suvichar

बालगीत : जादू की पुड़िया

Updated: शनिवार, 9 जुलाई 2016 (13:02 IST)
गुड्डा राजा भोपाली हैं,
गुड़िया शुद्ध जबलपुरिया।


 
गुड्डा को पापा लाए थे,
भोजपाल के मेले से।
गुड़िया आई जबलपुर के,
सदर गंज के ठेले से।
 
गुड्डा को आती बंगाली,
गुड़िया को भाषा उड़िया।
 
गुड्डा खाता रसगुल्ले है,
गुड़िया को डोसा भाते।
दही बड़े जब बनते घर में,
दोनों ही मिलकर खाते।
 
दोनों को ही अच्छी लगती,
मां के हाथों की गुझिया।
 
गुड्डा को इमली भाती है,
गुड़िया को हैं आम पसंद,
मां के हाथों के खाने में,
दोनों को आता आनंद।
 
दोनों कहते मां के हाथों,
में है जादू की पुड़िया। 
लेखक के बारे में
प्रभुदयाल श्रीवास्तव
12, शिवम सुंदरम नगर, छिंदवाड़ा, मध्यप्रदेश (Mo.-+919131442512).... और पढ़ें
Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वैश्विक मंच पर बढ़ायी भारत की प्रतिष्ठा और मान-सम्मान

नया भारत, नई उड़ान: मोदी युग में आत्मविश्वास का नया शिखर

17 सितंबर जन्मदिन पर विशेष: भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बारे में 25 दिलचस्प बातें

भारत के राष्ट्र-निर्माता और इंजीनियरिंग के मसीहा: सर एम. विश्वेश्वरैया

हिंदी दिवस विशेष: जानिए कैसे हिंदी राष्ट्रभाषा के गौरव से वंचित रह गई?

अगला लेख