Narak Chaturdashi
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मजेदार बाल कविता : मुन्नी ने फूल गिने

Updated: मंगलवार, 29 जून 2021 (13:24 IST)
Flowers
 
किरणों के गमछे से,
सबके सब पूंछने हैं।
सूरज पर कोहरे के,
दाग लगे जितने हैं।
 
मंद पवन चलना है,
पतझड़ भी होना है।
गेहूं की बाली को,
बन जाना सोना है।
 
सूख गए पापड़ से,
पत्ते जो चिकने थे।
आमों की डालों पर,
बौर महक जाना है।
 
धरती को तीसी के,
रंग में रंग जाना है
मुन्नी ने नीले ये,
फूल गिने कितने थे।
 
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लेखक के बारे में
प्रभुदयाल श्रीवास्तव
12, शिवम सुंदरम नगर, छिंदवाड़ा, मध्यप्रदेश (Mo.-+919131442512).... और पढ़ें

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