मध्य पूर्व में तनाव चरम पर है। ईरान ने रात के समय 9 देशों पर बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमले किए। इसमें कई अमेरिकी सैन्य ठिकानों और अन्य रणनीतिक स्थानों को निशाना बनाया गया। यह कार्रवाई पिछले कुछ दिनों में बढ़ते ईरान-अमेरिका संघर्ष का नवीनतम अध्याय है। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान की यह श्रृंखला हमले पूरे मध्य पूर्व में सुरक्षा की स्थिति को चुनौती दे रही है। अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है, क्योंकि ये हमले सीधे अमेरिकी और पश्चिमी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हैं। इस कार्रवाई के बाद संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा संगठन स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
किन देशों में ईरान ने किए मिसाइल और ड्रोन हमले
क़तर: 14 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं।
यूएई (UAE): 13 बैलिस्टिक मिसाइलों और 27 ड्रोन हमलों की रिपोर्ट।
सऊदी अरब: यहां ईरानी मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर लक्ष्य तक पहुंचने से रोका गया।
कुवैत: अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर बैलिस्टिक मिसाइल हमला किया गया।
बहरीन: अमेरिका के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया।
ओमान: ड्रोन से हमला किया गया।
जॉर्डन: ईरान ने इस देश को भी लक्ष्य बनाया।
ईराक (बगदाद): अमेरिकी दूतावास पर ड्रोन हमला हुआ।
इन हमलों के बाद क्षेत्रीय समुद्री और हवाई मार्गों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। सुरक्षा एजेंसियों ने कहा कि अमेरिकी और स्थानीय सुरक्षा बल हमलों की जाँच और जवाबी कार्रवाई के लिए सतर्क हैं।
मिसाइल और ड्रोन हमले से तनाव बढ़ा
विशेषज्ञों ने बताया कि ईरान द्वारा यह हमला रणनीतिक और राजनीतिक संदेश भी है। इससे पहले अमेरिका और इज़राइल द्वारा किए गए हमलों के जवाब में ईरान ने यह कार्रवाई की है। अमेरिका और खाड़ी देशों के बीच कूटनीतिक और सैन्य तनाव बढ़ सकता है। तेल और गैस की अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। क्षेत्र में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई जा सकती है।
इजराइल पर ईरान का भयानक हमला, 'लिटिल इंडिया' पर दागी मिसाइल
इजराइल के दक्षिणी डिमोना शहर पर ईरान के एक मिसाइल हमले में शनिवार को कम से कम 47 लोग घायल हो गए। यह शहर अपने परमाणु केंद्र के गुंबदनुमा ढांचे के लिए प्रसिद्ध है और इसे लिटिल इंडिया के नाम से भी जाना जाता है। मेगन डेविड अदोम (एमडीए) बचाव सेवाओं और स्थानीय निवासियों ने पीटीआई को बताया कि घायलों में 12 वर्षीय एक लड़का भी शामिल है, जो छर्रे लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया।
इजराइल डिफेंस फोर्सेज (आईडीएफ) ने बताया कि वह इस बात की जांच कर रहा है कि ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल को रोका क्यों नहीं जा सका। सेना के अनुसार, वायु रक्षा प्रणाली ने मिसाइल को रोकने की कोशिश की, लेकिन इंटरसेप्टर उसे मार गिराने में सफल नहीं हो सके। उसने कहा, इस घटना की जांच की जाएगी। संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) ने हमले के बाद अधिकतम सैन्य संयम बरतने की अपील की।
उसने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, आईएईए को इजराइल के डिमोना शहर में मिसाइल गिरने की जानकारी है, लेकिन नेगेव परमाणु अनुसंधान केंद्र को नुकसान होने के कोई संकेत नहीं मिले हैं। ईरान ने कहा कि उसने डिमोना को नतांज परमाणु संवर्धन केंद्र पर पहले हुए हमले के जवाब में निशाना बनाया। हालांकि, आईडीएफ ने इस बात से इनकार किया कि उसने उसी दिन पहले नतांज पर हमला किया था। डिमोना में बड़ी भारतीय-यहूदी आबादी रहती है, जिनमें अधिकांश महाराष्ट्र से हैं और भारत से उनके मजबूत संबंध हैं। इसी कारण इस शहर को लिटिल इंडिया कहा जाता है। Edited by : Sudhir Sharma