1. लाइफ स्‍टाइल
  2. नन्ही दुनिया
  3. कविता
  4. elephant-ant and rakhi

रक्षाबंधन पर फनी बाल कविता : चींटी लाई राखी

elephant-ant and rakhi
बजी द्वार पर घंटी ट्रिन ट्रिन,
हाथी जी चकराए।
फंदक-फंदक कर गुस्से में वह,
दरवाजे तक आए।
 
देख गेट पर चींटी जी को,
क्रोध हुआ काफूर।
सूंड उठाकर पूछा मुझसे,
क्या कुछ हुआ कसूर?
 
चींटी बोली अरे! नहीं रे,
डर मत मेरे भाई।
रक्षाबंधन पर भैया मैं,
राखी लेकर आई।
लेखक के बारे में
प्रभुदयाल श्रीवास्तव
12, शिवम सुंदरम नगर, छिंदवाड़ा, मध्यप्रदेश (Mo.-+919131442512).... और पढ़ें
अगला लेख
रक्षाबंधन का खास पकवान : नमकपारे