sundarkand

नन्ही कविता : चुनमुन और बुलबुल

Updated: शनिवार, 9 जुलाई 2016 (15:24 IST)
चुनमुन बोली
नानाजी लिखते हैं कविता
नानी कहे कहानी
मम्मी मेरी मुझे चाहती
उसने बात बखानी
और कहा फिर
बोलो बोलो अब तुम बोलो
मेरी बुलबुल रानी ...1

 
बुलबुल बोली
ओ! ऐ! सुन तू, मेरी दादी
मुझको है नहलाती
धुले हुए कपड़े पहनाकर
मुझे घुमाने जाती
और कहा फिर
बोलो बोले अब तुम बोलो
मेरी चुनमुन रानी ...2
 
चुनमुन बोली
मेरे पापा मुझे कार में
विद्यालय ले जाते
रोज शाम को लेने आते
आइस्क्रीम खिलाते
और कहा फिर
बोलो बोलो अब तुम बोलो
मेरी बुलबुल रानी ...3
 
बुलबुल बोली
मेरे दादाजी हैं मुझको
गाना रोज सिखाते
सा रे गा मा पा धा नि सा
की तानें बुलवाते
और फिर कहा
बोलो बोलो अब तुम बोलो
मेरी चुनमुन रानी ...4 
 
(चुनमुन बुलबुल एकसाथ)
आओ! अब हम दोनों मिलकर
झगड़ा दूर भगाएं
साथ रहें हम खेलें मिल-जुल
सबको पास बुलाएं
 
चुनमुन बोली
बोलो बोलो अब तुम बोलो
मेरी बुलबुल रानी
बुलबुल बोली
बोलो अब तुम बोलो
मेरी चुनमुन रानी ...5
लेखक के बारे में
कृष्ण वल्लभ पौराणिक
Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वैश्विक मंच पर बढ़ायी भारत की प्रतिष्ठा और मान-सम्मान

नया भारत, नई उड़ान: मोदी युग में आत्मविश्वास का नया शिखर

17 सितंबर जन्मदिन पर विशेष: भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बारे में 25 दिलचस्प बातें

भारत के राष्ट्र-निर्माता और इंजीनियरिंग के मसीहा: सर एम. विश्वेश्वरैया

हिंदी दिवस विशेष: जानिए कैसे हिंदी राष्ट्रभाषा के गौरव से वंचित रह गई?

अगला लेख