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इंदौर में पानी के संकट पर विधायक रमेश मेंदोला के घर पर जोरदार प्रदर्शन, गुस्साए BJP पार्षद के साथ पहुंचे सैकड़ों लोग
जल संकट के बीच स्वच्छता रैंकिंग की भी टेंशन, सर्वे के लिए टीम तैयार
इंदौर में जल संकट को लेकर अब पानी सिर के ऊपर से जा रहा है। कई कॉलोनियों में पानी नहीं मिल रहा है। लोग बूंद बूंद को तरस गए हैं। परेशान और गुस्साए लोगों ने शनिवार को भाजपा विधायक रमेश मेंदोला के घर के सामने जोरदार प्रदर्शन किया। बडी संख्या में लोग स्थानीय भाजपा पार्षद के साथ रहवासी यहां पहुंचे और पानी की मांग की।
बता दें कि लोग पानी नहीं मिलने से स्थानीय पार्षदों को घेर रहे हैं, ऐसे में पार्षद लोगों को लेकर सीधे विधायक के घर ही पहुंच गए। पिछले दिनों जल संकट को लेकर भाजपा विधायक महेंद्र हडिया ने कड़े तेवर दिखाए थे तो शनिवार को भाजपा पार्षद लाल बहादुर वर्मा ने भाजपा के विधायक रमेश मेंदोला के घर पर रहवासियों के साथ जाकर प्रदर्शन किया।
पार्षद का कहना था कि वार्ड से जिस टंकी से पानी आता है, उसे दूसरे वार्डो में भेजा जा रहा है। निगम के टैंकर भी नहीं आ रहे है। लोगो को पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। प्रदर्शन को देखते हुए विधायक निवास पर पुलिस बल भी तैनात हो गया था।
पानी दो और टंकी बनाओ के नारे : सुबह पाटनीपुरा से रहवासी जुलूस की शक्ल में विधायक रमेश मेंदोला के निवास पर सैकड़ों की संख्या में आ गए। वे सड़क पर बैठ गए और पानी दो पानी दो और टंकी बनाओ के नारे लगाने लगे। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे पार्षद वर्मा ने कहा कि पानी को लेकर हालात बिगड़ गए हैं। नलों में दो-तीन बाल्टी पानी बड़ी मुश्किल से आ रहा है। विधायक ने इत्मीनान से रहवासियों की बातें सुनी और कहा कि वार्ड 26 को लेकर मेयर और अफसरों से चर्चा हो चुकी है। वार्ड में नई टंकी भी बनाने का काम शुरू होगा। मौजूदा जलसंकट को दूर करने के लिए टैंकरों की संख्या बढ़ाई जा रही है।
इंदौर में अब तक कई प्रदर्शन : बता दें कि इंदौर में जलसंकट को लेकर एक सप्ताह में 10 से ज्यादा स्थानों पर प्रदर्शन हो चुके हैं। जलसंकट को लेकर मेयर पुष्यमित्र भार्गव का कहना है कि बीते दस साल में जिस तेजी से शहर की आबादी बढ़ी उसकी तुलना में पानी के स्रोत बढ़ाने की दिशा में काम नहीं हुए हैं।
पानी के लिए सड़क पर उतर रहे लोग : जल संकट अब राजनीतिक मुद्दा भी बन चुका है। कई इलाकों में लोगों ने चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन किए हैं। कांग्रेस ने शहर के सभी 22 जोन कार्यालयों पर प्रदर्शन कर खाली मटके फोड़े। तपेश्वरी बाग की पानी टंकी पर लोगों ने जमकर नारेबाजी की। यहां तक कि गुस्साए लोगों ने हाइड्रेंट तक तोड़ दिया, जिसकी शिकायत नगर निगम कर्मचारियों ने थाने में दर्ज कराई। विकास नगर में महिलाएं और पुरुष सड़क पर बैठ गए और पार्षद के साथ मिलकर रोड जाम कर पानी की मांग की। वीणा नगर में पानी की टंकी पूरी नहीं भरने पर धरना दिया गया। कई क्षेत्रों में लोगों ने जनप्रतिनिधियों के घरों का घेराव करने तक की चेतावनी दी।
स्वच्छता रैंकिंग की टेंशन : इधर जल संकट के बीच प्रशासन को इंदौर के स्वच्छता रैंकिंग की टेंशन भी सता रही है। निगम के अफसर की ड्यूटी जल वितरण में लगाई गई है और अब साथ में निगम को स्वच्छता रैंकिंग की चिंता भी सता रही है क्योंकि कई शहरों में सफाई पर रखने के लिए टीम आ चुकी है। पिछले साल इंदौर स्वच्छता की प्रीमियर लीग में शामिल था और पुरस्कार भी मिला था। इंदौर सूरत सहित जो शहर इस लीग में शामिल हैं यदि इस बार उन्हें पिछले साल की तुलना में कम नंबर हासिल होते हैं तो वह प्रीमियर लीग से बाहर हो जाएंगे।
Edited By: Naveen R Rangiyal
बता दें कि लोग पानी नहीं मिलने से स्थानीय पार्षदों को घेर रहे हैं, ऐसे में पार्षद लोगों को लेकर सीधे विधायक के घर ही पहुंच गए। पिछले दिनों जल संकट को लेकर भाजपा विधायक महेंद्र हडिया ने कड़े तेवर दिखाए थे तो शनिवार को भाजपा पार्षद लाल बहादुर वर्मा ने भाजपा के विधायक रमेश मेंदोला के घर पर रहवासियों के साथ जाकर प्रदर्शन किया।
पार्षद का कहना था कि वार्ड से जिस टंकी से पानी आता है, उसे दूसरे वार्डो में भेजा जा रहा है। निगम के टैंकर भी नहीं आ रहे है। लोगो को पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। प्रदर्शन को देखते हुए विधायक निवास पर पुलिस बल भी तैनात हो गया था।
इंदौर में अब तक कई प्रदर्शन : बता दें कि इंदौर में जलसंकट को लेकर एक सप्ताह में 10 से ज्यादा स्थानों पर प्रदर्शन हो चुके हैं। जलसंकट को लेकर मेयर पुष्यमित्र भार्गव का कहना है कि बीते दस साल में जिस तेजी से शहर की आबादी बढ़ी उसकी तुलना में पानी के स्रोत बढ़ाने की दिशा में काम नहीं हुए हैं।
पानी के लिए सड़क पर उतर रहे लोग : जल संकट अब राजनीतिक मुद्दा भी बन चुका है। कई इलाकों में लोगों ने चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन किए हैं। कांग्रेस ने शहर के सभी 22 जोन कार्यालयों पर प्रदर्शन कर खाली मटके फोड़े। तपेश्वरी बाग की पानी टंकी पर लोगों ने जमकर नारेबाजी की। यहां तक कि गुस्साए लोगों ने हाइड्रेंट तक तोड़ दिया, जिसकी शिकायत नगर निगम कर्मचारियों ने थाने में दर्ज कराई। विकास नगर में महिलाएं और पुरुष सड़क पर बैठ गए और पार्षद के साथ मिलकर रोड जाम कर पानी की मांग की। वीणा नगर में पानी की टंकी पूरी नहीं भरने पर धरना दिया गया। कई क्षेत्रों में लोगों ने जनप्रतिनिधियों के घरों का घेराव करने तक की चेतावनी दी।
स्वच्छता रैंकिंग की टेंशन : इधर जल संकट के बीच प्रशासन को इंदौर के स्वच्छता रैंकिंग की टेंशन भी सता रही है। निगम के अफसर की ड्यूटी जल वितरण में लगाई गई है और अब साथ में निगम को स्वच्छता रैंकिंग की चिंता भी सता रही है क्योंकि कई शहरों में सफाई पर रखने के लिए टीम आ चुकी है। पिछले साल इंदौर स्वच्छता की प्रीमियर लीग में शामिल था और पुरस्कार भी मिला था। इंदौर सूरत सहित जो शहर इस लीग में शामिल हैं यदि इस बार उन्हें पिछले साल की तुलना में कम नंबर हासिल होते हैं तो वह प्रीमियर लीग से बाहर हो जाएंगे।
Edited By: Naveen R Rangiyal
