dharma sangrah
✕

तुओल स्लेंग, आज भी यहां कैदियों की रूह है मौजूद

Updated: शनिवार, 12 जून 2021 (10:58 IST)
दुनिया में कई खतरनाक और भुतहा जगहे हैं। बहुतों के बारे में कहा जाता है कि यह एक भ्रम है और कुछ का रहस्य अभी भी बरकरार है। हालांकि आज के युग में इन सब बातों का कोई महत्व नहीं है लेकिन रोमांच के शौकिन लोग ऐसी जगहों पर जरूर जाते हैं। आओ जानते हैं ऐसी ही एक जगह जो तुओल स्लेंग के नाम से मशहूर है।
 
 
तुओल स्लेंग:
 
1. यह स्थान कंबोडिया में है। पहले यह यह एक स्कूल था। कंबोडिया के इस स्कूल में कभी कैदियों को बांधकर रखा जाता था। 
 
2. खमेर रुज के शासन के दौरान इन कैदियों को दूसरे कैदियों से बात करने की मनाही थी। अगर कोई बात करता था, तो उन्हें यहां करंट लगा दिया जाता था और लोहे की गर्म रॉड से मारा जाता था। ऐसा कहा जाता है कि आज भी उन कैदियों की रूह यहां मौजूद हैं। इनमें पुरुषों के अलावा औरतें और बच्चे भी शामिल थे।
 
3. कहा जाता है कि खमेर रूज के शासनकाल के दौरान 1975 से 1979 तक तुओल स्लेंग में हजारों लोगों को यातनाएं देकर मार डाला गया था। तभी से यह जगह भयानक मानी जाती है, क्योंकि यहां कम से कम 12,380 लोगों को यातना देकर मार डाला गया था।
 
4. कांग किक ईयु इस यातना शिविर के संचालक थे। इसे कंबोडिया की कत्लगाह कहा जाता है। कंबोडिया में खमेर रूज के दानवी शासन को समाप्त हुए 30 साल से ज्यादा हो गए हैं। 
 
5. उस वामपंथी हत्यारे शासक का नाम पोल पॉट था। वियतनाम की मदद से 1979 में पोल पॉट के शासन का अंत हुआ लेकिन खमेर रूज़ 1998 में पोल पॉट की मौत तक भूमिगत संघर्ष करता रहा।
 
6. कंबोडिया में खमेर रूज का शासन 4 साल चला। इस दौरान वहां हुई हत्याओं को 20वीं सदी के सबसे बड़े नरसंहारों में गिना जाता है।
 
7. खमेर रूज के चार साल के शासन के दौरान 17 हजार महिलाओं, पुरुषों और बच्चों को कैद रखा गया था।
लेखक के बारे में
अनिरुद्ध जोशी
पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों से साहित्य, धर्म, योग, ज्योतिष, करंट अफेयर्स और अन्य विषयों पर लिख रहे हैं। वर्तमान में विश्‍व के पहले हिंदी पोर्टल वेबदुनिया में सह-संपादक के पद पर कार्यरत हैं। दर्शनशास्त्र एवं ज्योतिष: मास्टर डिग्री (Gold Medalist), पत्रकारिता: डिप्लोमा। योग, धर्म और ज्योतिष में विशेषज्ञता।.... और पढ़ें

Show comments

ECI के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में राहुल गांधी की याचिका, SIR में गड़बड़ी के आरोप, INDIA Bloc का मार्च

Economics Nobel 2026: रॉबर्ट ई. हॉल और माइकल वुडफोर्ड को अर्थशास्त्र का नोबेल, आर्थिक स्थिरता पर शोध के लिए मिला सम्मान

Electric Scooter : नया सस्ता इलेक्ट्रिक स्कूटर लॉन्च, 250KM तक की रेंज का दावा, फीचर्स भी कमाल के

दिल्ली मेट्रो में सीट विवाद में हत्या, पूर्व IAS और वकील बेटा गिरफ्तार

शिवराज सिंह चौहान ने किसे कहा 'नरपिशाच' और क्यों मोहन यादव सरकार के खिलाफ धरने पर बैठे पूर्व सीएम?

सभी देखें

SIR पर रोक लगाने सुप्रीम कोर्ट पहुंचे राहुल गांधी, याचिका में मिलीं 14 खामियां

केरलम, तमिलनाडु, ओडिशा समेत 6 राज्यों में नए राज्यपाल नियुक्त, ढाल सिंह बिसेन बने उत्तराखंड के राज्यपाल

सीएम डॉ. मोहन यादव ने पीएम मोदी के कार्यकाल को किया याद, वर्ष 2047 तक आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अहम भूमिका निभाएगा मध्यप्रदेश

Mission Shakti 6.0: मेरठ में महिलाओं की सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के लिए पैदल मार्च, बेटियों को दिया सशक्त बनने का संदेश

Poonch Encounter : पुंछ में घुसपैठ की कोशिश नाकाम, लैंडमाइन धमाके में लश्कर के टॉप कमांडर समेत 4 आतंकी ढेर

अगला लेख