हम कॉकरोच हैं, आसानी से नहीं निकलेंगे! शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद CJP चीफ दीपके का बयान, 49 दिन चले आंदोलन का अंत
CJP protest ends Abhijeet Dipke: जंतर-मंतर पर 49 दिनों से चल रहे उग्र छात्र आंदोलन ने शनिवार को देश की राजनीति में भूचाल ला दिया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और सरकार द्वारा 1-1 करोड़ के मुआवजे की मांग स्वीकार करने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने आंदोलन खत्म करने का ऐलान कर दिया। लेकिन असली सनसनी तब फैली जब आंदोलन के सूत्रधार और सीजेपी चीफ अभिजीत दीपके ने हुंकार भरते हुए कहा— 'हम कॉकरोच हैं, एक बार जहां घुस जाते हैं, वहां से निकलते नहीं!'
देश के इतिहास में छात्रों और युवाओं का ऐसा अप्रत्याशित और सनसनीखेज आंदोलन शायद ही पहले कभी देखा गया हो। नीट (NEET) पेपर लीक विवाद को लेकर जंतर-मंतर पर शुरू हुआ प्रदर्शन शनिवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की सबसे बड़ी खबर के साथ समाप्त हो गया। सरकार और आंदोलनकारियों के बीच हुई मैराथन बैठकों के बाद कॉकरोच जनता पार्टी ने अपना आंदोलन आधिकारिक रूप से वापस ले लिया है। ALSO READ: CJP का आंदोलन खत्म, साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में कॉकरोचों का ऐलान, सभी प्रदर्शनकारी घर जाएं
'हम कॉकरोच हैं...', धमाकेदार बयान
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की खबर आते ही पूरे देश में हलचल मच गई। इस ऐतिहासिक मोड़ पर सीजेपी (CJP) के संस्थापक और आंदोलन का मुख्य चेहरा बने अभिजीत दीपके ने मीडिया को संबोधित करते हुए एक बेहद तीखा और सनसनीखेज बयान दिया।
दीपके ने कहा कि यह जीत किसी एक व्यक्ति की नहीं बल्कि सामूहिक संघर्ष की है। लेकिन सरकार यह न समझे कि सब खत्म हो गया... हमारी दो और मांगें और हैं, हम ऐसे ही नहीं जाएंगे। हम कॉकरोच हैं, एक बार जहां घुस जाते हैं, वहां से निकलते नहीं! उनके इस बयान ने सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक सनसनी फैला दी है। ALSO READ: Rahul Gandhi : राहुल गांधी का मोदी सरकार पर निशाना, बोले- क्या छात्र फिर कभी देख पाएगा? CJP प्रदर्शन में पैलेटगन के इस्तेमाल का आरोप
सोशल मीडिया से खड़ा हुआ 'कॉकरोच आंदोलन'
अभिजीत दीपके वही चेहरा हैं जिन्होंने सबसे पहले सोशल मीडिया पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' नाम से एक अकाउंट बनाया था। देखते ही देखते लाखों युवा इस पेज से जुड़े और यह सोशल मीडिया ट्रेंड जंतर-मंतर की सड़कों पर एक जन-आंदोलन बनकर उतर आया। आंदोलन में मिली इस अभूतपूर्व सफलता के बाद दीपके ने 'एक्स' (Twitter) पर एक साधारण सा पोस्ट लिखा— 'सोने जा रहा हूं। कुछ देर में आप लोगों से मिलता हूं।'
केन्द्र सरकार ने घुटने टेके
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों और सीजेपी के प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई अहम वार्ता में संगठन की सभी प्रमुख मांगों पर सहमति बन गई। नीट पेपर लीक के बाद मानसिक तनाव के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को केंद्र सरकार 1-1 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देगी। 20 जुलाई को आयोजित 'संसद चलो' मार्च के दौरान पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारी छात्रों और युवाओं पर दर्ज की गई सभी प्राथमिकियों (FIR) को सरकार तत्काल प्रभाव से रद्द करेगी। ALSO READ: 26 दिन बाद खत्म हुआ सोनम वांगचुक का अनशन, CJP का प्रदर्शन जारी
व्यक्तित्व की राजनीति से दूर रहने की अपील
अपनी प्रतिक्रिया में अभिजीत दीपके ने समर्थकों और आम जनता से अपील की कि वे इस जीत को किसी एक व्यक्ति के इर्द-गिर्द केंद्रित करने के बजाय युवाओं के 'कलेक्टिव एक्शन' (सामूहिक प्रयास) के रूप में देखें। सरकार से मिले लिखित आश्वासन और मुआवजे की घोषणा के बाद जंतर-मंतर से सभी प्रदर्शनकारियों को घर लौटने का निर्देश दे दिया गया है। हालांकि, सीजेपी का साफ संदेश है कि व्यवस्था में किसी भी गड़बड़ी पर यह 'कॉकरोच ब्रिगेड' फिर से दस्तक देने में देर नहीं लगाएगी।

