dharma sangrah
✕

बाल गीत : फूल खिलें तो गाल बजाओ...

Updated: शनिवार, 20 मई 2017 (12:51 IST)
हर दिन घर में दीप जलाओ।
हर दिन दीपावली मनाओ।
हटा अंधेरा मिला उजाला,
इसी बात पर हंसो-हंसाओ।
 
रोने में क्या रखा फायदा,
हंसने के अवसर ढुंढवाओ।
चाय मिले तो नाचो-गाओ,
मिले नाश्ता तो मुस्काओ।
 
बच्चों के संग मिलकर बैठो,
उनके संग में धूम मचाओ।
मिले अगर मौका तो उनको,
अच्छे-अच्छे गीत सुनाओ।
 
जन्मदिवस पर खुद के अपने,
या पत्नी के पौधे लगाओ।
पानी-खाद सुबह से डालो,
फूल खिलें तो गाल बजाओ।
 
घर का स्वच्छ सुगंधित भोजन,
संग में बैठो मिलकर खाओ।
हंसी, दिल्लगी, मस्ती, ठठ्ठा,
दिनचर्या का अंग बनाओ।
 
कड़वी बातें एक कान से,
सुनो दूसरे से धकियाओ।
कहने वाले कहते रहते,
ध्यान कभी उस पर न लाओ।
 
यह जीवन अनमोल धरोहर,
भले काम में इसे लगाओ।
याद करे तुमको यह दुनिया,
ऐसे नेक काम कर जाओ।
लेखक के बारे में
प्रभुदयाल श्रीवास्तव
12, शिवम सुंदरम नगर, छिंदवाड़ा, मध्यप्रदेश (Mo.-+919131442512).... और पढ़ें
Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

कब मनाया जाएगा आचार्य विद्यासागर का जन्‍मोत्‍सव, जानिए उनके जीवन से जुड़ी खास बातें...

कौन थे महर्षि वाल्मीकि? कब मनाई जाएगी उनकी जयंती? जानिए उनके बारे में रोचक बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शक्ति और सामर्थ्य से सार्थक हो रहा है भारत

विश्वास टूटता कहां है और बनता कैसे है?

चारधाम यात्रा: अटूट आस्था, VIP संस्कृति और व्यवस्थाओं की अग्निपरीक्षा

अगला लेख