आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में इंसान लगातार सफलता, करियर और बेहतर जीवनशैली की दौड़ में शामिल है। इस भागदौड़ में रिश्तों की गर्माहट, परिवार का साथ और अपनों के लिए समय कहीं न कहीं पीछे छूटता जा रहा है। ऐसे दौर में दर्शक उन कहानियों से सबसे ज्यादा जुड़ाव महसूस करते हैं, जिनमें उन्हें अपनी ही जिंदगी की झलक दिखाई देती है।
इन्हीं भावनाओं और रिश्तों के संतुलन को बड़े पर्दे पर बेहद संवेदनशील अंदाज़ में प्रस्तुत करने आ रही है आगामी हिंदी फिल्म 'बैलेंस'। हाल ही में फिल्म की पूरी टीम ने मीडिया से बातचीत कर फिल्म से जुड़े कई दिलचस्प पहलुओं को साझा किया।
पारिवारिक मूल्यों और नई सोच के बीच संतुलन की कहानी
इंदौर के राइटर-डायरेक्टर प्रवेश व्यास द्वारा निर्देशित फिल्म 'बैलेंस' एक मिडिल क्लास परिवार की भावनात्मक कहानी है। फिल्म में पिता और बेटे के रिश्ते को बेहद सादगी और गहराई के साथ दर्शाया गया है। कहानी बदलते दौर, आधुनिक सोच और भारतीय पारिवारिक मूल्यों के बीच पैदा हो रहे टकराव को उजागर करती है। साथ ही यह फिल्म रिश्तों में संवाद, समझ और अपनत्व की अहमियत को भी खूबसूरती से सामने लाती है।
स्थानीय कलाकारों को मिला बड़ा मंच
फिल्म की खास बात यह भी है कि इसमें इंदौर और आसपास के कई स्थानीय कलाकारों को अभिनय का अवसर दिया गया है। इससे शहर की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने का मंच मिलेगा। फिल्म की शूटिंग भी इंदौर के विभिन्न हिस्सों में की जा रही है, जिससे शहर की संस्कृति और पारिवारिक माहौल की झलक बड़े पर्दे पर देखने को मिलेगी।
फिल्म की प्रोड्यूसर रुचिता मेहता व्यास ने बताया कि बैलेंस केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह रिश्तों को समझने और उन्हें सहेजने का संदेश देने वाली फिल्म है। उन्होंने कहा कि फिल्म में परिवार, प्यार, समझदारी और बदलते समय के बीच तालमेल को बेहद सहज और वास्तविक तरीके से प्रस्तुत किया गया है, जिससे हर वर्ग का दर्शक खुद को जोड़ पाएगा।
भारतीय संस्कृति और आधुनिक सोच के टकराव को दिखाएगी फिल्म
फिल्म के राइटर-डायरेक्टर प्रवेश व्यास ने कहा कि 'बैलेंस' एक पारिवारिक ड्रामा फिल्म है, जो पश्चिमी संस्कृति के बढ़ते प्रभाव और भारतीय पारिवारिक मूल्यों के बीच के संघर्ष को दर्शाती है। उन्होंने बताया कि फिल्म में इंदौर की संस्कृति, पारिवारिक माहौल और भावनात्मक रिश्तों को बहुत बारीकी से उकेरा गया है। उनके अनुसार यह फिल्म दर्शकों को अपने परिवार और रिश्तों के और करीब लाने का काम करेगी।
रोहिताश्व गौड़ का दिखेगा अलग अंदाज
फिल्म में अभिनेता रोहिताश्व गौड़ पिता की अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बैलेंस से जुड़ने का सबसे बड़ा कारण इसकी दमदार कहानी और अपनी कॉमेडी इमेज से बाहर निकलने की इच्छा थी। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक कॉमिक किरदार निभाने के कारण दर्शकों ने उन्हें उसी रूप में देखना शुरू कर दिया था, जबकि वे खुद को एक संपूर्ण अभिनेता मानते हैं। रोहिताश्व के मुताबिक यह फिल्म भावनाओं और रिश्तों को बेहद सच्चाई और संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत करती है, जो उनके लिए एक खास अनुभव रहा।
फिल्म में बेटे की भूमिका निभा रहे राघव श्रीवास्तव ने बताया कि बैलेंस उनकी पहली फीचर फिल्म है। इंदौर निवासी राघव ने कहा कि अभिनय की शुरुआत उन्होंने थिएटर से की थी और बाद में विज्ञापनों व अन्य प्रोजेक्ट्स के जरिए अपने करियर को आगे बढ़ाया। उन्होंने कहा कि अनुभवी कलाकारों के साथ काम करना उनके लिए सीखने का बेहतरीन अवसर रहा और यह फिल्म उनके करियर का महत्वपूर्ण पड़ाव साबित होगी।
फिल्म बैलेंस को प्रवेश व्यास ने लिखा और निर्देशित किया है, जबकि रुचिता मेहता व्यास इसकी प्रोड्यूसर हैं। फिलहाल फिल्म की शूटिंग इंदौर में जारी है और मेकर्स के अनुसार यह फिल्म जल्द ही सिनेमाघरों में रिलीज की जाएगी। परिवार, रिश्तों और जिंदगी के असली संतुलन को खूबसूरती से दर्शाने वाली यह फिल्म दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ने का काम करेगी।