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WhatsApp Username फीचर पर फंसा पेंच, सरकार फर्जीवाड़े और धोखाधड़ी के खतरे को लेकर Meta से करेगी चर्चा
केंद्र सरकार का इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) WhatsApp के आगामी Username फीचर को लेकर Meta के साथ जल्द ही बैठक कर सकता है। कानून प्रवर्तन एजेंसियों (LEAs) ने इस फीचर के जरिए फर्जी पहचान बनाकर धोखाधड़ी और प्रतिरूपण (Impersonation) की आशंका जताई है। सूत्रों के अनुसार, दूरसंचार विभाग (DoT) और दिल्ली पुलिस ने इस फीचर को लेकर गंभीर चिंताएं सरकार के सामने रखी हैं।
फर्जी प्रोफाइल बनाकर हो सकती है धोखाधड़ी
दूरसंचार विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, WhatsApp का नया Username फीचर साइबर अपराधियों को नकली प्रोफाइल बनाकर लोगों को ठगने का मौका दे सकता है। अधिकारी ने कहा कि कोई भी व्यक्ति किसी दूसरे देश के नंबर या किसी प्रतिष्ठित अधिकारी की फोटो और उससे मिलता-जुलता यूजरनेम इस्तेमाल कर लोगों को धोखाधड़ी वाले कॉल या मैसेज भेज सकता है।
अधिकारी ने बताया कि यदि फोन नंबर सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं देगा तो जांच एजेंसियों के लिए यह पता लगाना बेहद मुश्किल हो जाएगा कि आरोपी भारत में है या विदेश में। पहले यदि किसी WhatsApp नंबर की शुरुआत +91 से होती थी तो जांच शुरू करना अपेक्षाकृत आसान होता था, लेकिन Username आधारित सिस्टम में यह प्रक्रिया और जटिल हो सकती है।
जांच एजेंसियों ने डेटा मिलने में देरी पर भी जताई चिंता
दूरसंचार विभाग के अधिकारी ने यह भी कहा कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा मांगी गई जानकारी उपलब्ध कराने में WhatsApp कई बार पांच दिन या उससे भी अधिक समय लेता है। इससे साइबर अपराधों की जांच प्रभावित होती है और समय पर कार्रवाई करना कठिन हो जाता है।
दिल्ली पुलिस ने भी जताई चिंता
दिल्ली पुलिस की साइबर क्राइम यूनिट के एक वरिष्ठ अधिकारी ने भी कहा कि Username फीचर लागू होने के बाद संदिग्धों की पहचान करना और मुश्किल हो जाएगा, क्योंकि उपयोगकर्ता अपनी वास्तविक पहचान और फोन नंबर छिपाकर बातचीत कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि WhatsApp का यह कदम काफी हद तक Telegram और Signal की तर्ज पर है, जहां पहले से Username के जरिए बातचीत की सुविधा उपलब्ध है।
Meta और WhatsApp से करेगी सरकार चर्चा
सूत्रों के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय जल्द ही Meta और WhatsApp के अधिकारियों के साथ इस फीचर पर विस्तृत चर्चा करेगा। सरकार यह आकलन करेगी कि Username फीचर का दुरुपयोग सरकारी संस्थाओं, अधिकारियों या प्रतिष्ठित संगठनों की नकली पहचान बनाकर लोगों को ठगने के लिए तो नहीं किया जा सकता।
सरकारी सूत्रों का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक सुरक्षा के मुद्दे पर किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। यदि फीचर से सुरक्षा संबंधी जोखिम सामने आते हैं तो सरकार आवश्यक कदम उठा सकती है।
क्या है WhatsApp का नया Username फीचर?
Meta के स्वामित्व वाला WhatsApp इस साल अपने प्लेटफॉर्म पर Username फीचर लॉन्च करने जा रहा है। इस फीचर के जरिए यूजर्स बिना अपना मोबाइल नंबर साझा किए एक-दूसरे से संपर्क कर सकेंगे। कंपनी ने Username रिजर्व करने की शुरुआती सुविधा शुरू कर दी है और आधिकारिक रोलआउट इस वर्ष के अंत तक किया जाएगा।
WhatsApp का कहना है कि इस फीचर का उद्देश्य यूजर्स की गोपनीयता (Privacy) को और मजबूत बनाना है। खासकर ग्रुप चैट या नए लोगों से बातचीत के दौरान अब मोबाइल नंबर साझा करने की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे व्यक्तिगत जानकारी अधिक सुरक्षित रहेगी। Edited by : Sudhir Sharma
