लौह छवि के साथ उभरेंगी सोनिया
- शंकर चरण त्रिपाठी
Girish Srivastava
WD26 नवंबर, 2011 के आस-पास मनमोहन सिंह का कालखंड स्वास्थ्य के लिहाज से पूर्ण हो रहा है। 27 नवंबर, 2011 से राहुल गाँधी के प्रधानमंत्री बनने का कालखंड शुरू होता है लेकिन इससे पहले भी राहुल की भूमिका कांग्रेस को आगे ले जाने में अभीष्ठ साबित होगी। राहुल गाँधी को सुरक्षा के लिहाज से सर्तकता बरतनी चाहिए। 12 दिसंबर, 2012 से प्रियंका गाँधी सक्रिय राजनीति में हिस्सेदारी करेंगी। 2010 में प्रियंका राहुल और सोनिया द्वारा बिछाई गई बिसात पर राजनीतिक शतरंज खेलती दिखेंगी। 2019 में उनकी छवि दूसरी इंदिरा गाँधी के रूप में भारत के तख्त पर दिखेगी।
Girish Srivastava
WDनरेंद्र मोदी के द्ववादश स्थान पर शनि और केतु के संचरण के कारण अपने लोगों द्वारा अपयश और षडयंत्र के शिकार की स्थिति है। मायावती के सितारे बुलंदी पर रहते हुए भी किसी अदालती फैसले के चलते अगले वर्ष कोई अप्रिय फैसला लेने को विवश हो सकती हैं।
29 जून 2008 से प्रारंभ हुई शनि की महादशा और शनि की अंतरदशा के चलते मुलायम सिंह यादव भारत के तख्त के नजदीक जाकर भी पीछे हो गए। ये कालखंड तीन वर्ष दो माह का है। 2010 के उत्तरार्ध में विपरीत परिस्थितियों के बावजूद परिणाम इनके पक्ष में होंगे। नीतीश कुमार तकरीबन चार बार मुख्यमंत्री रहेंगे। अगले चुनाव में भी उनके उभरकर आने के नक्षत्र दिख रहे हैं।
2022 के आसपास देश की राजनीतिक सत्ता पर एक बार फिर नीतीश कुमार मजबूती से उभरेंगे।

