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पाकिस्तान में हिंदू विधायक को शपथ लेने से भी रोका, दायर की याचिका

Updated: शुक्रवार, 2 मार्च 2018 (11:46 IST)
पेशावर। पाकिस्तान के हिंदू विधायक बलदेव कुमार ने खुद को खैबर पख्तूनख्वा विधानसभा के सदस्य के रूप में शपथ लेने से रोके जाने के बाद अदालत से संपर्क किया है। प्रांतीय विधानसभा के निर्वाचित विधायक बलदेव को वर्ष 2016 में एक सिख विधायक की हत्या में कथित भूमिका के चलते शपथ ग्रहण करने से रोक दिया गया। सिख विधायक सरदार सोरन सिंह की हत्या के आरोप में बलदेव जेल में हैं। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष, सत्ता पक्ष और विपक्षी सदस्यों के खिलाफ अदालत की अवमानना का आरोप लगाकर पेशावर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
 
बलदेव ने अपनी याचिका में आग्रह किया कि जब तक उन्हें शपथ ग्रहण नहीं कराई जाती तब तक सीनेट चुनाव पर रोक लगाई जानी चाहिए। सीनेट चुनाव तीन मार्च को होना है। याचिकाकर्ता ने दावा किया कि गत 27 फरवरी को विधानसभा हॉल में उनके साथ जानबूझकर दुर्व्यवहार किया गया। पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ के विधायक अरबाब जेहंदाद खान ने बलदेव पर अपना जूता फेंका जो उनके पास गिरा। पार्टी के अन्य विधायकों ने विधानसभा एजेंडे की प्रतियां बलदेव की तरफ फेंकीं। सिख विधायक सोरन सिंह की अप्रैल 2016 में बुनेर जिले में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
 
सिंह अल्पसंख्यक सीट पर प्रांतीय विधानसभा के लिए चुने गए थे। उनके पुत्र अजय ने रविवार को प्रांतीय सरकार से अपील की थी कि वह तीन मार्च को होने वाले सीनेट चुनाव में इमरान खान की तहरीक ए इंसाफ पार्टी के उम्मीदवार के पक्ष में मतदान के लिए उनके पिता के 'हत्यारे' को प्रांतीय विधानसभा में न लाया जाए। विधायक बलदेव कुमार ने खुद को खैबर पख्तूनख्वा विधानसभा के सदस्य के रूप में शपथ लेने से रोके जाने के बाद अदालत से संपर्क किया है।
 
प्रांतीय विधानसभा के निर्वाचित विधायक बलदेव को वर्ष 2016 में एक सिख विधायक की हत्या में कथित भूमिका के चलते शपथ ग्रहण करने से रोक दिया गया। सिख विधायक सरदार सोरन सिंह की हत्या के आरोप में बलदेव जेल में हैं।उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष, सत्ता पक्ष और विपक्षी सदस्यों के खिलाफ अदालत की अवमानना का आरोप लगाकर पेशावर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
 
बलदेव ने अपनी याचिका में आग्रह किया कि जब तक उन्हें शपथ ग्रहण नहीं कराई जाती तब तक सीनेट चुनाव पर रोक लगाई जानी चाहिए। सीनेट चुनाव तीन मार्च को होना है। याचिकाकर्ता ने दावा किया कि गत 27 फरवरी को विधानसभा हॉल में उनके साथ जानबूझकर दुर्व्यवहार किया गया।
 
पाकिस्तान-तहरीक-ए-इंसाफ के विधायक अरबाब जेहंदाद खान ने बलदेव पर अपना जूता फेंका जो उनके पास गिरा। पार्टी के अन्य विधायकों ने विधानसभा एजेंडे की प्रतियां बलदेव की तरफ फेंकीं। सिख विधायक सोरन सिंह की अप्रैल 2016 में बुनेर जिले में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
 
सिंह अल्पसंख्यक सीट पर प्रांतीय विधानसभा के लिए चुने गए थे। उनके पुत्र अजय ने रविवार को प्रांतीय सरकार से अपील की थी कि वह तीन मार्च को होने वाले सीनेट चुनाव में इमरान खान की तहरीक ए इंसाफ पार्टी के उम्मीदवार के पक्ष में मतदान के लिए उनके पिता के 'हत्यारे' को प्रांतीय विधानसभा में न लाया जाए। (एजेंसी) 

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