Hanuman Chalisa

अंतरिम बजट से क्यों निराश हैं टैक्स पेयर्स?

Updated: गुरुवार, 1 फ़रवरी 2024 (14:06 IST)
Nirmala Sitharaman interim budget : वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में अंतरिम बजट पेश करते हुए टैक्स पैयर्स को कोई बड़ी सौगात नहीं दी। चुनाव से पहले पेश हुए बजट में उनके हाथ खाली ही रहे। वित्तमंत्री ने बजट पेश करते हुए कहा कि लोगों की आय तो बढ़ी है लेकिन महंगाई ज्यादा नहीं बढ़ी।
 
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि पिछले 10 साल में पर्सनल इनकम टैक्स फाइल करने के वाले लोगों की संख्या तेजी से बढ़ी है। उन्होंने टैक्स चुकाने वाले लोगों का धन्यवाद देते हुए कहा कि सरकार ने टैक्स की दरों में कमी की है।

ALSO READ: Interim budget 2024 : जानिए क्या है आयकर स्लैब की दरें
सीतारमण ने बजट पेश करते हुए कहा कि नए टैक्स रेजीम में 7 लाख रुपए तक की आमदनी पर कोई भी टैक्स नहीं है। वित्त वर्ष 2013-14 में यह रकम 200000 रुपए थी।
 
उन्होंने कहा कि खुदरा कारोबार के लिए इनकम टैक्स राहत की लिमिट 2 करोड़ से बढ़कर 4 करोड़ कर दी गई है। इसी तरह प्रोफेशनल के लिए 50 लाख रुपए की सीमा को बढ़ाकर 75 लाख रुपए कर दिया गया है। कॉरपोरेट टैक्स की दर 30 फीसदी से घटकर 22 फीसदी कर दी गई है। नए मैन्युफैक्चरिंग कंपनी के लिए यह दर 15 फीसदी कर दी गई है। हालांकि यह सौगातें मोदी सरकार के इस बजट में नहीं बल्कि पिछले बजटों में ही मिल गई थी। 
 
वित्तमंत्री ने कहा कि पिछले 5 साल में मोदी सरकार का फोकस टैक्स चुकाने वाले लोगों को अधिक से अधिक सुविधाएं देना है। इसीलिए भारत सरकार ने फेसलेस टैक्स एसेसमेंट की शुरुआत की है। 93 दिन से टैक्स एसेसमेंट की समय सीमा घटकर अब 10 दिन कर दी गई है। इससे लोगों को जल्दी रिफंड मिलने लगा है।
 
पेशे से अकाउंटेट अनिल जायसवाल ने बजट पर निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि इस बार वित्तमंत्री टैक्स स्लैब में बदलाव का ऐलान करेगी। हालांकि उन्होंने उम्मीद जताई कि पूर्ण बजट में टैक्स के मोर्चे पर राहत जरूर मिलेगी।

प्राइवेट नौकरी करने वाले अजय नीमा भी इनकम टैक्स में छूट नहीं मिलने से निराश नजर आए। उनका कहना था कि महंगाई के दौर में सरकार कुछ रियायत देती तो अच्छा रहता।

हालांकि राठी वेल्थ प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर उमेश राठी ने बजट को ओवरऑल रूप से अच्छा बताया। उन्होंने कहा टैक्स स्लैब में बदलाव के कोई संभावना नहीं थी। सरकार ने ऐसा ही किया। 
 
उन्होंने कहा वित्तीय वर्ष 2009-10 तक की अवधि से संबंधित 25000 रुपए तक और वित्तीय वर्ष 2010-11 से 2014-15 तक की अवधि के लिए 10000 रुपए तक की बकाया प्रत्यक्ष कर मांग की निकासी को वेव कर दिया गया है। बजट में टैक्स पेयर्स के लिए केवल यह राहत की बात है।
Edited by : Nrapendra Gupta 
लेखक के बारे में
नृपेंद्र गुप्ता
नृपेंद्र गुप्ता पिछले 21 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में सक्रिय हैं। प्रिंट एवं डिजिटल दोनों ही माध्यमों में कार्य का अनुभव। वर्तमान में वेबदुनिया की न्यूज टीम में सहायक संपादक के रूप में कार्यरत हैं।   अनुभव : नृपेंद्र गुप्ता 2 दशक से ज्यादा समय से प्रिंट एवं डिजिटल मीडिया में कार्य.... और पढ़ें

Show comments

आरक्षण विरोधी आंदोलन पर पूर्ण प्रतिबंध क्यों? हाईकोर्ट ने लगाई दिल्ली पुलिस को फटकार, जानिए क्या है पूरा मामला

पहले 10 लाख जमा किए, IDA ने फिर मांगे 4 लाख रुपए, राहुल गांधी के इंदौर में आयोजन में फिर अड़चन

Hyundai BAYON India : नए SUV का डिजाइन आया सामने, H-Edge लाइटिंग ने खींचा ध्यान; जानें क्या-क्या हुआ कन्फर्म

Samsung Galaxy A18 4G लॉन्च, 50MP कैमरा और 5000mAh बैटरी के साथ आया फोन; जानें कीमत और फीचर्स

Suzuki e-Access खरीदें या नहीं? आराम, बैटरी और रेंज में दमदार, क्या कुछ कमियां भी हैं

सभी देखें

PM मोदी के 76वें जन्मदिन पर UP में दीपोत्सव जैसा माहौल, सीतापुर में मोदी-योगी की आकृति तो मेरठ में 'आशीर्वाद का दीया' बना आकर्षण

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और सीएम डॉ. मोहन यादव ने की सेवा-संकल्प अभियान की शुरुआत, स्वामित्व अधिकार योजना के तहत 50 लाख संपत्तियों की होगी फ्री रजिस्ट्री

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर जगमगाया मध्यप्रदेश, शिप्रा तट-महाकाल महालोक में एक साथ जलाए गए 33.27 लाख दीये, बना वर्ल्ड रिकॉर्ड

UPI विवाद पर हंसराज विश्वकर्मा का राहुल गांधी-अखिलेश पर निशाना , बोले- दोनों के बीच सांठगांठ

अंबेडकरनगर में 1100 बीघा जमीन पर आकार ले रहा इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, पराली से बनेगी बायो गैस

अगला लेख