सम्बंधित जानकारी
- जिम्मी मगिलिगन सेन्टर द्वारा आर्गेनिक होली रंग बनाने की कार्यशाला आयोजित
- जिम्मी मगिलिगन सेंटर में महिलाओं और छात्रों ने सिखा होली के लिए प्राकृतिक रंग बनाना
- जनक दीदी द्वारा होली के लिए प्राकृतिक रंग बनाने का प्रशिक्ष्ण सप्ताह शुरू
- दोस्ती से इंकार, लड़की को लगाया भिखारी के खून का इंजेक्शन
- इंदौर के द पार्क में इस बार रॉयल कुज़ीन ऑफ मालवा फूड फेस्टिवल का आयोजन
देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के छात्रों ने जनक पलटा मगिलिगन से होली के लिए प्राकृतिक रंग बनाने सीखे
पत्रकारिता विभाग के छात्रों ने सिखा होली के लिए आर्गेनिक रंग बनाना
Organic Holi Colours
सभी के स्वास्थ्य और पर्यावरण बचाने के लिए सरल तरीके से घर पर ही होली के रंगों बनाने की विधि बताई। साथ ही सोलर कुकर और सोलर ड्रायर के उपयोग से सभी रंग बना कर दिखाए और सोलर एनर्जी के बारे भी जानकारी दी। यह सभी फूल उनके द्वारा उगाए गए थे। सोलर उर्जा देख सभी छात्रों को समझ आया कि प्रकृति के संरक्षण के लिए उसके दोहन को तत्काल प्रभाव से रोकना होगा।
फिर से प्रकृति की ओर लौटना होगा और त्योहारों की सस्टेनेबल संस्कृति को पुनर्स्थापित करके ही सारे जलवायु संकट से बचा सकते हैं। इसके बाद छात्रों ने पोई, टेसू और बेगनवेलिया से रंग बनाए और एक-दूसरे को ये प्राकृतिक रंग लगाकर होली की शुभकामनाएं भी दी। पोई के द्वारा बनाए गए प्राकृतिक रंगों को देखकर स्टूडेंट्स उत्साहित हुए और उन्होंने इस बार होली पर प्राकृतिक रंग बनाने और इस्तेमाल करने का प्रण लिया।
समूह के समन्वयक लखन रघवंशी ने कहा 'जनक दीदी के हर कदम पर प्राणियों में सदभावना को समर्पित हैं, स्वच्छता अभियान में शहर को प्लास्टिक व क्चरामुक्त करना, सोलर कुकर के उपयोग से प्राकृतिक रंग बनाना धरती मां की जय करती है! हम सभी आपको आभार देते हैं।
