suvichar
✕

बजरंग बली को इसलिए कहते हैं सिंदूरी

Updated: शनिवार, 16 अप्रैल 2022 (12:15 IST)
भगवान शिव के 11वें रुद्रावतार हनुमान जी का अवतार भगवान राम की सहायता के लिए हुआ था। हनुमान जयंती के शुभ दिन पर उनकी पूजा करने से सभी पापों से मुक्ति मिलती है और घर में सुख शांति का वास होता है।
 
ज्योतिषियों की गणना के अनुसार हनुमान जी का जन्म एक करोड़ 85 लाख 58 हजार 112 वर्ष पहले चैत्र पूर्णिमा को मंगलवार के दिन हुआ था। हनुमान जी की साधना सरल है। हनुमान जी की पूजा करते समय हमें मन और तन से पवित्र होना चाहिए। गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित हनुमान चालीसा में वह चमत्कारी शक्ति है जो हमारे सभी दुखों को हर लेती है। हनुमान चालीसा में हनुमान जी के पराक्रम की विशेषताएं बताई गईं हैं।  
 
इसलिए कहते हैं बजरंग बली को सिंदूरी
 
एक बार हनुमान जी ने माता सीता को मांग में सिंदूर भरते हुए देखा। उन्होंने माता सीता से इसका कारण पूछा तो उन्होंने कहा कि वह प्रभु श्रीराम को प्रसन्न रखने के लिए सिंदूर लगाती हैं। यह सुनकर हनुमान जी ने सारा सिंदूर स्वयं के ऊपर उड़ेल लिया। जब श्री राम ने उनको इस तरह देखा तो हनुमान जी ने कहा कि प्रभु मैंने आपकी प्रसन्नता के लिए ये किया है।

Show comments

सभी देखें

Annual Numerology 2027 : मूलांक 4 वालों के लिए कैसा रहेगा नया साल? जीवन में आएंगे कौनसे बदलाव? जानिए अंक भविष्यफल

Annual Numerology 2027 : मूलांक 3 वालों को नए अवसर मिलेंगे या बढ़ेंगी चुनौतियां? जानें वार्षिक अंक भविष्यफल

Weekly Horoscope: 2 से 8 नवंबर 2026 का राशिफल, क्या लेकर आ रहा नया सप्ताह? जानें अपना भविष्यफल

Numerology Horoscope: 2 से 8 नवंबर 2026 का अंक राशिफल, क्या कहता है आपका मूलांक? किसके खुलेंगे तरक्की के द्वार?

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 01 नवंबर 2026: रविवार का पंचांग और शुभ समय

सभी देखें

नरक चतुर्दशी पर क्या करें और क्या नहीं? जानिए जरूरी नियम

रवि पुष्य नक्षत्र के दिन धन-वृद्धि और माँ लक्ष्मी को प्रसन्न करने के कौन-कौन से अचूक उपाय करने चाहिए?

Ravi Pushya Yoga 2026: दिवाली से पहले बना दुर्लभ रवि पुष्य योग, जानें खरीदारी के शुभ मुहूर्त और सही पूजा विधि

Dhanteras 2026: धनतेरस पर क्यों किया जाता है यम दीपदान? जानें 10 अचूक उपाय

गोवर्धन पूजा का पर्व कब मनाया जाएगा, 09 या 10 नवंबर 2026 को?

अगला लेख