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BAT-BMS ऐप से ब्लूटूथ के जरिए बंद किए जा रहे ई-रिक्शा! वायरल प्रैंक ने बढ़ाई ड्राइवरों की परेशानी, जानिए क्या है पूरा मामला
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वायरल ट्रेंड ने ई-रिक्शा चालकों और इलेक्ट्रिक वाहनों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। दावा किया जा रहा है कि कुछ शरारती लोग BAT-BMS नाम के एक चीनी ऐप का इस्तेमाल कर ब्लूटूथ के जरिए चलते हुए ई-रिक्शा की बिजली सप्लाई बंद कर रहे हैं। इससे बीच सड़क पर ई-रिक्शा अचानक रुक जाते हैं और चालक असमंजस में पड़ जाते हैं।
वायरल वीडियो में कुछ युवक ई-रिक्शा का पीछा करते हुए दिखाई देते हैं। इसके बाद वे अपने मोबाइल में BAT-BMS ऐप खोलकर कथित तौर पर 'डिस्चार्ज स्विच' का इस्तेमाल करते हैं, जिससे ई-रिक्शा अचानक बंद हो जाता है। इसके बाद वे ड्राइवर के पास जाकर अनजान बनने का नाटक करते हुए मदद की पेशकश करते हैं।
एक अन्य वायरल वीडियो में एक बुजुर्ग ई-रिक्शा चालक को वाहन बंद होने के बाद करीब 3 किलोमीटर तक रिक्शा धक्का लगाकर ले जाते हुए देखा गया। एक अन्य वीडियो में कथित तौर पर ऐसे ही हरकत करने वाले युवक को लोगों ने पकड़ लिया और पुलिस के हवाले करने की चेतावनी दी।
कई जगह मारपीट खबरें भी हैं। हालांकि इन वायरल वीडियो और उनमें किए जा रहे दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि सभी घटनाएं वास्तविक हैं या सोशल मीडिया कंटेंट बनाने के उद्देश्य से रिकॉर्ड की गई हैं।
क्या है BAT-BMS ऐप?
BAT-BMS एक बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (Battery Management System) ऐप है, जिसे चीन की कंपनी Shenzhen Grenergy Technology ने डेवलप किया है। यह ऐप ब्लूटूथ के माध्यम से बैटरी से कनेक्ट होकर अधिकृत यूजर्स को बैटरी की स्थिति देखने और आवश्यकता पड़ने पर बैटरी के डिस्चार्ज सर्किट को ऑन या ऑफ करने की सुविधा देता है। खबरों के मुताबिक भारत में कुछ कम कीमत वाले ई-रिक्शा की बैटरियों में ब्लूटूथ सुरक्षा या पासवर्ड प्रोटेक्शन नहीं होता। ऐसे में यदि बैटरी का ब्लूटूथ सार्वजनिक रूप से उपलब्ध रहता है, तो 10 से 15 मीटर की दूरी के भीतर मौजूद कोई भी व्यक्ति बैटरी से कनेक्ट होने की कोशिश कर सकता है।
ई-वाहनों की सुरक्षा पर उठे सवाल
इस वायरल ट्रेंड के बाद ई-रिक्शा और अन्य इलेक्ट्रिक वाहनों की साइबर सुरक्षा तथा बैटरी प्रबंधन प्रणाली की सुरक्षा को लेकर बहस तेज हो गई है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक बैटरी निर्माताओं को मजबूत पासवर्ड, एन्क्रिप्शन और सुरक्षित ब्लूटूथ पेयरिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध करानी चाहिए ताकि अनधिकृत लोग बैटरी तक पहुंच न बना सकें।
