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Last Modified: इंदौर , शुक्रवार, 12 जून 2026 (14:10 IST)

विजय चौहान के लघुकथा संग्रह के मालवी अनुवाद "गेरी-गेरी छांव" को ईसुरी सम्मान

इंदौर
मेरी लघुकथाओं के मालवी अनुवादित संग्रह "गेरी-गेरी छांव" को मध्यप्रदेश साहित्य अकादमी के प्रतिष्ठित प्रादेशिक ईसुरी (लोकभाषा विषयक) सम्मान से सम्मानित किए जाने का समाचार हृदय को अपार प्रसन्नता से भर गया।
 
‍विजय सिंह चौहान ने बताया कि सम्मान स्वरूप प्राप्त 51,000 रुपए की राशि निश्चित ही साहित्य-सृजन और लोकभाषाओं के संवर्धन के लिए नई ऊर्जा और नए पंख प्रदान करेगी।
 
मेरी लघुकथाओं को मालवी की आत्मीयता, मिठास और लोकगंध से समृद्ध किया है ख्यात शिक्षिका, लेखिका एवं अनुवादक श्रीमती अर्चना ललित मंडलोई ने। उनके श्रम, समर्पण और भाषिक कौशल ने इन रचनाओं को मालवी पाठकों तक सहजता से पहुंचाया है। मैं सभी पाठकों, मित्रों और शुभचिंतकों के प्रति हृदय से कृतज्ञता व्यक्त करता हूं।  आप सभी का स्नेह, विश्वास और शुभकामनाएं यूं ही बनी रहें। 
 
उल्लेखनीय है कि साहित्य जगत को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए साहित्य अकादमी, मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद् द्वारा वर्ष 2024 के प्रतिष्ठित अखिल भारतीय एवं प्रादेशिक कृति पुरस्कारों की हाल ही में घोषणा की गई है। इसके अंतर्गत उत्कृष्ट रचनाकारों और अनुवादकों को सम्मानित करने के लिए अखिल भारतीय पुरस्कार के रूप में 1 लाख रुपए की राशि और प्रादेशिक पुरस्कार के रूप में 51 हजार रुपए की सम्मान राशि प्रदान की जाएगी।