देश में अभी नहीं बढ़ेंगे नॉर्मल पेट्रोल-डीजल के दाम?, एक्सपर्ट से जानें क्या हैं इसका बड़ा कारण
ईरान के अमेरिका और इजरायल के साथ छिड़े भीषण युद्ध की आग में खाड़ी के तेल उत्पादक देशों के चपेट में आने और बड़ी-बड़ी तेल रिफाइनरियों और तेल-गैस ठिकानों पर बमबारी से अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल संकट खड़ा होता दिख रहा है। क्रूड के दामोंं में तेजी का असर अब भारत पर भी दिखने लगा है। युद्ध के असर के चलते भारत में औद्योगिक डीजल और प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी गई है। देश में प्रीमियम पेट्रोल की कीमतें 2 रुपए लीटर और इंडस्ट्रियल डीजल के दाम में 21.92 रुपए प्रति लीटर की बड़ी बढ़ोत्तरी कर दी गई है। इंडस्ट्रियल डीजल का उपयोग बड़ी फैक्ट्रियों, रेलवे और रोडवेज बसों में होता है।
इंडस्ट्रियल डीजल के दामों में हुई बड़ी बढोत्तरी ने आम आदमी की चिंता बढ़ा दी है। पहले से ही मंहगाई से जूझ रहे लोगों को आंशका है कि अब जल्द ही नॉर्मल पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोत्तरी होगी। इसको लेकर 'वेबदुनिया' ने मध्यप्रदेश पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह से बात की।
चुनाव की वोटिंग तक नहीं बढ़ेंगे दाम!- 'वेबदुनिया' से चर्चा में अजय सिंह कहते हैं कि अभी तुरंत नार्मल पेट्रोल-डीजल के दामों के बढ़ने की कोई संभावना नहीं है। इसका कारण वह बताते हुए कहते हैं कि अभी देश के पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव हो रहे है, ऐसे में चुनाव की वोटिंग तक नार्मल पेट्रोल-डीजल के दामों में बढोतरी की कोई संभावना नहीं लगती है। इन राज्यों में आखिरी चरण की वोटिंग के तुरंत बाद (29 अप्रैल) के बाद नार्मल पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोत्तरी हो सकती है। वहीं युद्ध के चलते क्रूड के दामों में तेजी के सवाल पर अजय सिंह कहते है कि देश के सामने ऐसी परिस्थितियां पहले भी आ चुकी है। ऐसे हालात में सरकार अपने पूल से तेल कंपनियों को होने वाले घाटे की भरपाई कर सकती है।
इंडस्ट्रियल डीजल से महंगाई बढ़ने की संभावना- वहीं इंडस्ट्रियल डीजल के दामों में करीब 22 रुपए की बढ़ोत्तरी के बाद महंगाई बढ़ने की संभावना हो गई है। बाजार के जानकारों का मानना है कि इंड्रस्ट्रियल डीजल के दामों में बड़ी बढोत्तरी काा का सीधा असर बाजार में मिलने वाली वस्तुओं और सेवाओं पर पड़ेगा, जिससे आने वाले दिनों में महंगाई और बढ़ सकती है। बाजार के जानकार बताते है कि औद्योगिक उपयोग के लिए डीजल महंगा होने से उत्पादन लागत बढ़ जाती है। कारखानों में मशीनों को चलाने और बिजली बैकअप के लिए इस्तेमाल होने वाले ईंधन पर अधिक खर्च होने से कंपनियां उत्पादों की कीमतें बढ़ा देती हैं। इसके साथ अगर नॉर्मल डीजल के दामों में बढ़ोत्तरी होती है तो ट्रांसपोर्टेशन लगात में बढ़ोत्तरी होगी जिसके असर से फल, सबसे से लेकर अनाज औऱ दैनिक उपयोग में आने वाली अन्य वस्तुओं के दामों में बढ़ोत्तरी हो जाएगी।
पेट्रोल-डीजल की सप्लाई पर असर नहीं- ईरान-इजरायल युद्ध के बीच युद्ध के भीषण होने और क्रूड ऑयल के दामों में तेजी से क्या भारत में पेट्रोल-डीजल की सप्लाई पर कोई असर है। इसको लेकर 'वेबदुनिया' से बातचीत में अजय सिंहं कहते है कि अभी तो भारत के साथ-साथ मध्यप्रदेश में पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति पर कोई असर नहीं है। वह कहते हैं कि रसाई गैस को लेकर जिस तरह से लोग पैनिक हुए थे उसके चलते हालात बिगड़े थे लेकिन इसके उलट पेट्रोल-डीजल को लेकर ऐसी कोई स्थिति नहीं है। मध्यप्रदेश के शहरी इलाकों के साथ ग्रामीण इलाकों में पेट्रोल-डीजल की पर्याप्त मात्रा में सप्लाई हो रही है।