 5 प्रेरणादायक कविताएं
बाल गीत : गुड़िया के क्या कहने
बाल गीत 'फल्ली मुनगा की'
बाल गीत : हम भी चलते रहें निरंतर
आज गए थे पिकनिक में हम,
नदी व्यारमा तीरे।
नदी किनारे घूम रहे थे,
हम सब धीरे-धीरे।
नीले रंग की नदी फुदकती,
पत्थर चट्टानों में।
और फुसफुसाकर कहती थी ,
वह तट के कानों में।
'मेरे भीतर छुपे हुए हैं,
ढूंढो आकर हीरे'।
शांत किनारों पर पेड़ों की,
जल में थी परछाईं।
खेल रहे थे डाली पत्ते,
जैसे चाईं-माईं।
एक तरफ थे पड़े रेत के,
ढेरम-ढेर जखीरे।
सर-सर-सर-सर बहता पानी,
सबसे कहता जाता।
अविरल चलने वाला ही तो,
मंजिल तक जा पाता।
हम भी चलते रहें निरंतर,
बाधाओं को चीरे।
लेखक के बारे में
प्रभुदयाल श्रीवास्तव
12, शिवम सुंदरम नगर, छिंदवाड़ा, मध्यप्रदेश (Mo.-+919131442512)....
और पढ़ें
हमारे साथ WhatsApp पर जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें
हमारे साथ Telegram पर जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें
ये भी पढ़ें
ये है सनबर्न का अचूक आयुर्वेदिक इलाज
वेबदुनिया पर पढ़ें :
समाचार
बॉलीवुड
ज्योतिष
लाइफ स्टाइल
धर्म-संसार
महाभारत के किस्से
रामायण की कहानियां
रोचक और रोमांचक
जरुर पढ़ें
Hiccups Relief Tips: बार-बार हिचकी क्यों आती है? जानें कारण और आसान उपचार
Why Do Hiccups Occur Frequently: हिचकी एक सामान्य शारीरिक प्रक्रिया है, जो डायाफ्राम अर्थात् फेफड़ों के नीचे की मांसपेशी के अचानक सिकुड़ने से होती है। आमतौर पर हिचकी कुछ मिनटों में अपने आप बंद हो जाती है, लेकिन यदि यह बार-बार आए या लंबे समय तक बनी रहे, तो इसके पीछे कुछ विशेष कारण हो सकते हैं।
इलाज आपकी थाली में, ध्यान नहीं दिया तो साइलेंट किलर साबित हो सकता है एनीमिया
थाली पर ध्यान देंगे तो नहीं होगी खून की कमी
घर संभालने वाली महिलाओं को 30 हजार; पर 'हाउस हसबैंड्स' का क्या?
सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: गृहिणियां अब 'नेशन बिल्डर्स'
भरपूर लाभ के लिए रोज करें मंडूकासन; जानिए इसे करने का सही तरीका
'मंडूक' का सीधा सा मतलब है मेंढक। जब आप इस योग की अंतिम मुद्रा में होते हैं, तो आपके शरीर का आकार एक बैठे हुए मेंढक जैसा दिखाई देता है, बस इसीलिए इसे मंडूकासन (Frog Pose) कहा जाता है। वैसे तो इसे करने के कई तरीके हैं, लेकिन सबसे पॉपुलर और असरदार तरीका नीचे दिया गया है।
हिंदी साहित्य में पहेली के रूप में लिखी जाने वाली एक लयात्मक कविता: कह मुकरियां
पहेली के रूप में लिखी जाने वाली हिंदी साहित्य में एक लयात्मक कविता। मुझको देता शीतल छाया। देख उसे मन बहुत लुभाया। वर्षा देने में वह दक्ष। क्या सखि साजन? ना सखि ‘वृक्ष’।। उसकी छटा श्याम सुखकारी। सावन में उसकी बलिहारी। धरा को जो कर देता मादल। क्या सखि साजन? ना सखि बादल।।
वीडियो
और भी वीडियो देखें
नवीनतम
Sanjay Gandhi: पुण्यतिथि विशेष: संजय गांधी कौन थे, जानें राजनीति में उनका योगदान
Sanjay Gandhi India political leader: भारतीय राजनीति के इतिहास में संजय गांधी एक ऐसी शख्सियत रहे हैं, जिनकी चर्चा के बिना 1970 के दशक का इतिहास अधूरा है। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के छोटे बेटे संजय गांधी का राजनीतिक जीवन जितना छोटा था, उतना ही प्रभावशाली और विवादों से घिरा रहा।
'अष्टांग योग गीत'
चित्त की चंचल लहरें रोकें, अन्तस आलोक जगाएं हम। आओ साधक! पतंजलि का, अष्टांग योग अपनाएं हम। प्रथम सीढ़ी 'यम' की है भाई, सत्य-अहिंसा मन में लाना। अस्तेय, ब्रह्मचर्य, अपरिग्रह को, तुम जीवन का मूल बनाना। शुचिता, संतोष, तप, स्वाध्याय, 'नियम' की राह दिखाता है। ईश्वर-प्रणिधान का सुमिरन करना,
प्रेरणादायक कहानी: मीनू की 'कूल' तरकीब: जब परिंदे बने दोस्त
Inspirational Story: यहां बच्चों के लिए मीनू की सूझबूझ और पक्षियों के प्रति उसके प्रेम की एक बहुत ही प्यारी और प्रेरणादायक कहानी प्रस्तुत हैं। शहर की ऊंची इमारतों के बीच मीनू का एक छोटा सा घर था, जिसकी बालकनी में चमेली की बेलें और कुछ गमले लगे थे। मई की दुपहरी में जब लू चलती, तो सड़कें सूनी हो जाती थीं। मीनू अपनी खिड़की से बाहर देख रही थी
स्वस्थ, जागरूक और विकसित भारत की आधारशिला है 'योग'
'समत्वं योग उच्यते' अर्थात् संतुलन ही योग है... श्रीमद्भगवद्गीता में भगवान श्रीकृष्ण का यह संदेश जहां समूचे विश्व को संतुलित करने का सूत्र है, वहीं महर्षि पतंजलि ने पतंजलि योग सूत्र में 'योगश्चित्तवृत्तिनिरोध' के माध्यम से मानव जीवन को स्वस्थ और निरोग रहने का मार्ग प्रदान किया है। भारत की यही सनातन योग परंपरा विश्व को शरीर, मन और आत्मा के स्तर पर संतुलित और समृद्ध बनाने का आधार है।
नॉर्वे की युवराज्ञी अस्पताल में और बेटा जेल में
Norway-Crown Princes: विधि का विधान भी कई बार कितना विचित्र होता है! नॉर्वे की 52 वर्षीय युवराज्ञी (क्राउन प्रिंसेस) मेत्ते-मारित, 2018 से ही फेफड़ों की एक असाध्य बीमारी से जूझ रही थीं। एक लंबी प्रतीक्षा के बाद, 17 जून को प्रतिरोपित एक नए फेफड़े के साथ अब वे अस्पताल में हैं।