Special story : प्रीति जिंटा के Flying kiss को कैच नहीं कर पाए केएल राहुल

में 2020 (2020) में शनिवार की रात मैदान पर जो कुछ हुआ, वह पहले से तय था या फिर वाकई (KXIP) ने सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के खिलाफ कोई चमत्कार किया था, यह कोई नहीं जानता लेकिन मैच के बाद जो सच्चाई सामने आई वह किसी से छुपी नहीं रही।
किंग्स इलेवन पंजाब टीम की मालकिन और बॉलीवुड तारिका प्रीति जिंटा (Preity Zinta) ने इस सनसनीखेज जीत के बाद स्पेशल बॉक्स से 'फ्लाइंग किस' (Flying kiss) को भेजी लेकिन इसे वे कैच नहीं कर सके क्योंकि राहुल खुद अपनी आंखों पर यकीन नहीं कर रहे थे कि वे मैच जीत चुके हैं...
पंजाब ने जब 20 ओवर में केवल 7 विकेट खोकर 126 रन बनाए तो प्रीति जिंटा के माथे पर चिंता की लकीरें उभर गई। इसके बाद डेविड वॉर्नर और जॉनी बेयरेस्टो की सलामी जोड़ी ने 6.2 ओवर में 56 रन बना डाले तो ये लकीरें और भी गहरी हो गई। 16 ओवर तक प्रीति सदमे में थी लेकिन 17वें ओवर की पहली गेंद पर जब क्रिस जॉर्डन ने मनीष पांडे (15) को आउट किया तो वे खुशियां मनाने लगीं।
Preity Zinta and Punjab team" width="740" />
अर्शदीप ने जब विजय शंकर (26) को फर्श पर ला दिया तो प्रीति की खुशियां दोगुनी हो गई। इसके बाद हैदराबाद की पारी का नाटकीय पटाक्षेप होने पर जब पंजाब को रोमांचक जीत मिली तो प्रीति जिंटा जो दलबल के साथ मौजूद थीं, वे खुशी से झूमने लगीं और वहीं से उन्होंने मैदान पर खड़े कप्तान केएल राहुल को भेजी लेकिन राहुल का ध्यान तो कहीं और था और वे टीम मालिक की फ्लाइंग किस को कैच नहीं कर पाए।
बाद में प्रीति ने पंजाब टीम का झंडा थामा और उसे लहराने लगी। यहां गौर करने वाली बात ये थी कि स्पेशल बॉक्स में बैठी प्रीति जिंटा ही नहीं, उनके साथ मौजूद समर्थकों की टीम ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन तोकिया था लेकिन मास्क किसी के भी चेहरे पर तो छोड़ो, गले में भी नहीं झूल रहा था।

यही हाल सनराइजर्स हैदराबाद के स्पेशल बॉक्स में था। वहां भी किसी ने मास्क नहीं पहना था। ऐसा लग रहा है कि दुबई में कोरोना महामारी खत्म हो गई है, यही कारण है कि समझदार लोग भी मास्क को ताक में रख बैठे हैं...
टी20 जैसे मसाला क्रिकेट में क्या आप सोच सकते हैं कि कोई टीम के भीतर गंवा दें? ये सब नजारा (तमाशा) दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में हुआ। जीत के लिए मिले 127 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रही सनराइजर्स हैदराबाद की टीम 19.5 ओवर में 114 रनों पर ही ढेर हो गई। 17.5 ओवर में हैदराबाद का स्कोर 110 पर 5 विकेट था और 4 रन में शेष पूरी टीम सिमट जाए...ऐसा कभी होता है क्या? लेकिन ये सब हुआ।
बीच मैच में टीवी पर जब मैच के परिणाम की संभावना का सर्वेक्षण का जो आंकड़ा पेश हो रहा था उसमें 60 प्रतिशत से ज्यादा लोग पंजाब को जीत दिलाने की बात कह रहे थे, वह भी तब जबकि मनीष पांडे और विजय शंकर हैदराबाद को शर्तिया जीत की ओर ले जा रहे थे, तभी माथा ठनका कि ऐसा कैसे हो सकता है? वे कौन लोग थे, जो इतनी दयनीय हालत में भी पंजाब को मैच विजेता घोषित करने पर तुले थे? क्या मैदान में खेल रहे खिलाड़ी कठपुतली थे, जिनकी डोर किसी दूसरे के हाथ में थी?

बहरहाल, जो कुछ भी परिणाम सामने आया उसका लब्बोलुआब यह था कि हैदराबाद ने नाटकीय रूप से 4 रन के भीतर 6 विकेट खोए और पंजाब आश्चर्यजनक रूप से 12 रन से मैच जीता लेकिन इस जीत ने क्रिकेट को चाहने वाले लोगों के जेहन में कई सवाल भी छोड़े, जिनके जवाब शायद ही कभी मिलें...



और भी पढ़ें :