CM धामी का विपक्ष पर हमला: 'पप्पू गैंग संतों के वेश का उपहास उड़ा रही', सनातन के अपमान पर दी चेतावनी
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संसद परिसर में साधु का वेश धारण कर विरोध प्रदर्शन कर रहे सांसदों पर बड़ा हमला करते हुए कहा कि पप्पू गैंग संतों के वेश का उपहास उड़ाकर और हिंदू धर्म की आस्था पर प्रहार कर अपनी मानसिकता उजागर कर रही है। उन्होंने कहा कि सनातन और संत परंपरा का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ALSO READ: देवभूमि में कांवड़ियों का भव्य स्वागत, पुष्पवर्षा और चरण प्रक्षालन से किया अभिनंदन, CM धामी ने परोसा भोजन
उन्होंने कहा कि संसद में विपक्ष द्वारा छद्म वेश धारण कर साधु-संतों का उपहास करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। यह केवल संत समाज का अपमान नहीं, बल्कि करोड़ों सनातनियों की आस्था को ठेस पहुंचाने वाला कृत्य है। सनातन परंपरा में साधु-संत सदैव श्रद्धा और सम्मान के प्रतीक रहे हैं। राजनीतिक विरोध के लिए सनातन और संत समाज को निशाना बनाना किसी भी प्रकार से स्वीकार्य नहीं है
सीएम धामी ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा कि एक ओर सनातन में आस्था रखने वाले शिवभक्तों के चरण पखारकर, पुष्पवर्षा कर और सेवा-सम्मान के साथ इसकी गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पप्पू गैंग संतों के वेश का उपहास उड़ाकर और हिंदू धर्म की आस्था पर प्रहार कर अपनी मानसिकता उजागर कर रही है।
उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में हमारे लिए कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सेवा, श्रद्धा, संस्कार और करोड़ों शिवभक्तों के सम्मान का महापर्व है। यही कारण है कि हमारी सरकार ने शिवभक्तों की सुरक्षा, सुविधा और सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।
एक ओर सनातन में आस्था रखने वाले शिवभक्तों के चरण पखारकर, पुष्पवर्षा कर और सेवा-सम्मान के साथ इसकी गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पप्पू गैंग संतों के वेश का उपहास उड़ाकर और हिंदू धर्म की आस्था पर प्रहार कर अपनी मानसिकता उजागर कर रही है।
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) August 5, 2026
देवभूमि उत्तराखंड में… pic.twitter.com/w6Ljpvwzvj
सीएम धामी ने कहा कि सनातन परंपरा, संत समाज और करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का अपमान किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। ऐसा करने वालों को यह समझ लेना चाहिए कि भारत की आत्मा सनातन में बसती है और सनातन का सम्मान करने वाले करोड़ों श्रद्धालु ऐसे हर कृत्य का लोकतांत्रिक जवाब देना जानते हैं।

