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क्या समाप्त होने वाला ईरान-अमेरिका युद्ध, समझौते के कितने करीब दोनों देश, होर्मुज पर किसका कंट्रोल

Donald Trump
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के साथ जारी युद्ध को समाप्त करने के लिए समझौते पर रविवार को ही हस्ताक्षर हो सकते हैं। हालांकि, ईरान ने ट्रंप की इस समयसीमा को खारिज करते हुए कहा है कि समझौता रविवार को नहीं होगा, लेकिन आने वाले दिनों में इस पर हस्ताक्षर किए जा सकते हैं।
ट्रंप ने कहा कि जैसे ही समझौते पर हस्ताक्षर होंगे, दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) सभी देशों के लिए खोल दिया जाएगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि अंततः अमेरिका ईरान की परमाणु सामग्री पर नियंत्रण हासिल कर लेगा
 
अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव को समाप्त करने के लिए प्रस्तावित शांति समझौता अब निर्णायक चरण में पहुंचता दिखाई दे रहा है। अमेरिका और मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे पाकिस्तान ने संकेत दिए हैं कि अगले 24 घंटों के भीतर समझौते पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। हालांकि, ईरान ने इस दावे पर सावधानी बरतते हुए कहा है कि समझौता रविवार को नहीं होगा और इसमें कुछ और दिन लग सकते हैं।
 
दोनों पक्षों के अलग-अलग दावों से यह स्पष्ट है कि बातचीत अंतिम दौर में पहुंच चुकी है, लेकिन कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों पर अभी भी मतभेद बने हुए हैं।

पाकिस्तान और अमेरिका ने जताया भरोसा

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि शांति समझौते को  अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है। इसके बाद संबंधित पक्ष इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे। शरीफ के अनुसार, समझौते के बाद अगले सप्ताह तकनीकी स्तर की वार्ताएं शुरू होंगी। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने भी रविवार को हस्ताक्षर समारोह की योजना होने की पुष्टि की है, हालांकि अधिक जानकारी साझा नहीं की गई। पाकिस्तानी अधिकारियों के मुताबिक, समझौते के बाद लगभग 60 दिनों तक तकनीकी स्तर की बातचीत चलेगी, जिसका मुख्य फोकस ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर रहेगा।
 

ईरान ने कहा- अभी तारीख तय नहीं

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि समझौते पर हस्ताक्षर की सटीक तारीख का इंतजार करना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि रविवार को समझौते पर हस्ताक्षर नहीं होंगे, लेकिन आने वाले दिनों में ऐसा संभव है।
 
बघाई ने कहा कि दूसरी तरफ की असंगत नीतियों को देखते हुए इस प्रक्रिया पर टिप्पणी करते समय सावधानी बरतना जरूरी है। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है और समझौते की संभावना पहले से अधिक मजबूत है।
 

ट्रंप बोले- रविवार को होगा समझौता

 
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि समझौते पर रविवार को हस्ताक्षर होंगे और इसके तुरंत बाद रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य सभी देशों के लिए खोल दिया जाएगा। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा कि समझौते के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह खुल जाएगा। हालांकि उन्होंने टोल शुल्क और भविष्य के प्रशासनिक नियंत्रण जैसे मुद्दों पर कोई जानकारी नहीं दी।
 

होर्मुज जलडमरूमध्य बना सबसे बड़ा विवाद

वार्ता में सबसे विवादित मुद्दा होर्मुज जलडमरूमध्य का नियंत्रण बना हुआ है। युद्ध के शुरुआती चरण से ही ईरान ने इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर नियंत्रण स्थापित कर रखा है और जहाजों के आवागमन के लिए अपनी सेना की अनुमति अनिवार्य कर दी है। दुनिया के तेल और गैस निर्यात का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से होकर गुजरता है। ईरान का कहना है कि वह इस रणनीतिक जलमार्ग पर अपना नियंत्रण बनाए रखेगा, जबकि अमेरिका इसे स्वीकार करने को तैयार नहीं है।
 
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने दावा किया कि शनिवार को ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाने के लिए कई ड्रोन भेजे, जिन्हें अमेरिकी सेना ने मार गिराया।
 

प्रस्तावित समझौते में क्या है?

 
रिपोर्टों के अनुसार, प्रस्तावित समझौते के तहत अमेरिका ईरान की जमी हुई अरबों डॉलर की संपत्तियों को जारी करने और ईरानी तेल निर्यात पर लगे कुछ प्रतिबंधों में ढील देने पर विचार कर सकता है। इसके बदले ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलना होगा। साथ ही 60 दिनों तक परमाणु कार्यक्रम को लेकर विस्तृत वार्ता जारी रहेगी।
 
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, अंतिम लक्ष्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम को समाप्त करना, उच्च संवर्धित यूरेनियम के भंडार को नष्ट करना और एक दीर्घकालिक निरीक्षण व्यवस्था लागू करना है, जिससे समझौते के पालन की निगरानी की जा सके।
 
रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि ईरान को युद्ध क्षतिपूर्ति और मिसाइल कार्यक्रम से जुड़े कुछ पुराने अमेरिकी प्रतिबंधों में राहत जैसे मुद्दों पर चर्चा हो सकती है, हालांकि अमेरिकी अधिकारियों ने इन दावों का खंडन किया है।
 
कुल मिलाकर, अमेरिका और ईरान के बीच महीनों से चल रही बातचीत अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। हालांकि समझौते की समयसीमा को लेकर मतभेद बने हुए हैं, लेकिन दोनों पक्षों के हालिया बयान इस बात का संकेत देते हैं कि लंबे समय से जारी तनाव समाप्त होने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।  Edited by : Sudhir Sharma
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