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कहां खो गया उर्मिला का कातिल, जमीन खा गई या आसमान निगल गया, 10 हजार का इनाम, पुलिस अब भी खाली हाथ
इंदौर में डाक विभाग की पोस्टल असिस्टेंट उर्मिला सैनी हत्याकांड में पांच दिन बाद भी मुख्य आरोपी और मृतका के पति अखिलेश सैनी का कोई सुराग नहीं मिला है। पता नहीं चल रहा कि उसे जमीन निगल गई कि आसमान खा गया। पुलिस की 4 से ज्यादा टीमें अलग-अलग जगहों पर उसकी तलाश में जुटी हैं। आरोपी की गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया है। लेकिन अब तक पुलिस के हाथ खाली हैं।
11 जुलाई को बेरहमी से मारा था: 11 जुलाई को डाककुंज कॉलोनी स्थित सरकारी आवास में 38 वर्षीय पोस्टल असिस्टेंट उर्मिला सैनी की हत्या कर दी गई थी। घटना के समय उनके दोनों बच्चे स्कूल गए हुए थे। स्कूल से लौटने पर बच्चों ने घर के अंदर मां का खून से लथपथ शव देखा। वारदात के बाद से उर्मिला का पति अखिलेश सैनी फरार है।
जांच अधिकारियों के मुताबिक अखिलेश ने पूरी वारदात पहले से योजना बनाकर की। पुलिस का मानना है कि उसे यह जानकारी थी कि जांच में मोबाइल फोन सबसे अहम सुराग होता है। इसी वजह से वह अपने दोनों मोबाइल फोन घर पर छोड़कर फरार हुआ, जिससे उसकी लोकेशन और संपर्कों का पता नहीं चल पा रहा है।
पुलिस को आशंका है कि आरोपी ने फरारी के दौरान नई सिम खरीदी होगी, लेकिन अभी तक इसका कोई सबूत नहीं मिला है। बैंक खाते, यूपीआई और अन्य डिजिटल भुगतान माध्यमों से भी उसकी कोई गतिविधि सामने नहीं आई है।
जांच में पता चला है कि आरोपी बच्चों को दोपहिया वाहन की चाबी देने के बाद ऐसे रास्ते से निकला, जहां सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे थे। बाद में उसके फुटेज इंदौर रेलवे स्टेशन पर मिले। पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि उसने दिल्ली जाने के लिए ट्रेन का टिकट बुक कराया था, लेकिन बाद में उसे रद्द कर दिया। इसके बाद वह सरवटे बस स्टैंड क्षेत्र की ओर जाता दिखाई दिया।
मेडिकल चाकू ऑनलाइन मंगाया था : पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी अखिलेश सैनी ने पहले से ही हथियार जुटा रखे थे। घर से एक ऐसा मेडिकल नाइफ बॉक्स मिला है, जिसका इस्तेमाल बड़े ऑपरेशन या डिलीवरी के दौरान गहरे चीरे लगाने के लिए किया जाता है। परिवार का दावा है कि आरोपी ने 7 लेयर कट लगाने वाला विशेष मेडिकल चाकू ऑनलाइन मंगवाया था। कत्ल में इसी का इस्तेमाल किया। हालांकि पुलिस फिलहाल इस सामग्री की जांच कर रही है।
पोस्टमॉर्टम में सामने आई हैवानियत : रिश्तेदारों और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी ने उर्मिला के सिर पर पहला भारी वार किया, ताकि वे शारीरिक रूप से असहाय हो जाए। मौत हो जाने के बाद भी आरोपी नहीं रुका, शव का जबड़ा और चार दांत टूटे हुए थे। गर्दन कटी हुई थी। पूरे चेहरे को चाकुओं से गोद दिया गया था।
पिता को तड़पा-तड़पाकर मारो : इस पूरे मामले में अपनी मां को खो चुके बच्चों का बुरा हाल है। बच्चों ने पिता के लिए सख्त सजा की मांग की है। बेटी प्रेक्षा ने कहा है कि जालिम पिता ने मां को तड़पा-तड़पाकर मारा था। उसे भी वही दर्द मिलना चाहिए। बता दें कि इंदौर की डाककुंज कॉलोनी के ग्राउंड फ्लोर स्थित सरकारी आवास में शनिवार को डाक विभाग की पोस्टल असिस्टेंट उर्मिला सैनी की 11 जुलाई शनिवार को उनके पति अखिलेश सैनी ने बेरहमी से हत्या कर दी थी। वो उर्मिला पर लगातार शक करता था। उर्मिला ने भोपाल के निशातपुरा थाने में मारपीट और प्रताड़ना की शिकायत भी दर्ज कराई थी, लेकिन हर बार आरोपी के परिजन समझौता करा देते थे। हालांकि पुलिस की जांच जारी है।
11 जुलाई को बेरहमी से मारा था: 11 जुलाई को डाककुंज कॉलोनी स्थित सरकारी आवास में 38 वर्षीय पोस्टल असिस्टेंट उर्मिला सैनी की हत्या कर दी गई थी। घटना के समय उनके दोनों बच्चे स्कूल गए हुए थे। स्कूल से लौटने पर बच्चों ने घर के अंदर मां का खून से लथपथ शव देखा। वारदात के बाद से उर्मिला का पति अखिलेश सैनी फरार है।
जांच अधिकारियों के मुताबिक अखिलेश ने पूरी वारदात पहले से योजना बनाकर की। पुलिस का मानना है कि उसे यह जानकारी थी कि जांच में मोबाइल फोन सबसे अहम सुराग होता है। इसी वजह से वह अपने दोनों मोबाइल फोन घर पर छोड़कर फरार हुआ, जिससे उसकी लोकेशन और संपर्कों का पता नहीं चल पा रहा है।
जांच में पता चला है कि आरोपी बच्चों को दोपहिया वाहन की चाबी देने के बाद ऐसे रास्ते से निकला, जहां सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे थे। बाद में उसके फुटेज इंदौर रेलवे स्टेशन पर मिले। पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि उसने दिल्ली जाने के लिए ट्रेन का टिकट बुक कराया था, लेकिन बाद में उसे रद्द कर दिया। इसके बाद वह सरवटे बस स्टैंड क्षेत्र की ओर जाता दिखाई दिया।
पोस्टमॉर्टम में सामने आई हैवानियत : रिश्तेदारों और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी ने उर्मिला के सिर पर पहला भारी वार किया, ताकि वे शारीरिक रूप से असहाय हो जाए। मौत हो जाने के बाद भी आरोपी नहीं रुका, शव का जबड़ा और चार दांत टूटे हुए थे। गर्दन कटी हुई थी। पूरे चेहरे को चाकुओं से गोद दिया गया था।
