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Indian Navy : भारतीय नौसेना के युद्धपोत INS त्रिकंड ने अदन की खाड़ी में MV गोल्डन आर्सेनल पर समुद्री डकैती की कोशिश को नाकाम किया
भारतीय नौसेना का अत्याधुनिक स्टील्थ फ्रिगेट INS Trikand ने अदन की खाड़ी (Gulf of Aden) में एक समुद्री डकैती की कोशिश का त्वरित और सफलतापूर्वक जवाब दिया। यह घटना 1 जुलाई 2026 को उस समय हुई जब St. Vincent and the Grenadines के झंडे वाले मालवाहक जहाज MV गोल्डन आर्सेनल पर अज्ञात समुद्री लुटेरों ने हमला करने का प्रयास किया। यह जहाज यमन के अदन बंदरगाह से यात्रा कर रहा था और लगभग 300 समुद्री मील उत्तर-पूर्व दिशा में जिबूती के पास इस हमले की सूचना दी गई।
भारतीय नौसेना ने यह कार्रवाई सूचना संलयन केंद्र – हिंद महासागर क्षेत्र (IFC-IOR) के समन्वय से शुरू की, जिसके बाद क्षेत्र में तैनात INS त्रिकंड को तुरंत जहाज की ओर भेजा गया।
हमले के दौरान जहाज पर मौजूद 21 क्रू मेंबरों में एक भारतीय नागरिक भी शामिल था। हमले में जहाज के ब्रिज सुपर-स्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचा, लेकिन सभी चालक दल ने तुरंत जहाज के सुरक्षित “सिटाडेल” क्षेत्र में शरण ली और सुरक्षित रहे। 2 जुलाई 2026 की सुबह INS त्रिकंड की एक बोर्डिंग टीम ने MV गोल्डन आर्सेनल पर पहुंचकर पूरे जहाज की जांच (sanitisation operation) की। जांच में कोई भी संदिग्ध व्यक्ति नहीं मिला।
इसके बाद चालक दल सुरक्षित रूप से बाहर आया और नौसेना कर्मियों के साथ मिलकर जहाज की स्थिति का आकलन किया। स्थिति की निगरानी को और मजबूत करने के लिए भारतीय नौसेना ने P-8I मैरीटाइम पेट्रोल एयरक्राफ्ट भी तैनात किया, जिसने क्षेत्र में हवाई निगरानी और समुद्री गतिविधियों पर नजर रखी।
सभी आवश्यक जांच और सुरक्षा सुनिश्चित होने के बाद INS त्रिकंड का एंटी-पायरेसी ऑपरेशन समाप्त कर दिया गया और MV गोल्डन आर्सेनल ने अपनी आगे की यात्रा फिर से शुरू कर दी। भारतीय नौसेना ने दोहराया कि वह अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर व्यापारी जहाजों की सुरक्षा, समुद्री डकैती के खिलाफ कार्रवाई और सभी नाविकों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
