Last Modified: टोरंटो ,
बुधवार, 6 फ़रवरी 2008 (11:47 IST)
विप्रो ने जताई चिंता
विप्रो प्रमुख अजीम प्रेमजी ने कहा है कि भारत पश्चिमी देशों के आईटी सेवाओं से संबंधित अवसरों को भुना पाने में नाकामयाब रहा है। हो यह रहा है कि आईटी रोजगार के अवसर विकसित देशों में जा रहे हैं, जहाँ पर्याप्त रूप से दक्ष ग्रेज्युएट्स नहीं हैं, जो वैश्विक अर्थव्यवस्था को चुनौती दे सकें।
प्रेमजी ने कहा कि गंभीर चिंता का विषय पश्चिमी देशों में तकनीकी प्रतिभाओं की कमी है। वैश्विक कंपनियाँ अपनी आईटी सोल्यूशन संबंधी जरूरतों की पूर्ति के लिए वहाँ जा रही हैं, जहाँ लड़के-लड़कियाँ गणित, विज्ञान और इंजीनियरिंग में दक्ष नहीं हैं। यह प्रवृत्ति अभी बदली नहीं है।
प्रेमजी ने कहा कि विप्रो विदेशों में अपना विस्तार कर रहा है, लेकिन प्रायः उसे उन देशों के दूसरे विषयों के विद्यार्थियों को हायर करके उन्हें सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग और अन्य तकनीकी दक्षताओं के लिए बंगलोर भेजना पड़ता है। प्रेमजी ने कहा कि प्रतिभाओं की कमी ने इस दावे को उपहासपूर्ण बना दिया है कि भारत विदेशों से रोजगार के अवसर चुरा रहा है।